स्वास्थ्य विकास सम्बन्धी कार्य - समुदायिक संगठन का कार्यक्षेत्र - SCOPE OF COMMUNITY ORGANIZATION.



स्वास्थ्य विकास सम्बन्धी कार्य

                मनुष्य को आत्मनिर्भर होने के लिये सामाजिक, मानसिक एवं बौद्धिक रुप से स्वस्थ होना आवष्यक है। अषिक्षित एवं पिछड़े सदस्यों में आज भी लोग स्वास्थ्य की ओर अधिक ध्यान नहीं देते है। वे आझा, फकीर एवं नीम-हकीमों के चक्कर में पड़े रहते है। अपने अज्ञान के कारण सामुदाकि सदस्य न तो व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर ध्यान देते है और न ही स्वस्थ वातावरण का निर्माण ही कर पाते है। एक स्वस्थ वातावरण के निर्माण के लिये कार्यकर्ता सदस्यों के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करता है।


स्वास्थ्य षिक्षा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में

         आज स्वतन्त्रता प्राप्ति के 41 वर्ष के बाद भी हमारी अधिकाधिक ग्रामीण एवं पिछड़े भू-भागों में निवास करने वाली जनसंख्या स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज्ञान-षून्य है।  सामुदायिक संगठन कार्यकर्ता अपने ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर समुदाय विषेष की स्वास्थ्य समस्या से सम्बन्धित पहलुओं का अध्ययन कर सदस्यांे का ध्यान अपनी ओर खीचता है। स्वास्थ्य सुरक्षा, विकास एवं कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं के विषय में लोगों का ज्ञानवर्धन करता है। स्वास्थ्य संबंधी पुरानी परम्पराओं एवं रुढ़ियों के प्रभाव से लोगो को मुक्त कराने तथा उपलब्ध विभिन्न आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित कराने का प्रयास करता है।



स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना के क्षेत्र में

         सामुदायिक संगठन कार्यकर्ता सामुदायिक सदस्यांे के सहयोग से स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना के लिये सम्बन्धित विभागों से सम्बन्ध स्थापित करता है। इससे आवष्यक स्वास्थ्य केन्द्रों के संस्थापन में सहायता मिलती है। समुदाय के धन सम्पन्न व्यक्तियों एवं उनके सामूहिक आर्थिक सहयोग से एकत्रित धन आवष्यक स्वास्थ्य केन्द्रों को बढ़ावा दिया जा सकता है।


शारीरिक एवं मानसिक रुप से अपंगो की देख-रेख में

              बहुधा सामुदायिक सदस्य अपनी अज्ञानता के कारण बच्चों में पनपने वाली शारीरिक एवं मानसिक विकृतियों को न ही समझ पाते है और न उनकी देख-रेख कर पाते है। सामुदायिक संगठन कार्यकर्ता अपने ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर इन शारीरिक-मानसिक अपंगताओं के बारे सदस्यों का ज्ञानवर्धन कर सकता है और निवारण के विषय में सहायक हो सकता है। कार्यकर्ता विभिन्न कल्याणकारी संस्थाओं जैसे बाल-निर्देषन केन्द्र, मन्द बुद्धि विद्यालय, अन्ध विद्यालय, मूक-बधिर विद्यालय आदि की सुविधाओं को बताकर इन सुविधाओं से अपंग व्यक्तियों को लाभान्वित होने में उनकी सहायता करता है। अपंग व्यक्तिओं के विचारों, भावनाओं एवं आकांक्षाओं को सामान्य लोगो तक पहुंचा कर सामान्य सदस्यांे के अपंगो के प्रति व्यवहार को अधिक मानवीय बनाने का प्रयत्न करता है।