क्लाइंट और सर्वर कंप्यूटर - Client and server computers


 क्लाइंट और सर्वर कंप्यूटर - Client and server computers


यह वर्गीकरण भूमिका पर आधारित है। कंप्यूटर नेटवर्क के लोकप्रियता से बहुत सारे कंप्यूटर आपस में एक दूसरे से जुड़े होते हैं और एक दुसरे संचार करते रहते है। इस तरह के कंप्यूटरकृत वातावरण में संसाधनों और सेवाओं को आपस में साझा कर प्रयोग किया जाता है जिससे अनेक प्रयोगकर्ता इनका उपयोग कर सकते है इससे संसाधनों और सेवाओं के उपयोग में आने वाले कीमत में कमी आती है।


विभिन्न प्रकार के संसाधनों और सेवाओं इस प्रकार है


फाइलसर्पर यह विभिन्न प्रयोगकर्ताओं के लिए फाइल भंडारण सुविधाओं प्रदान करता है।


डेटाबेस सर्वर इससे केंद्रीय डेटाबेस बना सकते है और नेटवर्क के प्रयोगकर्ता इनका उपयोग कर सकते है।


प्रिंट सर इससे एक से अधिक मुद्रक यंत्रों प्रबंधन किया जाता जाता है जिससे नेटवर्क के प्रयोगकर्ता इनका उपयोग कर


सकते हैं। एक प्रोसेसर जो संसाधनों और सेवाओं को अपने पास रखता है और उसका प्रबंधन भी करता है। ये प्रोसेस अन्य प्रोसेस से


अनुरोध को स्वीकार करता है और उन्हें अनुरोध किए गए संसाधनों और सेवाओं को प्रदान करता है उसे सर्वस कहते है और यह प्रोसेस जिन कंप्यूटर पर सम्पादित होते हैं उसे सर कंप्यूटर कहा जाता है।


संसाधनों और सेवाओं के उपयोग का अनुरोध जिन प्रोसेस से की जाती है उसे क्लाइंट प्रोसेस कहते है और यह अनुरोध जिन कोम्पुतेरों से की जाती है उसे क्लाइंट कंप्यूटर कहा जाता है।


नेटवर्क क्लाइंट कंप्यूटर दो तरह के होते है


1. पतला क्लाइंट (Thin Client)


2. मोटा क्लाइंट (Fat Client)


1. पतला क्लाइंट (Thin Client)




पतता क्लाइंट कंप्यूटर पर किसी प्रोसेस को कियान्वित नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसके पास प्रोसेसिंग क्षमता का आभाव होता है सभी प्रोसेस सर्वर पर भी क्रियान्वित होते हैं क्लाइंट कंप्यूटर में प्रोसेस को क्रियान्वित करने के अनुरोध सर्वर कंप्यूटर को भेजा जाता है अनुरोध के अनुरूप सर्वर कंप्यूटर पर प्रोसेस का क्रियान्वन होने के बाद प्राप्त प्रतिफल फ़्लाइट कंप्यूटर को भेज दिया जाता है। इस तरह के क्लाइट में सर्कर की प्रोसेसिंग क्षमता अधिक होना चाहिए जिससे सभी क्लाइट के अनुरोध को प्रोसेस किया जा सके।


2. मोटा क्लाइट (Fat Client)


मोटा क्लाइट कंप्यूटर से मतलब है कि इन कंप्यूटर में प्रोसेसिंग पॉवर भी होता है यह कंप्यूटर सभी प्रकार के प्रोसेसिंग के लिए सर्वर कंप्यूटर पर आश्रित नहीं रहता है। सर कंप्यूटर से भी जुड़ता है जब सर्वर प्रोसेस की होती है। क्लाइंट कंप्यूटर महुत सारे कार्य सर्वर के बिना करने में सक्षम होता है। इस तरह के क्लाइंट वेग अनुप्रयोग में प्रयुक्त होता है जिसमे क्लाइंट स्क्रिप्ट का प्रयोग अधिक होता है जिससे बहुत सारे कार्य जैसे इनपुट किए गए मानों की वैधता की जांच क्लाइंट मशीन पर हो किए जाते है जिससे सर पर बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होती है। इसमें नेटवर्क संसाधन का उपयोग कम होता है।


यहाथ पर रखकर प्रयोग किए जाने वाले डिवाइस है। इसे प्रयोग करने के लिए टेबल की आवश्यकता नहीं होती है। इस तरह के दिवाइस का आकर, वजन और डिजाईन इस प्रकार का होता है कि इसे आप अपनी हथेली पर रखकर उपयोग कर सकते है। इसलिए इसे पामटॉप कंप्यूटर भी कहा जाता है।