विज्ञापन का उद्देश्य - Advertising Purpose
विज्ञापन का उद्देश्य - Advertising Purpose
विज्ञापन का उद्देश्य :
विज्ञापन का उद्देश्य विज्ञापन की उपरोक्त दी गयी परिभाषाओं से ही निकल कर आता है लेकिन यहां विज्ञापन के उद्देश्यों को विस्तृत रूप से समझाने का प्रयास किया गया है।
ई.एफ. एल. ब्रेच के अनुसार :-
"विज्ञापन का उद्देश्य उत्पादक को लाभ पहुंचाना, उपभोक्ता को शिक्षित करना, विक्रेता की मदद करना, प्रतिस्पर्धा को समाप्त कर व्यापारियों को अपनी ओर आकर्षित करना और सबसे अधिकतम उत्पादक और उपभोक्ता के सम्बन्ध अच्छे बनाना होता है।"
विज्ञापन हमेशा ही 'लाभ' के उद्देश्य को लेकर चलते हैं। यों तो अधिकांशतः यह लाभ प्रस्तुतकर्ता को वस्तु के बेचने से होने वाला मुनाफा ही होता हैं पर कभी-कभी जनजागरण, माहौल सेवा के बारे में विचारधारा, सामाजिक बदलाव, वैचारिक उत्थान सरकारी रीति-नीति का प्रचार, राजनीतिक लाभ आदि वृहद उद्देश्यों के आधार पर भी विज्ञापन जारी किए जाते हैं।
सार रूप में आकलित करें तो विज्ञापन के उद्देश्य इस प्रकार हो सकते हैं:
1. उन सभी संदेशों का एक अंश प्रस्तुत करना जो उपभोक्ता पर प्रभाव डालें।
2. वस्तुओं, कंपनियों व संस्थाओं के प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत होना
3. समाज की एक प्रतिनिधि संस्था के रूप में उद्यम प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग होना।
4. वस्तु की बिक्री बढ़ाने में प्रभावशाली भूमिका निभाना।
5. एक प्रभावी विपणन औजार के तौर पर लाभकारी संगठनों और प्रबंधकों को अपना उद्देश्य पूरा करने में सहायता करना।
6. समाज की उभरती व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करना।
7. व्यावसायिक तौर पर जारी संदेशों के जरिए उपभोक्ताओं को लाभप्रद सम्बन्धित व निश्चित सूचना प्रदान कराना।
8. आर्थिक क्रिया को विभिन्न नियमों कानूनों के अनुसार चलाना।
9. नई वस्तुओं और सेवाओं की सूचना देना।
10. विशेष छूट और मूल्य परिवर्तन की जानकारी देना, उपभोक्ता मांग में वृद्धि करना।
11. खरीदने और अपनाने की प्रेरणा देना।
इन उपर्युक्त उद्देश्यों को लेकर चलने वाली प्रक्रिया विज्ञापन उपभोक्ता व निर्माता के मध्य की प्रक्रिया है। विज्ञापन का उद्देश्य हर स्थिति में अपने 'संदेश'को उपभोक्ता के मानस पटल पर अंकित करना ही होता है।
वार्तालाप में शामिल हों