वैयक्तिक समाज कार्य की मौलिक मान्यतायें - Basic Assumptions Of Social Case Work
वैयक्तिक समाज कार्य की मौलिकमान्यतायें
वैयक्तिक समाज कार्य की मौलिकमान्यतायें
वैयक्तिक समाज कार्य का मूल मानवतावादी दर्शन एवं जन कल्याण की भावना पर आधारित है। यह ऐसी सहायता है जो व्यक्ति की आन्तरिक एवं वाह्य समस्याओं का पता लगाकर उसे समायोजन एवं दृढ़ता प्रदान करती है जिससे कि व्यक्ति स्वयं अपनी समस्याओं का समाधान कर सके। वैयक्तिक समाज कार्य की मान्यताओं के सन्दर्भ में कुछ प्रमुख विद्वानों द्वारा प्रदत्त मान्यतायें निम्नलिखित है: हैमिल्टन के अनुसार वैयक्तिक समाज कार्य की मान्यतायें:
1. व्यक्ति और समाज में पारस्परिक निर्भरता होती है।
2. सामाजिक शक्तियों क्रियाशील रहते हुए व्यक्ति में व्यवहार तथा दृष्टिकोण में अपेक्षित परिवर्तन लाकर उसे आत्मविकास का अवसर प्रदान करती हैं।
3. वैयक्तिक समाज कार्य से सम्बन्ध रखने वाली अधिकांश समस्यायें अन्तर्वैयक्तिक होती है।
4. अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए सेवार्थी की भूमिका उत्तरदायित्वपूर्ण होती है।
5. वैयक्तिक समाज कार्य की प्रक्रिया के दौरान कार्यकर्ता तथा सेवार्थी के बीच समस्याओं के निराकरण एवं आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए चेतन तथा नियन्त्रित सम्बन्ध होता है।

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