फ़िल्म- राजा रानी की समीक्षा।

फिल्म राजा- रानी की समीक्षा।
Directed by Atlee
Produced by AR Murugadoss
S. ShanmugamWritten by AtleeStarringArya
Nayantara Jai
Nazriya Nazim Sathyaraj
Music by G. V. Prakash Kumar
Cinematography George C. Williams
Edited byAnthony L. Ruben
Distributed byFox Star Studios
Release date- 27 September 2013
यह कहानी चार प्यार करने वाले प्रेमी प्रेमिकाओं पर आधारित है।
राजू नाम का एक इंसान रोजमर्रा की जिंदगी की तरह नए साल का जश्न मना रहा था। तभी उसे एक लड़की दिखी पार्टी के दौरान, जिसे देखकर उसे लगा की मेरी जीवन संगनी ऐसी ही लड़की होगी। फिर उसने देखा की लड़की के हाथ मे बियर की बोत्तल है, तब उसने अपना मन बदल लिया। और कहने लगा नहीं ऐसी बिलकुल नहीं होगी। जरासल जब राजू ने रेजिना को देखा था, तब वो अपने पिता के साथ गाड़ी मे जा रही थी, और बियर उसके पिता पी रहे थे। ये बात मैं आपकी जानकारी के लिए बता रहा हु, की बियर उनके पिता पि रहे थे, बियर रेजिना के पापा न पिए इसलिए उसने बोतल अपने हाथ मे लिया था फेकने के लिए, तभी राजू ने उसे दूर से देखा था।

यहाँ तक तो सब ठीक ठाक है, पर ट्विस्ट तो कहानी मे अब आता है। रेजिना अभी एक स्टूडेंट है और कॉलेज मे अपनी पढाई पूरी कर रही है। और उसके पापा बड़े बिज़नस मेन है। रेजिना रोज की तरह क्लास में लेक्चर सुन रही थी, तभी उसे एक फ़ोन कॉल आता है। ये एक रॉंग नंबर रहता है। परंतु क्लास मे फ़ोन पे बात करते दौरान लेक्चरर उसे देख लेता है और क्लास से बहार निकाल देता है। तभी वो क्लास से बाहर आकर जो कॉल आया था उसे बात करने के लिए कॉल करती है, तो बैलेंस जीरो बताता है। यहाँ इतिफाक देखिये रेजिना ने कल ही बिल पेड किया था पर बिल क्लियर नहीं हुआ था,तो वो कस्टमर केअर को काल करती है,शिकायत के लिए। और कस्टोमेर केअर के रूप मे कॉल कनेक्ट होता है, राजू के पास। ये जो राजू है न वो कॉल सेंटर मे जॉब करता है। तो अब रेजिना शिकायत कर रही है राजू से बिल के बारे मे। रेजिना का बहुत गुस्सा आ रहा था टेलिकॉम कंपनी पे। और गुस्से मे रेजिना ने राजू को बहुत सुनाया। राजू  बहुत ही शरीफ आदमी था और कॉल सेंटर कल हो ज्वाइन किया था।

वो उसकी बातो को सुनकर एमोशनल हो गया और रेजिना का बिल खुद उसने पेड कर दिया।  बिल तो पेड हो गया, पर रेजिना को अगले दिन मालूम चला की बिल दुकानदार ने पेड नहीं किया था। बिल वो जो कस्टमर केअर ने कहा था की मैं पेड कर दूंगा 2 घंटे मे उसने किया है, तब रेजिना को अहसास हुआ की उससे मिलके उसे थैंक्यू कहना चाहना। तो शाम को राजू से मिलने गयी। और राजू ठहरा बहुत ही शर्मीला आदमी। वो पहले अपने दोस्त को भेज दिया मिलने।फिर बाद मे दोनों मिलते है,और बात आगे बढ़ती है। और दोनों मे धीरे धीरे नजदीकियां बढ़ती है, तो दोनों शादी करना चाहते है। अब बात आई घरवालो को मानाने की।

रेजिना के पापा को कोई ऐतराज नहीं था पर राजू के पापा ठहरे पुलिवाले,वो इस शादी को मंजूरी नहीं दे रहे थे,क्योकि वो तहरे हिन्दू और रेजिना थी क्रिस्चियन तो अब बात यहाँ आकर फस जाती है? फिर रेजिना राजू और रेजिना के पापा मिलकर प्लान बनाते है,की कोर्ट मैरेज कर लो। और अब प्लान के अनुसार दोनों मैरेज के लिए कोर्ट मे मिलने वाले थे। रेजिना सुबह के 9 बजे ही कोर्ट पहुँच गयी थी और राजू का इंतजार कर रही थी।लेकिन सुबह से शाम हो गयी थी,पर राजू का कोई अता पता नहीं था। तो रेजिना और उसके पापा राजू के घर गए, पर राजू घर मे नहीं था घर मे उसके सिर्फ पापा ही थे। उनसे रेजिना ने रिक्वेस्ट की राजू कहा है बता दीजिये। तब उन्होंने बतया की राजू usa चला गया है।
Usa वाली बात जरासल रेजिना को पता थी,की उसे 2 साल के लिए usa जाना था ट्रेनिंग के लिए और दोनों ने प्लान भी किया था,की शादी के हम usa जायेगे। पर  राजू ने अचानक रेजिना को छोड़कर usa चला गया।

और रेजिना को लगने लगा की राजू ने उसे धोका दिया है। फिर कुछ दिनों बाद राजू के एक दोस्त ने रेजिना को काल किया की राजू ने usa मे सुसाइड कर लिया है। तब रेजिना अपना आपा और खो बैठी और मानो फिर जैसे आसु की नदिया बहने लगी दर्द ही दर्द। ये सब देख कर अपनी बेटी के इस दर्द की रेजिना के पापा बरदास न कर सके और उन्हें पहला हार्ट अटैक आ गया। धीरे धीरे समय बीतता गया और फिर तीन साल बाद।
रेजिना के पापा चाहते थे की रेजिना शादी कर ले, वो राजू को भूल न पा रही थी। पर अपने पापा की ख़ुशी के लिए उसने शादी के लिए हा कर दी।
रेजिना की शादी अब एक अच्छे लड़के जॉन के साथ कर दी गयी। जॉन एक कार शोरूम मे अच्छे पोस्ट पे जॉब करता था।
शादी तो हो गयी, पर अब कहानी मे एक बड़ी ट्विस्ट तो बाकि है।
जॉन और रेजिना दोनों ने शादी मज़बूरी मे अपने घरवालो की ख़ुशी के लिए की थी। ये शादी दोनों के लिए समझोता था। शादी के बाद दोनों मे से कोई खुश नहीं था। जॉन रोज रात को शराब पि कर आता था।और रात भर tv तेज आवाज मे देखता था। हर रोज रेजिना घुट रही थी,जॉन के इस रवैये से। हर रात सोते समय वो बहुत रोती। पर जॉन पर कोई असर न पड़ता।वो और आवाज टीवी की तेज कर देता। एक दिन अचानक रेजिना रात को रोते रोते बेहोश हो गयी और उसके मुह से झाग निकलने लगा,और हाथ पैर जोड़ जोड़ से फेकने लगी। जॉन ने ये सब देखकर तुरंत रेजिना को हॉस्पिटल ले गया और उसे एडमिट कराया। पर जॉन तो खुद पूरे नशे मे था। जब रिसेप्शन मे रेजिना का नाम और उम्र आदि पूछा जा रहा था, तो जॉन कुछ भी बताने के हालात मे नहीं था। फिर कुछ देर बाद वो अपने मुह पे बाहर जाकर सोडा वाटर के छीटे मारता है,तो उसे थोडा होश आता है,और वो मेरी सब कुछ बताता है।

ये वारदात कही न कही एक कड़ी बनती है,दोनों को करीब लाने मे। ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर ने जॉन को रेजिना का पूरा ध्यान रखने के लिये कहा था। जॉन ने उसे बखूबी निभाया। इसी दौरान जॉन ने रेजिना से उसके इस बीमारी के बारे मे पूछा की ये कैसे और कब से?
तब रेजिना ने कहा राजू.....।
और अपने अतीत की अधूरी प्रेमकहानी की दस्ता सुनाई। तब से जॉन रेजिना को पूरी तरह से अपनी जिम्मेवारी के रूप मे मन ही मन स्वीकार कर लेता है। लेकिन रेजिना ऐसा नहीं कर पाती है। तबयित ठीक होने के बाद वो जॉन के द्वारा उसका ख्याल रखा जाना उसे गवारा न हुआ और उसने जॉन को बहुत कुछ सुना दिया की ,तुम मुझसे दूर रहो।नजदिक आने की कोशिश भी मत करना। जॉन उस फिर एक बार रोया। और उसे देखकर जॉन के दोस्त ने उससे पूछा यार पिछली बार तुमने कब रोया था। जॉन ने उसके बात को टाल दिया। फिर वो रात को अपने दोस्त के पिने लगा शराब।जॉन का ये दोस्त उसके बचपन से ही साथ रहा है। और जॉन के बारे मे सबकुछ जनता है। शराब पिने के बाद जॉन वही अपने दोस्त के पास ही सो गया।
उसके सोने के बाद जॉन को लेके उसका दोस्त जॉन के घर गया। और रेजिना को बहुत कुछ सुनाया। और कहा की मेरा दोस्त इससे पहले कब और क्यों रोया है,मैं जनता हूँ। तुम क्या समझोगी उसके दर्द को।। वो क्यों हर रात इतना शराब पिता है,इसके पीछे वो किस दर्द को छिपाना चाहता है?
मैं तुम्हे बताता हूँ।

जॉन और कृतिका दोनों पहली बार इतिफाक से पहली बार मिले थे। कृतिका जॉन की पहली मोहब्बत थी। दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे। और दोनों शादी भी करने वाले थे। सब कुछ बहुत ही अच्छा चल रहा था। और दोनों काफी खुश थे। पर एक दिन वो हुआ जिसकी कल्पना किसी ने न की थी। जॉन और कृतिका दोनों बाइक से घूम रहे थे, और रस्ते मे कृतिका को आइस क्रीम वाला दिखा, और उसे आइस क्रीम खाने की इच्छा हुई। और उसने जॉन को गाड़ी रोकने के लिए कही। और वो दोनों रस्ते के किनारे मे रुक गए। तभी जॉन को एक काल आता है उसके दोस्त का और उससे बात करने लगता है, और कृतिका आइस क्रीम लेने के लिए चली जाती है। आइस क्रीम लेकर कृतिका ख़ुशी मे झूमते हुए रोड क्रोस करने लगी,और आय देखा न बाय चलने लगी। तब सामने से आती हुई गाड़ी ने कृतिका को टक्कर मार दी। फिर क्या था,सब कुछ वहा सुन्न सा हो गया। टक्कर के बाद कृतिका के सर मे काफी गहरा चोट लगा था ,और वो ओन स्पॉट हो अपना दम जॉन के गोद मे ही तोड़ दी।

और जॉन कुछ न कर सका। बस मूरत कि तरह तमाशा देखता रह गया। कृतिका के चले जाने के गम के सदमे से निकलने मे जॉन को चार साल लग गयी थी। और फिर आगे की कहानी तो पता ही है, की जॉन और रेजिना की शादी होती है। और अब जॉन और रेजिना दोनों ही एक दूसरे के अतीत से परिचित हो गए थे। और अब रेजिना भी सोचा की जब जॉन सब कुछ भुला कर नई जिंदगी की शुरुआत करना चाहता है,तो अब मुझे भी अतीत को भूल नई जिंदगी की शुरुआत करनी चाहिये। पर रेजिना के जॉन को सुनाये जाने पर जॉन ने रेजिना से फिर दुरी बना ली थी। और कुछ मिस understading के वजह से दोनों में दुरिया फिर बढ़ गयी। और रेजिना ने जॉब के लिए पहले ही प्रपोजल दे राखी थी कही दूर विदेश मे जॉब् करने के लिए। और अब ये सब होने के समय ही रेजिना का प्रपोजल एक्सेप्ट हो जाता है। और वो अब विदेश जाने की तयारी करने लगती है। और अगले ही दिन विदेश के लिए निकल जाती है। पर यहाँ पे अब वो होता है जिससे सब कुछ ठीक हो जाता है। रेजिना ने अपनी तरफ से सब कुछ ठीक करने के लिए जॉन के बर्थडे की तयारी करती है। और उसके बर्थडे मे सबको invite करती है,और उसी दिन जॉन को एक गिफ्ट देती है,और कहती है,की इसे अकेले मे खोलना। पर जॉन उसे अभी तक खोला था, जब तक रेजिना एअरपोर्ट के लिए नहीं निकली थी। उसके एअरपोर्ट जाने के बाद जॉन उस गिफ्ट को खोलता है। और उस गिफ्ट मे ये लिखा था की मैं सब कुछ भूल कर नयी शरुआत करनी चाहती हु।

ये पढ़ कर एक पल के लिए जॉन सुन्न पड़ गया था। फिर जॉन जल्द से जल्द एअरपोर्ट के लिए निकलता है और फिर हर फ़िल्म की तरह इस फ़िल्म किं भी हैप्पी एंडिंग होती है। दोनों मिल जाते है और अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करते है

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लेखक©©©गौरव कुमार