संचार के बाधक तत्त्व - Barriers to Communication

 संचार के बाधक तत्त्व - Barriers to Communication


वक्ता और श्रोता की सामाजिक स्थितियाँ, उनका भाषिक ज्ञान, उनकी शारीरिक अन्यमनस्कता, सांस्कृतिक वैभिन्य संचार में बाधक हो सकते हैं। वक्ता का आशय कुछ हो, श्रोता किसी अन्य सन्दर्भ में उसे ग्रहण कर रहा हो; वक्ता को श्रोता से फीडबैक नहीं मिल रहा हो, संदेश प्रेषण के कमजोर संसाधनों का चुनाव किया गया हो, तो संचार में निश्चित रूप बाधा होती है। श्रेष्ठ सम्प्रेषण के लिए यह ध्यान रखना चाहिए कि संचार में बाधक तत्व न आएँ।


संचार के बिना व्यापार के क्षेत्र में विकास नहीं हो सकता, जनता सरकार के बीच में सम्पर्क नहीं हो सकता, साहित्य सृजन नहीं हो सकता समाज सेवा का कार्य सुचारू रूप से नहीं हो सकता। संचार के बाधित होने पर जीवन के समस्त क्रियाकलाप भी बाधित हो जाते हैं। अतः संचार की अपरिहार्यता स्वतः सिद्ध है।