आत्महत्या से अच्छा है, समस्या की हत्या।
मेरे भाईयो, बहनो,साथियो,नौजवानों, शोदार्थीयो,विधार्थियो और इस दुनिया की आधार इकाई किसान भाइयो आप ऐसा क्यों कर हो?
क्यों आत्महत्या?
अगर आपको लगता है आप कुछ नहीं कर सकते हो, और आप ये सोच के अपनी ही हत्या कर रहे हो, क्या इससे समस्याओ का समाधान हो पायेगा?
इससे तो आप अपने दोस्त,परिवार, देश के युवाओ का होसला तोड़ रहे हो।
अगर कुछ करना ही है तो हम सब एक होकर लड़ेंगे, नहीं तो अगर मारना ही है,तो क्यों न आप जिस कारण से मर रहे हो उस कारण को मार कर मरो। कम से कम एक सन्देश तो जाये पुरे देश मे की अगर मानवता का गाला घोटोगे तो हम तो मरेंगे ही साथ मे तुम्हे भी मार देंगे।
अगर जातिवाद, उत्पीड़न, या किसी भी अन्य प्रकार से हमें पड़तारित किया गया तो इसका हर्जाना तुम्हे अपनी जान देकर चुकाना होगा।
ऐसा अगर किसी व्यक्ति ने भी कर दिया जो आत्महत्या करना चाहता है, की वो मरने से पहले चुन चुन के बागियों की तरह उन सभी को मार गिराये जिसने उसे लाचार बनाया और फिर सूली चढ़ जाये।
तो अगले ही क्षण से इस देश की सूरत बदलेगी।
अगर आग लगी ही है, और आग बुझा नहीं सकते हो तो जलने से पहले आगा लगाने वाले को तो कम से कम खत्म कर दो, जिससे समाज मे ये सन्देश जाये की हम सब एक है। अगर एकता मंजूर नहीं तो हम आत्महत्या नहीं तुम्हारी हत्या करेंगे।
जनहित मे जारी
©©©गौरव कुमार
वार्तालाप में शामिल हों