मूल्यांकन की आवश्यकता - Importance Of Evaluation.



मूल्यांकन की आवश्यकता -  

सुसंगठित तथा योजनाबद्ध मूल्यांकन से निम्नलिखित लाभ होते हैं :- 

1. मूल्यांकन से समस्या के महत्व का ज्ञान होता है । 

2. सेवार्थी की मनोशक्ति का पता चलता है ।  

3. अवरोधों एवं बाधाओं का पता चलता है ।  

4. सेवार्थी की इच्छा का ज्ञान होता है ।  

5. सेवा की उपयोगिता का आभास होता है । 

 6. सेवार्थी की क्षमताओं, शक्तियों, निपुणताओं, सम्बन्धों, साथ ही साथ कमियों, अक्षमताओं, दोषों तथा संघर्षो को जाना जाता है ।  

7. सेवार्थी को कहॉ तक सहायता की आवश्यकता है, जाना जाता है।  

8. निदान के परिमार्जन तथा चिकित्सा पद्धति में विकास करने का ज्ञान होता है ।  

9. वैयक्तिक सेवा कार्य के तरीकों एवं प्रविधियों की उपयुक्तता का ज्ञान होता है ।  

10. मूल्यांकन द्वारा नयी-नयी बातों का पता चलता है तथा नयी समस्यायें उभर कर सामने आती हैं । इससे चिकित्सा की नई-नई प्रविधियों का उपयोग किया जाता है ।            


 इस प्रकार उपर्लिखित विवेचना से स्पष्ट है कि सामाजिक वैयक्तिक सेवा कार्य के साथ-साथ मूल्यांकन का कार्य भी अति महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इससे निदान तथा चिकित्सा दोनां प्रक्रियाओं को लाभ पहुॅचता है । मूल्यांकन सदैव प्रयत्नों में वरीयता स्पष्ट करता है जिससे चिकित्सा कार्य सुचारू व व्यवस्थित रूप से सम्भव होता है ।