उपकल्पना की विशेषताएँ - Features of the Hypothesis
उपकल्पना की विशेषताएँ - Features of the Hypothesis
कार्यकारी व उपयोगी उपकल्पना की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -
1) उपकल्पना अवधारणात्मक रूप में स्पष्ट होनी चाहिए। गुडे तथा हॉट के अनुसार, अच्छी उपकल्पना में स्पष्टता हेतु दो बातें सम्मिलित हैं -
• उपकल्पना में निहित अवधारणाओं को स्फ्ट रूप से परिभाषित किया जाए।
• परिभाषाएँ ऐसी स्पष्ट भाषा में लिखी हों कि अन्य लोग भी सामान्यत: उसका सही अर्थ समझ सकें।
2) उपकल्पना में अनुभवात्मक प्रामाणिकता होनी चाहिए। गुडे तथा हॉट के अनुसार -
"वैज्ञानिक अवधारणाओं में अंतिम अनुभवात्मक प्रामाणिकता होना अत्यंत आवश्यक है। उनमें नैतिक निर्णय का प्रश्न नहीं होना चाहिए वरन उनका संबंध ऐसे विचारों या धारणाओं से होना चाहिए जिनकी वैधता व सत्यता की परीक्षा अनुभवात्मक प्रामाणिकता के आधार पर की जा सके।
3) उपकल्पना विशिष्ट होनी चाहिए। यदि उपकल्पना में विशिष्टता का गुण नहीं हुआ तो उसकी सत्यता का परीक्षण करना भी कठिन हो जाता है और जो उपकल्पना परीक्षण से परे है वह शोध-वैज्ञानिक के लिए निरर्थक है।
4) उपकल्पनाएँ उपलब्ध प्रविधियों से संबंधित होनी चाहिए। इसका आशय यह है कि उपकल्पना इस प्रकार की हो कि वह शोध का एक सामयिक आधार भी बन सकती है या नहीं, इसकी परीक्षा उपलब्ध प्रविधियों द्वारा की जा सके।
5) उपकल्पना को सिद्धान्त समूह से संबंधित होना चाहिए। उपकल्पना अध्ययन विषय से संबंधित किसी पूर्वस्थापित सिद्धान्त के क्रम में हो क्योंकि असंबंधित उपकल्पनाओं की परीक्षा विस्तृत सिद्धान्तों के सन्दर्भ में ही की जा सकती है।
6) उपकल्पना में दो या दो से अधिक चरों/परिवयों के मध्य संभावित संबंध अवश्य प्रदर्शित होना चाहिए।
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