राजनीति विज्ञान की परिभाषा और अर्थ - Definition and meaning of political science
राजनीति विज्ञान की परिभाषा और अर्थ - Definition and meaning of political science
इतिहास और राजनीति विज्ञान के संबंधों को जानने से पहले हमें सर्वप्रथम यह जानना होगा कि राजनीति विज्ञान क्या है? इस संबंध में विभिन्न विचारकों के भिन्न भिन्न मत है।
राजनीति विज्ञान का अर्थ
राजनीति का पर्यायवाची अंग्रेजी शब्द पॉलिटिक्स (Politics) यूनानी भाषा के Polis' शब्द से बना है, जिसका तात्पर्य उस भाषा में नगर अथवा राज्य होता है। उस समय यूनान छोटे छोटे नगर राज्यों में विभाजित था और इसी कारण यूनान के लोग नगर तथा राज्य में कोई अंतर नहीं समझते थे। कालांतर में राज्य का स्वरूप बदला और आज इन राज्यों का स्थान राष्ट्रीय राज्यों में ले लिया है। अत: राज्य के इस विकसित और विस्तृत स्वरूप का अध्ययन जिस विषय के अंतर्गत किया गया उसे राजनीति विज्ञान कहा जाने लगा। किंतु सीले ( Scley) और स्टीफन लीकाक आदि विद्वानों ने सरकार के अध्ययन को राजनीति विज्ञान की संज्ञा दी।
इसके विपरीत लिस्ट (Gilehrist) महोदव ने राजनीति विज्ञान की परिभाषा देते हुए कहा है राजनीति विज्ञान राज्य और सरकार की सामान्य समस्याओं का अध्ययन करता है।"
लेकिन उपरोक्त परिभाषाएँ मानवीय पक्ष की अवहेलना के कारण अपूर्ण नजर आती है, क्योंकि कोई भी समाजविज्ञान मानवीयत के अध्ययन के बिना पूरा हो सकता। फिर राजनीति विज्ञान में तो राज्य और सरकार का विस्तृत अध्ययन इसलिए किया जाता है, क्योंकि ये संस्थाएं मानवीय जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती है। एनसाइक्लोपेडिया ऑफ सोशल साइंसेज में हरमन हेलेट ने तो यहाँ तक कहा है कि राजनीति विज्ञान के संपूर्ण स्वरूप का निर्धारण उसकी मानव विषयक मौलिक मान्यताओं द्वारा ही होता है। "
राजनीति विज्ञान की तर्क संगत परिभाषा देते हुए यह कहा जा सकता है कि राजनीति विज्ञान समाज विज्ञान का यह आग है, जिसमें मानवीय जीवन के राजनैतिक पक्ष से संबंधित संस्थाओं राज्य सरकार तथा अन्य संगठनों का अध्ययन किया जाता है|
द्वितीय महावुद्ध के बाद ज्ञान के क्षेत्र में नवीन दृष्टिकोणों का प्रादुर्भाव हुआ फलस्वरूप राजनीति विज्ञान की परिभाषा में इस परंपरागत स्वरूप को अस्वीकार किया जाने लगा। इन वर्षों में यह स्वीकार किया जाने लगा कि मानव जीवन के विविध पक्षों (राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक को एक-दूसरे से विभक्त नहीं किया जा सकता। अतः राजनीति विज्ञान को ऐसा विषय नहीं समझना चाहिए जो केवल मनुष्य की राजनैतिक गतिविधियों का ही अध्ययन करता है, अपितु यह कहना उचित प्रतीत होता है कि राजनीति विज्ञान मुख्यतः व्यक्ति के राजनैतिक क्रियाकलापों तथा इसके संदर्भ में मानव जीवन के धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक तथा अन्य पक्षों का अध्ययन करता है।
राजनीति विज्ञान की परंपरागत और आधुनिक परिभाषाओं में समन्वयवादी दृष्टिकोण अपना हुए पिनांक और स्मिय महोद लिखते हैं इस प्रकार राजनीति विज्ञान किसी भी समाज में उन सभी शक्तियों, संस्थाओं तथा संगठनात्मक ढाँचों से संबंधित होता है जिन्हें उस समाज की व्यवस्था की स्थापना और संधारण अपने सदस्यों के अन्य सामूहिक कार्यों के संपादन तथा उनके मतभेदों का समाधान करने के लिए सर्वाधिक अंतर्भाबी (Inclusive) और अंतिम माना जाता है।"
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