समूह निर्माण को प्रभावित करने वाले कारक - Factors affecting group formation.
समूह निर्माण को प्रभावित करने वाले कारक - Factors affecting group formation
हम सभी एक ही समय में विभिन्न प्रकार के
समूहों के सदस्य होते है जैसे- परिवार के, मित्रमंडली,
कार्य संगठनों के, धार्मिक संस्थाओं के
इत्यादि। प्रत्येक समूह के अपने अलग-अलग कार्य एवं उद्देश्य होते है। हम अपने-अपने
हितों की पूर्ति के लिए समूह से जुड़ते हैं। समूह कार्य प्रक्रिया में जब सदस्य
भाग लेता है तो वह भी इन्हीं संस्थाओं के माध्यम से समूह का सदस्य बनने आता है कई
ऐसे कारक होते है, जो एक व्यापक किस्म के समूहों में प्रवेश
करने और बने रहने के हमारे निर्णय को प्रभावित करते है ये प्रकार निम्नानुसार के
हो सकते है-
ü समूह के सदस्यों के प्रति कार्यकर्ता
का विशेष आकर्षण।
ü समूह की गतिविधियां।
ü लक्ष्य तथा कार्य समूहों के साथ
जुड़ना।
ü समूह के बाहर की आवश्यकताओं एवं
लक्ष्यों को प्राप्त करना।
इसके अतिरिक्त कुछ अन्य कारक भी है जो समूह को प्रभावित करते है जैसे- कार्यात्मक विभाग, शारीरिक गतिविधियाँ, बौद्धिक प्रयास, भावनात्मक आवश्यकताएँ या संरक्षण, और मित्रता बनाना। विल्सरन तथा रीलांड (1949) ने विभिन्न कारकों पर प्रकाश डाला है -‘‘प्रत्येक सामाजिक कार्यकर्ता जो समूहों के साथ कार्य करता है, उन्हें इन कारकों की जानकारी रखना अत्यन्त आवश्यक है समूह का आकार, स्थापना-अभिकरण तथा समुदाय जिसमें समूह स्थापित करना है, सदस्यों का व्यक्तित्व, उनकी सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि तथा अभिकरण और समुदाय में इस समूह से दूसरे समूहों के संबंध इत्यादि ये सब प्रमुख कारक हो सकते है जिन्हें कार्यकर्ता को कार्य के दौरान ध्यान में रखना चाहिए।
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