कंप्यूटर की विशेषताएं - Functions of Computer
कम्प्यूटर की विशेषताएँ
कम्प्यूटर का आविष्कार केवल गणितीय गणनाको स्वत करने जल्दी से करने के लिए हुआ था लेकिन आज कम्प्यूटर कामनाओं से कही अधिक कार्य करने में सक्षम है कंप्यूटर से कई टिका प्रत्येक कम्प्यूटर की कुछ सामान्य विशेषताएँ होती है कम्प्यूटर की निम्ननिशेषताएं।
डिजिटल कम्प्यूटर के बयर सिस्टम में 2 डिजिट 0 एवं होते है। अतः कंप्यूटर में बाइनरी भाषा में सूचनाओं का आदान प्रदान होता है। एक 10 या डिजिट को एक सिट कहा जाता है के समूह को एक एक समय में कितनी की है कई लेख कहा जाता है। सामान्यतया उपयोग में आने वाले वर्ड लेख 8,16,32,64 आदि कई लेख के द्वारा कम्प्यूटर की शक्ति मानी जाती है। किसी कंप्यूटर का नई लेख के ४ मिट है, तो उसे कंप्यूटर जाता है इस तरह 16,32 और 64 बिट वाले कंप्यूटर बाजार में उपलब्ध है। जिसका जितना अधिक होगा उ अधिक शक्तिश कंप्यूटर
कम्प्यूटर बहुत तेज गति से गणना करता है करोड़ों का भी इसके प्रोसेस्सिांग तकनीक का उपयोग कर बड़े से बड़े गणनाको कुछ केंद्रों में करता है इस प्रकार के गणनाको यदि मनुष्य द्वारा इसके बाद भी उसमेटी होने क
संचित
कम्प्यूटर की अपनी मुख्यतया मेमोरी होती है। जिसमे कम्प्यूटर को करता है। कम्प्यूटर के द्वारा संचित सुचनाओं को कुछ ही सेकंड में प्राप्त किया जा सकता है। आकडो को मंचित करना एवं बिना किसी त्रुटि के कम्प्यूटर की महत्वपूर्ण विशेषता है।
उच्च संग्रहण क्षमता
कंप्यूटर में अधिक से अधिक मात्रा में डाटा को किया जा सकता है करोड़ों शब्दों को एक तीन-चार व्यास के डिस्क में पति कर सकते है। कंप्यूटर में टेक्स्ट इमेज ऑडियो वीडियो एनिमेट टेक्स्ट और इमेज इतने प्रकार के डाटा को संग्रहित किया जा सकता है। इन सूचनाओं को कई वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकता है और आप सूचनाओं कुछ सेकंडों में पु
शुद्धता
प्यूटर जटिल से जटिल गणनाएँ बिना किसी त्रुटि के करता है। कंप्यूटर किसी प्रकार गणना करने में कोई भेद भाव नहीं करता है। इस तरह कंप्यूटर एक शुद्धी
कम्प्यूटर एक पूर्ण मशीन है यह माना गणनाओं से लेकर जटिल से गणना करने से आ सभी प्रकार के कार्य में कंप्यूटर द्वारा किये जाते हैं। मिसाइल एवं उपग्रह का संचालन में कंप्यूटर का अहम भूमिका होती है। कंप्यूटर के बिना उच्च कोटि के रात करना असंभव है एकदूसरे कम्प्यूटर से सूचनाकार सकता है। कम्प्यूटर की आपस में सूचनाओं के आदान प्रदान की क्षमता का विकास होने के कारण एक सूचनाओबनाने को जन्म दिया जो कि विश्व का सबसे बड़ा वर्क कंप्यूटर हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण रखता है। मानव जीवन के हर क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग होता है जैसे पर, ऑफिस, शिक्षा, चिकित्सा वाताव रखा, सुरक्षा इ
स्वचलन
कम्प्यूटर एक समय में एक से अधिक कार्य करने में सक्षम है। कंप्यूटर एक प्रकार का स्वचालित मशीन है वह माध्यम में संग्रहित प्रोग्राम जोकिया गया है के निर्देशों के अनुसार प्रोग्राम को क्रान्ति करता है। प्रोसेसिंग के दौरान किसी प्रकार के मानवीय सहायता की जरूरत नहीं होती है कार स्वतः कार्य को सम्पादित कर इच्छित आउटपुट प्रयोक्ता को प्रदान करता है। कम्प्यूटर सभी कार्य को बिना त्रुटि के संपन्न करता है
परिश्रमशीलता
परिश्रमशीलता का अर्थ है कि बिना किसी रुकावट के कार्य करना। मानव जीवन थकान कमजोरी, एक ही तरह के कार्य को बार-बार करने से कार्य करने में अरुचि आदि से पीड़ित रहता है। मनुष्य में संवेदनाएँ होती है, इसी के कारण वे कभी खुश होता है तो कभी दुखी होता है। इस कारण उसके काम करने की क्षमता पर असर होता है। इसलिए वे एक जैसा काम नहीं कर पाते है। परंतु कम्प्यूटर के साथ ऐसा नहीं है वह हर कार्य हर बार बहुत ही शुद्धता एवं यथार्थता से करता है। कंप्यूटर बिना थके कई घंटे तक रहित त्रुटि काम रहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
विश्वनीयता
कंप्यूटर की स्मृति एवं कार्य करने की शुद्धता उच्च कोटि की होती है। कंप्यूटर से जुड़ी सारे क्रियाकलाप विश्वनीय होता है, और यह बिना थके कई वर्षों तक कार्य करने में सक्षम होता है। कई वर्ष पुराने आँकड़ो को भी सुरक्षित रखता है और प्रयोक्ता द्वारा मांगे जाने पर बिना किसी परेशानी के तुरंत प्रस्तुत करता है। कंप्यूटर की सीमाएँ
विवेकहीनता
कंप्यूटर अपने आप से कोई काम नहीं करता है इसे किसी कार्य को करने के लिए निर्देशों कंप्यूटर दिए गए निर्देश के अनुसार ही कार्य करता है इस के अतिरिक्त कोई अन्य कार्य का कंप्यूटर के पास आत्म विवेक नहीं होता है जिसके कारण कोई कार्य अपने स्वतः विवेक से नहीं करता करने के लिए मानव द्वारा दिए गए प्रोग्राम की आवश्यकता होती है।
निर्णय लेने की क्षमता का नहीं होना
कंप्यूटर अच्छे एवं बुरे का भेद नहीं कर पाता है जिसके कारण उसमें किसी प्रकार निर्णय लेने की क्षमता का आभाव होता है। कंप्यूटर प्रोग्राम किये गए निर्देशों के अधार पर ही कार्य संपन्न करता है। अतः इसकी तुलना मनुष्य से नहीं की जा सकती।
ज्ञान के उतरोत्तर विकास करने की अक्षमता
मनुष्य अपने ज्ञान को समय और परिस्थिति के अनुरूप निरन्तर बढ़ाने का प्रयास करता रहता है। मनुष्य अपने आस पास हो रही गतिविधियों से ज्ञान प्राप्त कर अपने ज्ञान को बढ़ाता है जबकी कंप्यूटर एक मशीन है जो विवेक रहित होती है। जिसे मनुष्य द्वारा संचालित किया जाता है अतः यह अपने ज्ञान में स्वयं वृद्धि नहीं कर पाता।
मनुष्य किसी परिस्थिति में काम करने में सक्षम होता है लेकिन कंप्यूटर को काम करने के लिए बिजली तथा अन्य चीजों की व्यवस्था होने पर ही काम करने में सक्षम होता है। कंप्यूटर केवल प्रोसेसिंग के अनुकूल परिथिति में ही कार्य कर पाता

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