प्रश्नावली का निर्माण - Construction of the questionnaire
प्रश्नावली का निर्माण
प्रश्नावली के निर्माण
में प्रश्नों का चुनाव निम्नलिखित कसौटी पर आधारित होना चाहिए -
1. प्रश्नावली के माध्यम से वही सूचनाएं एकत्रित की जानी चाहिए जो अन्य स्रोतों से प्राप्त न हो सके।
2. प्रश्नावली में केवल उपयुक्त एवं उपयोगी प्रश्न होने चाहिए।
3. प्रश्नावली की शब्दावली में व्याकरण की दृष्टि से दोष नही होना चाहिए।
4. इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि प्रत्येक प्रश्न के उत्तर हेतु पर्याप्त विकल्प दिए गये हों ।
5. उन शब्दों को रेखांकित कर देना चाहिए जिन्हें आप विशेष महत्व देना चाहते हैं।
6. कथन संक्षिप्त होने चाहिए अधिक से अधिक बीस शब्दों के
7. प्रश्नों का निर्माण करते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि वे सभी के लिए उपयुक्त हो
8. प्रश्नावली
में दोहरे नकारात्मक शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। प्रश्नावली की वैधता तथा
विश्वसनीयता
सामान्यतः प्रश्नावली की
वैधता तथा विश्वसनीयता को शोधकर्ता स्थापित नहीं करते हैं। इसका कारण शायद यह होता
है प्रश्नावली मनोवैज्ञानिक परीक्षणों की अपेक्षा सीमित उद्देश्य के लिए बनाए जाते
हैं इसके द्वारा एक बार ही आंकड़ों का संग्रह किया जाता है। कम जनसंख्या पर
प्रशासित किये जाते हैं। इन कारणों के बाद भी प्रश्नावली की वैधता तथा विश्वसनीयता
स्थापित करने की विधियां हैं।
प्रश्नावली की वैधता का तात्पर्य प्रश्नावली के माध्यम से सही प्रश्न पूछने से है जिनका निर्माण इस प्रकार किया गया हो कि प्रश्नों के वही अर्थ निकले जो प्रश्नावली निर्माणकर्ता के विचारों से संगतता लिए हो प्रश्नावली में प्रयुक्त शब्द इस प्रकार परिभाषित किये गये हों कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए उनका अर्थ एक जैसा हो सामान्यतः प्रश्नावली की विषय वस्तु वैधता ही स्थापित की जाती है। कुछ प्रकार की प्रश्नावलियों की ही पूर्व-कथन वैधता ज्ञात करना सम्भव होता है।
प्रश्नावली की
विश्वसनीयता परीक्षण पुनः परीक्षण विधि से निकाली जाती है। सामान्तर प्रारूप विधि
से भी प्रश्नावली की विश्वसनीयता ज्ञात की जाती है।
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