इलेक्ट्रॉनिक माध्यम : टेलीविजन - Electronic Medium : Television
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम : टेलीविजन - Electronic Medium : Television
टेलीविजन इलेक्ट्रानिक माध्यम का दृश्य श्रव्य स्वरूप है। आज यह जनसंचार का सबसे महत्वपूर्ण श्रव्य दृश्य माध्यम बन गया है। इस माध्यम ने जनमानस तक सूचना प्रेषित करने में मनोरंजन के क्षेत्र में जनमत निर्धारण में अहम भूमिका निभाई है। शिक्षा, राष्ट्रीय विकास, जन मनोरंजन तथा सामाजिक चेतना जागरित करने में समर्थ इस सशक्त और लोकप्रिय माध्यम ने पत्रकारिता को एक नया आयाम दिया है।
विश्व में टेलीविजन विषयक अनुसन्धान सन् 1890 से आरम्भ हो गए थे और पहला सार्वजनिक प्रसारण 1936 से आरम्भ हुआ। तस्वीरों को प्रभावशाली ढंग से प्रसारित करने वाला पहला उपकरण जे. एल. बेयर्ड ने सन् 1925 में निर्मित किया और उसके दो वर्ष बाद 1927 में सी.एफ. जैकिन्स ने अमेरिका में पहली बार प्रसारित तस्वीर दिखाई। तब से आरम्भ हुई टेलीविजन की यान्त्रिक प्रणाली धीरे धीरे • इलैक्ट्रानिक प्रणाली में तब्दील हुई और आज तक निरन्तर विकास के अत्यन्त उच्च सोपानों को पार कर रही है। सन् 1930 में ब्रिटेन में ध्वनि से सम्पन्न टी.वी. का प्रसारण हुआ और फिर यह सारे संसार में तेजी से फैलने लगा। हालाँकि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान यूरोप में टी.वी. प्रसारण आकस्मिक रूप से अवरुद्ध हो गए पर युद्धोपरान्त पुनः प्रसारण आरम्भ हुआ। 1952 में इंग्लैण्ड, फ्रांस, पश्चिमी जर्मनी नीदरलैण्ड में टी.वी. प्रसारण शुरु हुआ। 1953 में पहली बार संयुक्त राज्य ने विश्व में रंगीन टी.वी. का प्रसारण आरम्भ किया। 1948 में यू.एस.ए. में करीब 25 शहरों में 48 टी. वी. स्टेशन और लगभग बीस लाख टी.वी. सैट थे और अगले एक दशक में 512 स्टेशनों से 5 करोड़ सैट्स में प्रसारण होने लगा। उपग्रह प्रणाली के आ जाने से सन् 1962 से टी.वी. प्रसारण के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार होने लगा। यूनेस्को द्वारा दिये गए 20हजार डॉलर के अनुदान से जनमाध्यम के रूप में टी.वी. का प्रयोग करने हेतु एक पायलट परियोजना की स्थापना के लिए भारत में पहला टी.वी. केन्द्र 15 सितम्बर 1959 को स्थापित हुआ। आकाशवाणी भवन, दिल्ली में एक लघु टेलीविजन स्टूडियो की स्थापना की गई। यूनेस्को ने टेली क्लब के सदस्यों को इसके प्रसारित कार्यक्रम देखने के लिए निःशुल्क सेट दिये। 1965 से शिक्षा के साथ सूचनाएँ देने तथा मनोरंजन के लिए भी टी.वी. प्रसारण होने लगा । 26 जनवरी, 1967 से दिल्ली से 'कृषि दर्शन' का प्रसारण हुआ जिसे उत्तरप्रदेश, हरियाणा तथा दिल्ली के 180 ग्रामों के टेली क्लब के सदस्यों द्वारा देखा गया। 20 मिनट का यह प्रसारण प्रत्येक बुधवार तथा शुक्रवार को होता था। 1970 से यह प्रसारण सप्ताह में तीन दिन और आधे घण्टे का हो गया।
बम्बई दुरदर्शन का आरम्भ 2 अक्टूबर, 1972 तथा 2 फरवरी 1973 से; श्रीनगर में दूरदर्शन की प्रयोगिक सेवा 26 जनवरी 1973 से, मृतसर से 29 सितम्बर 1973 से; कलकत्ता में 8 अगस्त 1975से और मद्रास में 15 अगस्त 1975 से हुआ। दिसम्बर, 1996 तक इसके 834 प्रसारण केन्द्र तथा 41 कार्यक्रम निर्माण केन्द्र स्थापित हो गए। 1 अप्रैल 1976 में दूरदर्शन आकाशवाणी से पृथक हुआ और तब से निरन्तर समुन्नति की ओर अग्रसर है। 15 अगस्त 1982 से यहाँ रंगीन प्रसारण आरम्भ हुआ। उपग्रह युग आने के बाद से समाचार, वार्ताएँ, साक्षात्कार, रिपोर्ट, फीचर, कमेन्ट्री, वृत्तचित्र, कविसम्मेलन, मुशायरा, फीचर फिल्म, संगीत, विभिन्न धारावाहिक तथा विज्ञापन आदि के द्वारा दूरदर्शन जनमन के बहुत पास आ गया है। आरम्भ में 20 मिनट तक प्रसारण करने वाला यह जनमाध्यम आज चौबीसों घण्टे प्रसारण करता है।
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