वैयक्तिक समाज कार्य का विषय क्षेत्र - Field Of Social Case Work.

  
वैयक्तिक समाज कार्य का प्रत्येक उस क्षेत्र में प्रयोग किया जा सकता है जिसमें व्यक्तियों को समायोजन की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो। कुछ क्षेत्र जिनमें वैयक्तिक समाज कार्य का विशेष प्रकार से प्रयोग होता है इस प्रकार हैं : 

1. परिवार कल्याण इस क्षेत्र में वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग परिवार के सदस्यों की समायोजन सम्बन्धी समस्याओं अर्थात् उनकी स्थिति एवं भूमिकाओं से सम्बन्धित समस्याओं, के समाधान के लिये किया जाता है। इस क्षेत्र में यद्यपि समाजकार्य की अन्य प्रणालियों का भी प्रयोग होता है तथापि मुख्य रूप से वैयक्तिक समाज कार्य का ही प्रयोग होता है। 

2. बाल अपराध या अपराध  इस क्षेत्र में बाल अपराधियों या अपराधियों के सुधार के लिए वैयक्तिक समाज  कार्य प्रणाली का प्रयोग किया जाता है, अपराधी के साथ वैयक्तिक व्यवसायिक सम्बन्ध स्थापित करके कार्यकर्ता उसकी समस्या का वैज्ञानिक अध्ययन करता है और अपने ज्ञान निपुणता एवं अनुभव के आधार पर उसके व्यवहार में परिवर्तन लाने का प्रयास करता हैं। 

3. चिकित्सालयों में समाजकार्य  वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग चिकित्सालयों में रोगियों की समायोजन सम्बन्धी समस्याओं के समाधान के लिये किया जाता है। देखा गया है कि बहुत से शारीरिक रोग संवेगात्मक एवं मानसिक कारणों से उत्पन्न होते हैं। इसके अतिरिक्त शारीरिक रोग के परिणामस्वरूप भी अनेक मानसिक एवं संवेगात्मक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। विशेष प्रकार से रोगी को समायोजन बनाए रखने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। फिर रोगी और चिकित्सालय पद्धति में समायोजन और चिकित्सा के उपरान्त रोगी के पुनर्वास की समस्याएं भी होती हैं। इन सब समस्याओं को सुलझाने के लिए वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग किया जाता हैं। चिकित्सालयों में रोगियों के साथ जब वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग होता है तो उसे भैषजिक समाजकार्य (मेडिकल सोशल वर्क) कहते हैं। 

4. मानसिक रोग चिकित्सा मानसिक रोगों की चिकित्सा में भी वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग किया जाता हैं। आधुनिक विज्ञानों ने सिद्ध कर दिया है कि बहुधा मानसिक विचलन का कारण सामाजिक समायोजन का अभाव है। इसके अतिरिक्त मानसिक संघर्ष एवं संवेगात्मक कारकों के कारण भी मानसिक विचलन उत्पन्न होता है। मुख्य समस्या रोगी को वास्तविकता का ज्ञान प्राप्त कराना है और इस सम्बन्ध में वैयक्तिक समाज कार्य बड़ा उपयोगी सिद्ध हुआ हैं। औषधियों के साथ-साथ जब मनोवैज्ञानिक परामर्श, संवेगात्मक सहारा, एवं अहं सम्बन्धी सहायता मिलती है तभी समस्या का स्थाई रूप से समाधान होता है। 

5. शिशु कल्याण शिशु कल्याण के क्षेत्र में भी वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग किया जाता है। अनाथ बच्चों के दत्तक ग्रहण या उनके लिये पालनगृह ढूंढ़ने में या उन्हें संस्थाओं अर्थात् आश्रमों आदि में रखने के सम्बन्ध मे वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग किया जाता है। इन सब परिस्थितियों में बच्चे और उसके पर्यावरण में समायोजन की समस्या होती है। वैयक्तिक समाज कार्य इन समस्याओं को सुलझाने में एक विशेषज्ञ सेवा का रूप रखता हैं।  

6. श्रम कल्याण श्रम कल्याण के क्षेत्र में भी वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग औद्योगिक परामर्श के रूप मे किया जाता है। श्रमिकों की अभ्यन्तर वैयक्तिक समस्याओं को सुलझाना उनकी उत्पादन शक्ति एवं उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिये अनिवार्य हैं। बहुधा औद्योगिक झगड़े श्रमिकों के असामंजस्य के कारण होते हैं।  अतः वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग औद्योगिक परामर्श के रूप में किया जाता है।  इन क्षेत्रों के अतिरिक्त वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग किसी भी ऐसे क्षेत्र मे हो सकता है और होता है जहां वैयक्तिक असामंजस्य हो और जहां व्यक्ति को अपनी स्थिति एवं उससे सम्बन्धित भूमिकाओं के सम्पादन में कठिनाई का अनुभव हो रहा हो। इन दिनों परिवार कल्याण के क्षेत्र मे भी वैयक्तिक समाज कार्य का प्रयोग किया जा रहा है।