आपरेटिंग सिस्टम के प्रकार - Types of Operating System



 आपरेटिंग सिस्टम के प्रकार


उपयोगकर्ता की गिनती के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम को दो भागों में विभाजित किया गया है।


1) एकल उपयोगकर्ता


एकल उपयोगकर्ता आपसेटिंग सिस्टम का आपरेटिंग सिस्टम है जिसमें एक समय में केवल एक उपयोगकर्ता काम कर सकता है। इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक बार में एक ही तरह के काम कर सकते है दूसरा काम तब तक नहीं कर सकते है जब तक की ऑपरेटिंग सिस्टम पहले आवंटित काम को समान कर



2) बहुल उपयोगकर्ता


वह आपरेटिंग सिस्टम जिसमे एक से अधिक उपयोगकर्ता एक ही समय में काम कर सकते कर सकते है। ऑसेटिंग सिस्टम विभिन्न प्रयोक्ता के लिए संसाधन, ऑपरेशन में लगने वाले संसाधन जैसे सी.पी. पू. इनपुट आउटपुट डिवाइस का प्रबंधन इस प्रकार से करता है जिससे प्रत्तेक प्रयोक्ता को महसूस होता है कि संसाधन उसके पास हमेशा ही होता है।


यूजर इंटरफेस के आधार पर


1) कैरेक्टर यूजर इंटरफेस


यहा पर उपयोगकर्ता सिस्टम को कैरेक्टर की श्रृंखला के रूप में कमाण्ड देता है। जब उपयोगकर्ता सिस्टम के इंटरेक्ट करने के लिए कैरेक्टर का सहारा लेता है तो इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम को कैरेक्टर यूजर इंटरफेस कहते हैं उदाहरण डॉस, यूनिक्स इस तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने के लिए प्रयोक्ता को कमांड तथा उसके बाक्य विन्यास (symns) को याद रखना पड़ता है इस कारण इस पर काम करने में प्रयोक्ता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।


2) ग्राफिकल यूजर इंटरफेस


उपयोगकर्ता कम्प्युटर से चित्रों के द्वारा सूचना का आदान प्रदान करता है तो इसे ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) कहा जाता है। ग्राफिकल यूजर इंटरफेस होने के नाते प्रयोक्ता को कमांड और उसके वाक्य विन्यासको याद करने जरूरत नहीं होती है अत: कठिन से कठिन कार्य इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम पर आसानी से किया जा सकता है। इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय होते हैं।


विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम


विडोस ऑपरेटिंग सिस्टम का यूजर इंटरफेस ग्राफिकल है अर्थात सभी प्रकार के कार्यों को करने के लिये चित्रों का उपयोग किया जाता है इसके कारण कमांड याद करने की आवश्यक नहीं होती है इसलिए प्रयोक्ता को इसमें काम करने में आसानी होती है। इसके लोकप्रियता का एक और कारण इसका यूजर इंटरफेस है जो बहुत आकर्षक एवं सुविधाओ





माइक्रोसाफ्ट विन्डो 3.1


यह डास का ही विस्तृत रूप है। कंप्यूटर को माइक्रोसॉफ्ट डास द्वारा चूट करने के उपरांत कमांड प्रोम्प्ट पर win कमाड लिखने पर एक आकर्षक ग्राफिकल यूजर इंटरफेस उपलब्ध होता है। जिसे माइक्रोसाफ्ट विडोल 3.1 कहा जाता है। 3.1 बहुत सफल हुआ इसकी लोकप्रियता इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके साथ माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस पैक को उस समय किलर एप्लीकेशन कहा जाता था। इस के वजह से माइक्रोसॉफ्ट विंडोज वर्कग्रुप के बिक्री में


काफी इजाफा हुआ।


माइक्रोसाफ्ट विन्डो NT


माइक्रोसफ्ट द्वारा इसे तकनीकी शक्ति के रूप में आयोगिक शक्ति के रूप में विकसित किया गया था। इसे 1993 के मध्य में प्रकाशित किया गया। इंजिनियरिंग वर्क-स्टेशनो, सर्व आदि में माइक्रोसाफ्ट बिन्दी NT का यूनिक्स के साथ


माइक्रोसाफ्ट विन्डो 95


माइक्रोसाफ्ट विन्डो 95 माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का पर्सनत कंप्यूटर के लिए पूर्ण सुविधा से युक्त प्रथम ऑपरेटिंग सिस्टम था। इसे माइक्रोसाफ्ट विन्झे 31 की तरह पहले एम. एस. डास से बूट करने की आवश्यकता नहीं होती थी। इसमें कमाड प्रोस्ट होता है जिससे आप एम. एस. डीस के कमांड को कार्यान्वित कर सकते है। माइक्रोसाफ्ट विन्डो 95 में उस समय के लगभग सभी प्रकार हार्डवेयर के लिए जेनरिक सॉफ्टवेर मौजूद होने से किसी प्रकार के हार्डवेयर को कंप्यूटर से कनेक्ट कर उसे कार्यान्वित किया जा सकता है। इस सुविधा के कारण माइक्रोसाफ्ट बिन्डो 95 के प्लग एंड प्ले ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जाता है।