विज्ञापन और प्रचार - Advertising and Promotion
विज्ञापन और प्रचार - Advertising and Promotion
वर्तमान युग यदि प्रचार का युग है तो विज्ञापन प्रचार का एक महत्वपूर्ण अंग विज्ञापन एक प्रकार का संप्रेषण है जो संदेश ग्रहणकर्ता पर संदेश की प्रभावी प्रतिक्रिया से प्रेरित होता है। आज विज्ञापन की दुनिया इतनी बहुआयामी हो गई है कि व्यापक स्तर पर हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों पर अपना प्रभाव डाल रही है। विज्ञापन अब केवल व्यावसायिक क्षेत्रों से ही संबंध नहीं है बल्कि वे राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक प्रगति और विकास का आईना भी बन रहे हैं। जनमानस को अपने अनुकूल मोड़ देने के लिए विज्ञापन संबंधित जानकारी देकर वस्तु, विचार, रीति-नीति, योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रति लक्ष्य जनसमूह और उपभोक्ताओं को जागरूक कर जनमत निर्माण का पुख्ता आधार तैयार करते हैं। उच्च प्रौद्योगिकी के नये स्वरों और मुक्त बाजार व्यवस्था में उद्योगों के विश्वव्यापीकरण में जागरूक उपभोक्ताओं की भूमिकाओं और जनसंचार माध्यमों की व्यापक पहुंच ने आज विज्ञापन को प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण हथियार बना दिया है। विज्ञापन और प्रचार का आपस में गहरा अंतर्संबंध है।
विज्ञापन और प्रचार के पारस्परिक घनिष्ठ संबंधों पर हार्वर्ड स्टीफेंसन की रोचक टिप्पणी है- 'प्रचार और विज्ञापन कॉलेज के ऐसे साथी हैं जो एक दूसरे के बस्तों को अदल-बदल कर समय-समय पर मिलते हैं।
दरअसल विज्ञापन प्रचार का ऐसा साधन है जो बिना किसी राजनीतिक, धार्मिक या साम्प्रदायिक दबावों के बिना जनता या उपभोक्ता में अपने लिए रुझान उत्पन्न करता है और अपनी उत्तमता और उपयोगिता की बातें बार बार दोहरा कर उपभोक्ता की क्रय सामर्थ्य की सीमाओं को विकसित करता है। भूमंडलीकरण के दौर में बाजार पर आधिपत्य जमाने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कंपनियां अपनी छवि निर्माण के लिए भी विज्ञापन को ही प्रचार का सर्वश्रेष्ठ साधन मानती हैं। सामाजिक परिवर्तन की आकांक्षा से भी आज विज्ञापन की शरण ली जाती है। पश्चिमी विचारकों की यह सोच आज सही साबित हो रही है कि जब हम विज्ञापन से साबुन या वस्तु बेच सकते हैं तो विज्ञापन से भाईचारा क्यों नहीं बेच सकते हैं। सामाजिक महत्व के विभिन्न मुद्दों के प्रचार-प्रसार के लिए आज विज्ञापन की भूमिका प्रमुख हो गई है। जनहित में जारी विज्ञापनों का नया स्वरूप भी व्यावसायिक दुनिया से निकलकर आ रहा है। यातायात के नियमों, पोलियो उन्मूलन, परिवार नियोजन, एडस की रोकथाम जैसे विभिन्न मुद्दों पर जनता तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने के लिए विज्ञापन का सहारा लिया जाता है। गैर व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा अन्य संस्थाएँ भी जनता में अपने संस्थान के प्रति रुचि और विश्वास जगाने के लिए प्रचार हेतु विज्ञापन को एक महत्वपूर्ण साधन मानती हैं। सरकारी प्रतिष्ठान की छवि निर्माण और सरकारी नीतियों के प्रचार तथा विकास कार्यक्रमों की सूचना के लिए विज्ञापन का आश्रय लेते हैं। इस तरह सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक क्षेत्रों में विज्ञापन सार्थक सूचनाओं के प्रचार-प्रसार द्वारा जन सहमति बनाने का प्रभावी माध्यम है। इसलिए आज जब भूमंडलीकरण ने मुक्त बाजार व्यवस्था का रास्ता खोल दिया है तब सूचनाओं के विश्वव्यापीकरण की जरूरत भी बढ़ गई है। सूचनाओं के विश्वव्यापीकरण के लिए विज्ञापन संस्थाएँ क्षेत्रीय प्रसार के साथ-साथ विश्वव्यापी प्रसार अभियान से भी जुड़ गई हैं इस प्रसार में विज्ञापन कारगर भूमिका निभा रहा है। इसी वजह से विज्ञापन उद्योग भी दिनों दिन प्रगति करता जा रहा है। विज्ञापन और प्रचार के बीच का अंतर भी अब निरंतर खत्म होता जा रहा है। लेकिन फिर भी दोनों में थोड़ा बहुत अंतर अब भी बरकरार है।
विज्ञापन का कथन, समय और स्थान माध्यम में निश्चित होता है। जैसे विज्ञापन यदि किसी समाचार पत्र में प्रकाशित होता है तो विज्ञापनदाता द्वारा बताए गए स्थान और उसी के द्वारा बताए गए दिन उसका प्रकाशन किया जाता है। उसका स्थान, आकार और संदेश भी विज्ञापनदाता द्वारा ही तय किया जाता है। समाचार पत्र उसमें अपनी ओर से संशोधन या परिवर्तन नहीं कर सकता। जबकि प्रचार में माध्यम को इसकी आजादी होती है। साफ है कि विज्ञापन पर विज्ञापनदाता का अधिक नियंत्रण है जबकि प्रचार पर माध्यम का। जैसे कि किसी उत्पाद के बारे में विज्ञापनदाता जो विज्ञापन देता है उसमें विज्ञापन को मुद्रित या प्रसारित करने वाला माध्यम बदलाव नहीं कर सकता जबकि उसी उत्पाद के बारे में पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में प्रसारित प्रचार सामग्री में माध्यम अपनी इच्छानुसार उस उत्पाद के गुण दोषों का खुलासा कर सकता है। विज्ञापन का मूल उद्देश्य किसी वस्तु के प्रति लोगों में जिज्ञासा पैदा करना है ताकि उस वस्तु के लिए लोगों में आकर्षण बढ़े और लोग उसकी जरूरत महसूस करें, जबकि प्रचार किसी वस्तु को प्रसिद्ध करने या उसके प्रति समर्थन और जागरूकता पैदा करने के लिए किया जाता है।
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