80 जी के तहत दाता को आयकर में प्राप्त विशेषाधिकार (Income Tax Privileges by the Payer Under 80G)
80 जी के तहत दाता को आयकर में प्राप्त विशेषाधिकार (Income Tax Privileges enjoyed by the Payer Under 80G)
80 – जी के तहत पंजीकृत संस्था को धन दान में देने पर दाता को उसकी कर योग्य आय में से दिए गए धन के 50 प्रतिशत के बराबर छूट प्राप्त होती है। इससे संस्था लोगों को धन दान में देने को प्रोत्साहित करती है। इसके तहत पंजीकरण हेतु प्रपत्र 10 - जी भरकर संस्था को आयकर आयुक्त के पास आवेदन तीन प्रतियों में करना होता है। आवेदन पत्र के साथ निम्न दस्तावेज होने चाहिए।
1) आयकर पंजीकरण प्रामणपत्र
2) संस्था द्वारा पिछले तीन वर्षों में किए कार्यों का ब्यौरा
3) संस्था के पिछले तीन वर्षों की लेखांकित बही खातों की प्रति
80 – जी के तहत पंजीकरण हेतु अनिवार्य दशाएँ-
संस्था की ऐसी कोई आय नहीं होनी चाहिए जिस पर छूट नहीं दी जा सकती जैसे - कोई व्यवसायगत आमदनी यदि ऐसा है तो आवश्यक है कि दान में प्राप्त राशियों एवं व्यवसायगत आमदनी के बही खाते अलग-अलग तैयार किए जाएं ।
संस्था किसी विशेष धर्म, समुदाय एवं जाति के हितों के लिए काम न कर रही हो।
संस्था की प्राप्तियों एवं खर्चों का लेखांकन नियमित कराना आवश्यक है।
संस्था का पंजीकरण (सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट कम्पनी एक्ट, ट्रस्ट एक्ट) अवश्य होना चाहिए।

वार्तालाप में शामिल हों