सामाजिक स्तरीकरण के स्वरूप - forms of social stratification

 सामाजिक स्तरीकरण के स्वरूप - forms of social stratification


यद्यपि सामाजिक स्तरीकरण एक सार्वभौमिक व्यवस्था है। परंतु इसका स्वरूप प्रत्येक समाज में एक समान नहीं है। सामाजिक मान्यता के अनुसार उस में भिन्नता देखी जा सकती है। लेकिन सामाजिक स्तरीकरण के रूपों को मोटे तौर पर दो स्वरूपों के अंतर्गत सम्मिलित किया जाता है। यह निम्न इस प्रकार हैं- 


1. बंद स्तरीकरण (Closed Stratification) 


बंद स्तरीकरण वह व्यवस्था है जिस में व्यक्ति की स्थिति का निर्धारण जन्म के आधार पर होता है। साथ ही इसमें किसी प्रकार की गतिशीलता नहीं पाई जाती है। इस व्यवस्था के अनुसार जन्म से व्यक्ति के कार्य, हैसियत एवं सुविधा और असुविधा का निर्धारण हो जाता है। इस प्रकार के स्तरीकरण का सर्वोत्तम उदाहरण जाति व्यवस्था है। व्यक्ति की जाति का निर्धारण जन्म से होता है। लेकिन एक जाति की हैसियत एवं स्थिति दूसरी जाति की तुलना में ऊंची या नीची होती हैं। जैसे ब्राम्हण की स्थिति पर है शूद्र की सबसे नीचे है। इन दो छोरों के बीच अनेक जातियों एवं जातियां हैं। फिर इनकी स्थिति में परिवर्तन संभव नहीं है। इसलिए जाति को बंद वर्ग के रूप में पोस्ट किया जाता है। बंद स्तरीकरण को जातिगत स्तरीकरण के नाम से जाना जाता है।


2. खुला स्तरीकरण (Open Stratification) 


खुला स्तरीकरण वह स्तरीकरण है जिस में व्यक्ति की स्थिति का निर्धारण उनकी योग्यता, क्षमता कार्यकुशलता के आधार पर होता है। गतिशीलता ऐसे स्तरीकरण प्रमुख विशेषता है। इस व्यवस्था के अनुसार व्यक्ति अपने प्रयत्न के द्वारा ऊंचे या निम्न स्थिति प्राप्त कर सकता है। साथ ही एक बार जो स्थिति प्राप्त होगी, आवश्यक नहीं कि वह स्थिति बनी ही रहे। उसमें परिवर्तन संभव है। ऐसे स्तरीकरण का सर्वोत्तम उदाहरण वर्ग व्यवस्था है। वर्ग का आधार कर्म होता है। कर्म से व्यक्ति एक उद्योगपति, मजदूर, प्राध्यापक एवं छात्र हो सकता है। इसी के अनुसार व्यक्ति का वर्ग निर्धारित होता है। साथ ही वर्ग खुला समूह है। व्यक्ति अपने वर्ग की सदस्यता बदल सकता है। जन्म के साथ व्यक्ति को अपने परिवार की वर्ग स्थिति प्राप्त होती है। लेकिन अपनी योग्यता व क्षमता के आधार पर अपनी हैसियत में वृद्धि कर सकता है। इस प्रकार वर्ग व्यवस्था के अंतर्गत उच्च समूह से निम्न समूह, निम्न से उच्च समूह तक पहुंचना संभव है। लिए कुछ लोग खुला स्तरीकरण को वर्ग गज स्तरीकरण भी कहते हैं।