ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है। - What is operating system in computer
प्रथम पीढ़ी और द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं हुआ करता था प्रथम तृतीय पीढ़ी में बैच ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाने लगा इसके वजह से प्रोग्राम को क्रियान्वित किया जाना आसान और तीव्र सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है। ऑपरेटिंग सिस्टम प्रयोक्ता प्रयोक्ता को एक यूजर इंटरफ़ेस प्रदान करता है जिसके माध्यम से कंप्यूटर हार्डवेयर और प्रयोक्ता के बीच संवाद स्थापित होता है। पर्सनल कंप्यूटर के लिए IBM ने Personal Computer Disk Operating System (PC-DOS) बाजार में लाया था. यह एकल उपयोगकर्ता आधिरत ऑपरेटिंग सिस्टम था जिसका प्रयोक्ता अन्तरपूड (User Interface ) वर्ण (Character) आधारित जिसे कलैक्टर यूजर इंटरफ़ेस (Character User Interface CUD कहा जाता है।
इससे पहले AT&T के Bell Lab में एक बहुल उपयोगकर्ता बहुल प्रोग्रामिंग टास्किंग वाला ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास किया गया था जो काफी उन्नत किस्म का ऑपरेटिंग सिस्टम साबित हुआ लेकिन इसका भी प्रयोक्ता अन्तरपूर्ण (User Interface) वर्णं (Character) आधारित ही था इस कारण इस पर कार्य करने के लिए अनुदेश (command) और उसकी वाक्य विन्यास प्रयोक्ता को मालूम होनी चाहिए इसके करण इस ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करना कठिन होता है। वो ऑपरेटिंग सिस्टम का अंतरपृष्ठ ग्राफिकल होने के कारण इसमें काम करना सरल हो गया. इसी कारण पर्सनल कंप्यूटर में विंडोज का प्रयोग अधिक होता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है
ऑपरेटिंग सिस्टम एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो कम्प्यूटर सिस्टम एवं प्रयोक्ता के बीच संवाद स्थापित करने के लिए प्रयोग किया जाता है प्रयोक्ता को एक यूजर इंटरफेस प्रदान करता है जिसके माध्यम से कम्प्यूटर सिस्टम के वार्डवेयर संसाधन, जैसे- मैमोरी, प्रोसेसर तथा इनपुट आउटपुट डिवाइस तक अपनी पहुंच बना सकता है तथा इसका उपयोग कर अपने कार्य को सम्पादित कर सकता है। ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्यूटर सिस्टम के प्रत्येक संसाधन की स्थिति का लेखा रखता है ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेर प्रोग्रामों के बीच संसाधनों का आवंटन एवं उसका नियंत्रण का कार्य भी करता है अतः यह निर्णय भी लेता है कि किसका कब और कितनी देर के लिए कम्प्यूटर रिसोर्स पर नियंत्रण होगा।
एक कम्प्यूटर सिस्टम के मुख्य रूप से चार घटक है
• ऑपरेटिंग सिस्टम
• एप्लीकेशन प्रोग्राम
• यूजर्स
आपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता
आपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर एवं साफ्टवेयर के बीच सेतु का कार्य करता है आपरेटिंग सिस्टम के बिना कंप्यूटर का अपने आप में कोई अस्तित्व नहीं है। कंप्यूटर में प्रयुक्त विभिन्न प्रकार के हार्डवेयर जैसे की बोर्ड मानिटर, सौ.पी.यू इत्यादि को प्रयोगकर्ता को उपलब्ध करता है इसके माध्यम से प्रयोगकर्ता अपने कार्य को समपन्न करता है। अतः यह सिस्टम के साधनों को बांटता एवं व्यवस्थित करता है।
आपरेटिंग सिस्टम के कई अन्य उपयोगी विभाग होते है जिनके सुपुर्द कई काम केन्द्रिय प्रोसेसर द्वारा किए जाते है। उदाहरण के लिए किसी सुचना का हार्ड कॉपी आउटपुट लेते समय केन्द्रिय प्रोसेसर आवश्यक आदेश आपरेटिंग सिस्टम देकर वह स्वयं अगला कार्य करने लगता है। क्योंकि प्रोसेसर और परिफेरल डिवाइस की स्पीड एक सामान नहीं होने के कारण प्रिंटिंग का कार्य आप्लेटिंग सिस्टम पर छोड़ देता है। ऑपरेटिंग सिस्टम स्कूलिंग तकनीक (SPOOL simultaneous-peripheral-operations-online) का उपयोग कर प्रिंटिंगसंपन करता है।

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