सहसंबंध , सहसंबंध की परिभाषा - definition of correlation
सहसंबंध , सहसंबंध की परिभाषा - definition of correlation
साधारणत: दो घटनाओं या चर के परस्पर संबंध की सार्थकता का अध्ययन शोधकार्य में महत्वपूर्ण होता है। प्राय: यह देखा गया है कि जो विद्यार्थी गणित में अच्छा होता है वह विज्ञान विषय में भी अच्छा होता है। यह गणित तथा विज्ञान में सहसंबंध की ओर संकेत करता है। सांख्यिकी में इस प्रकार के संबंधों को प्रकट करने के लिए सहसंबंध (Correlation ) मानों की गणना की जाती है। सहसंबंध एक ही समूह के दो चरों के बीच संबंध को प्रकट करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है।
सहसंबंध की परिभाषा (Definition of Correlation)
जब एक चर का मान बढ़ने पर दूसरे चर के मान में भी वृद्धि हो तथा एक चर के घटने पर दूसरा चर भी घटे अथवा एक चर का मान बढ़ने पर दूसरे के मान में कमी हो तथा चर का मान घटने पर दूसरे के मान में वृद्धि हो तो दोनों चरों में सहसंबंध होता है।
सहसंबंध दो प्रकार के होते हैं-
(1) धनात्मक सहसंबंध (Positive Correlation )
जब एक चर का मान बढ़ने पर दूसरे चर के मान में बृद्धि होती है अथवा एक चर का मान घटने पर दूसरा भी घटता है तब चरों के इस प्रकार के संबंध को धनात्मक सहसंबंध कहते हैं। इनकी दिशा एक ही ओर रहती है।
(2) ऋणात्मक सहसंबंध (Negative Correlation)
जब एक चर का मान बढ़ने पर दूसरे में कमी हो अथवा एक चर का मान घटने पर दूसरे चर में वृद्धि हो तो इस प्रकार के सहसंबंध को ऋणात्मक सहसंबंध कहते हैं।
इनकी दिशा विपरीत होती है।
जब एक चर के मान में वृद्धि होने पर दूसरे चर के मान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है तो दोनों चरों के बीच सहसंबंध को शून्य सहसंबंध कहा जाता है।
सहसंबंध की सीमा व प्रकार को जानने के लिए सहसंबंध गुणांक की गणना की जाती है। सहसंबंध गुणांक एक आनुपातिक संख्या होती है जिसका मान - 1.00 से लेकर + 1.00 के बीच होता है। सहसंबंध गुणांक जितना अधिक होता है दो चरों के बीच सहसंबंध उतना ही अधिक पुष्ट होता है।
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