समाज कार्य में चिकित्सा का उद्देश्य - Objective Of Treatment In Social Work | Case Work | Group Work | Community Organization
मनो-सामाजिक समायोजन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य -सामाजिक विघटन को रोकना, शक्तियों को संकलित करना, सामाजिक क्रियाविधि को फिर से सामान्य बनाना, जीवन के अनुभवों को अधिक संतोषजनक तथा लाभ प्रदान करने वाले बनाना, अभिवृद्धि एवं विकास के अवसर उपलध कराना तथा आत्मनिर्देशन करने एवं सामाजिक अंशदान देने की क्षमता में वृद्धि करना होता है। आप्टेकर ने सामाजिक वैयक्तिक सेवा कार्य चिकित्सा के दो मुख्य उद्देश्य बताये हैं :-
1. वर्तमान जीवन परिस्थिति की प्राप्ति करने के लिए क्षमता तथा स्त्रोतो में गतिशीलता प्रदान करने में सहायता द्वारा सेवार्थी की वर्तमान शक्तियों को बनाये रखना अथवा उन्हें आलम्बन प्रदान करना ।
2. अपने विषय में, अपनी समस्या के विषय में और इनको उत्पन्न करने में स्वयं की भूमिका के सम्बन्ध में ज्ञान में वृद्धि करें, सेवार्थी की मनोवृत्तियों तथा व्यवहार के तरीको में परिवर्तन लाना ।
मनो-सामाजिक उद्देश्य की प्राप्ति हेतू निम्नलिखित प्रयास किए जाते हैं :-
1. वित्तीय सहायता की आपूर्ति के सुनिश्चित किए जाने अथवा बच्चो के रखे जाने अथवा विद्यालय के कार्यक्रमों में संसोधन किए जाने जैसे पर्यावरण में परिवर्तन द्वारा व्यक्ति की परिस्थिति में परिवर्तन किया जाता है अथवा सुधार लाया जाता है।
2. पर्यावरण में परिवर्तन अथवा प्रत्यक्ष साक्षात्कार सम्बन्धी उपचार द्वारा सामाजिक परिस्थिति के अन्तर्गत मनोवृत्तियों अथवा व्यवहार में परिवर्तन करके व्यक्ति की सहायता की जाती है ।
3. इन दोनों व्यक्ति की परिस्थिति में परिवर्तन तथा पर्यावरण में परिवर्तन का मिश्रित प्रयोग किया जाता है । कभी-कभी मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारिक समर्थन के माध्यम से परिस्थिति को और अधिक न बिगड़ने देने, और यथास्थिति को बनाये रखने का उद्देश्य निर्धारित किया जाता है। यह उल्लेखनीय है कि अन्य समूहों की सहायता से सामान्य आर्थिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों में सुधार लाने के उद्देश्य की ओर उन्मुख सामाजिक क्रिया समाज कार्यकर्ताओं का भी उत्तरदायित्व होती है किन्तु इस प्रकार की सामाजिक क्रिया वैयक्तिक कार्य प्रक्रिया का अंग नहीं होती क्योंकि इसके अन्तर्गत एवं विशिष्ट परिस्थिति में आन्तरिक एवं वाह्य शक्तियों के बीच संतुलन बनाये रखने का प्रयास किया जाता है ।
वैयक्तिक सेवा कार्यकर्ता का मूलतः उद्देश्य सेवार्थी की कठिनाइयों को दूर करना तथा व्यक्ति परिस्थिति व्यवस्था की अकार्यात्मकता में कमी करना या इसको सकारात्मक रूप में रखकर सेवार्थी की सुविधा, संतोष एवं आत्म अनुभूति में वृद्धि करना है इसके लिए अहं तथा व्यक्ति-परिस्थिति व्यवस्था की कार्यात्मकता की अनुकूलन निपुणताओं में वृद्धि की आवश्यकता हो सकती है । व्यक्ति या परिस्थिति या प्रायः दोनों में परिवर्तन की आवश्यकता हो सकती है ।

वार्तालाप में शामिल हों