विदेशों में पत्रकारिता - Journalism Abroad
विदेशों में पत्रकारिता - Journalism Abroad
भारत में पत्रकारिता प्रारम्भ होने के पूर्व विश्व के कुछ देशों में पत्रकारिता का प्रारम्भ हो चुका था। आज विश्वभर में पत्रकारिता का समाज में महत्वपूर्ण स्थान हो गया है। कुछ देश ऐसे हैं जहां पत्रकारिता पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है। वहां अभिव्यक्ति की पूर्ण आजादी है। दूसरी ओर ऐसे भी देश हैं जहां प्रेस पर सरकार का कठोर नियंत्रण है। वर्तमान में दैनिक पत्रकारिता के आंकड़े देखे जाएं तो विदित होगा कि अमेरिका में इसका प्रसार सात करोड़ से अधिक है तो जापान में यह संख्या 4.5 करोड़ है।
यूरोप के व्यक्ति विश्व भर के दैनिक समाचार पत्रों का चालीस प्रतिशत खरीदते हैं तथा उत्तरी अमेरिका के 25 प्रतिशत अफ्रीका, एशिया तथा दक्षिण अमेरिका में यह प्रतिशत 35 है। उल्लेखनीय है कि विश्व जनसंख्या का सत्तर प्रतिशत यहां निवास करता है। यूनेस्को ने यह सुझाव दिया है कि प्रति 100 व्यक्तियों पर दैनिक पत्रों की न्यूनतम दस प्रतियां होनी चाहिए।
तकनीकी विकास के साथ सामाचार पत्र जगत में भी नवीन कान्ति का सूत्रपात हुआ है। यहां विश्व के कुछ प्रमुख राष्ट्रों की पत्रकारिता पर संक्षेप में चर्चा की जा रही है।
1. ब्रिटेन की पत्रकारिता
'डेली हैराल्ड' के पूर्व सम्पादक फ्रांसिस विलियम ने लिखा है कि इंग्लैंड का व्यक्ति समाचार पत्रों को पढ़ने के लिए जितना लालायित रहता है उतना विश्व का अन्य कोई व्यक्ति नहीं इंग्लैण्ड के प्रायः प्रत्येक वयस्क शिक्षित कम से कम एक राष्ट्रीय समाचार पत्र अवश्य पढ़ता है। पत्रकारिता की दृष्टि से यह देश अत्यन्त विकसित है। इंग्लैण्ड में पत्रकारिता का इतिहास चार शताब्दियों से भी अधिक पुराना है।
ब्रिटेन में पत्रकारिता का प्रारम्भिक स्वरूप 16 वीं शताब्दी में इस दिशा में किये गये प्रयत्नों में स्पष्ट देखा जा सकता है। शुरू में न्यूज लेटर के रूप में इधर उधर की बातों व समाचारों को संग्रहित कर विभिन्न स्थानो पर भेजा जाता था। ये न्यूजलेटर अधिकांशतः हाथ से लिखे जाते थे। प्रारम्भिक प्रयत्नों की दृष्टि से सन् 1561 में न्यूज आउट ऑफ केंट 1675 में अनियतकालीन पत्र 'न्यू न्यूज' आदि प्रमुख है। सन् 1621 में एक-एक तथा दो-दो पृष्ठों के दो समाचार पत्रों के प्रकाशन के उल्लेख मिलते हैं। सन् 1621 में आर्चर ने 'डच न्यूज शीट' का प्रकाशन प्रारम्भ किया और उसे इस दुस्साहस के लिए दण्डित भी किया गया। 23 मई, सन् 1622 को बोनें व आर्चर ने 'वीकली न्यूज' का प्रकाशन किया। वर्तमान समय में ब्रिटेन के प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में डेली एक्सप्रेस, डेली मेल, डेली मिरर, डेली स्कैच, डेली टेलीग्राफ, डेली वर्कर न्यूज कानिकल, द टाइम्स, फाइनेन्शियल टाइम्स, मोर्निंग एडवर्टाइजर, द गार्जियन आदि हैं।
इनमें अधिकांश राष्ट्रीय पत्रों की प्रसार संख्या तीस से चालीस लाख तक की है। सांध्यकालीन पत्रों में ईवनिंग न्यूज, स्टार तथा ईवनिंग स्टेण्डर्ड प्रमुख हैं। रविवारीय पत्रों में द आब्जरवर द सण्डे टेलीग्राफ, सण्डे टेलीग्राफ, सण्डे एक्सप्रेस, न्यूज ऑफ द वर्ल्ड तथा पीपुल आदि प्रमुख हैं।
2. अमेरिका में पत्रकारिता
अमेरिका में पत्रकारिता का श्रीगणेश करने का श्रेय एक अंग्रेज व्यक्ति बैंजामिन हैरिस को जाता है। हैरिस लन्दन का प्रमुख पुस्तक व्यवसायी तथा प्रकाशक था । हैरिस लन्दन छोड़कर सन् 1686 में अमेरिका के प्रमुख नगर बोस्टन में आ गया था। यहां से सन् 1690 में उसने एक पत्र का प्रकाशन किया। इस पत्र का नाम था - पब्लिक अकरन्सेस बोथ फारेन एण्ड डोमेस्टिक।
24 अप्रैल, 1704 को विधिवत रूप में पहले अमेरिकी समाचार पत्र 'बोस्टन न्यूज लेटर का प्रकाशन हुआ। यह प्रकाशन जॉन कैपेबेल के द्वारा हुआ। बोस्टन न्यूज लेटर का आकार हैरिस के पत्र से थोड़ा सा बड़ा था। यह पत्र दोनों ओर छपता था मगर कैपेबेल को इस प्रकाशन में पर्याप्त जन सहयोग नहीं मिला और यह जल्दी बंद हो गया। उन्नीसवीं शताब्दी के अन्तिम दशकों में पुलिट्जर और हर्स्ट का उदय अमेरिकी पत्रकारिता में विशेष महत्व रखते हैं। पुलिट्जर अमेरिका में नई पत्रकारिता के जनक माने जाते हैं।
कालांतर में अमेरिका में पत्र प्रकाशन के व्यवसाय में तेजी से वृद्धि होने लगी और अमरीकी पत्र राष्ट्रीय समस्याओं और राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप जनचेतना विकसित करने की ओर उन्मुख हुए। इससे पुलिट्जर का कारोबार तेजी से बढ़ने लगा और पुलिट्जर का संडेवर्ल्ड' अमेरिका का सर्वाधिक लोकप्रिय अखबार बन गया। 1917 में पुलिट्जर के नाम पर पुलिट्जर पुरस्कार स्थापित किया गया जो आज पत्रकारिता और कथा-साहित्य का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। अमेरिका के वर्तमान प्रमुख पत्रों के नाम हैं- न्यूयार्क टाइम्स, न्यूयार्क पोस्ट, वाशिंगटन पोस्ट, डेली न्यूज, किश्चियन साइन्स मानीटर आदि ।
स्वतंत्रता की इस व्यापकता के साथ में भी पत्रकारिता को पांच जिम्मेदारियों बांटी गयी हैं
1. घटनाओं का सच्चा एवं बोधगम्य विवरण देना।
2. आलोचना एवं विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम बनाना
3. समाज के विभिन्न वर्गों के बारे में सही और उचित जानकारी देना।
4. समाज की मान्यताओं और लक्ष्यों को प्रस्तुत करना।
5. पाठकों को बौद्धिक एवं तर्कसंगत खुराक प्रदान करना।
3. फ्रांस में पत्रकारिता
फ्रांस के प्रथम नियमित पत्र का प्रकाशन मई, सन् 1631 में थियोफास्टे रेंदो द्वारा प्रकाशित किया गया। लॉ गजट नामक इस पत्र में विभिन्न देशों के समाचार प्रकाशित किये जाते थे। इसके बाद लाइसेन्स लिए बिना समाचार पत्रों के प्रकाशन को रोक दिया गया। पत्र प्रकाशन के लिए लाइसेन्स सिर्फ साहित्यिक अथवा वैज्ञानिक विषयक पत्रों को ही दिये जाते। इस प्रकार राजनैतिक पत्रकारिता के विकास को नियन्त्रित करने का प्रयास किया गया।
फांस में सन् 1789 की कान्ति के समय घोषित मानवीय अधिकारों के घोषणा पत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी सम्मिलित किया गया। इस कारण पत्रों के प्रकाशन में तेजी से वृद्धि होने लगी। सन् 1789 से 1800 के मध्य 1,350 पत्रों का प्रकाशन हुआ। शासन ने पुनः सेन्सरशिप के द्वारा समाचार पत्रों को नियन्त्रित करने का प्रयास किया। सन् 1815 में लुईस अठारहवें ने प्रेस को स्वतन्त्रता दी। इसके उत्तराधिकारी लुईस फिलिप ने भी प्रेस स्वातन्त्र्य को मान्यता दी। लेकिन इसके बावजूद विपक्षी समाचार पत्रों पर कई मुकदमे चले तथा स्वतंत्रता को प्रतिबन्धित करने वाले अध्यादेश भी जारी किये गये। सन् 1881 के प्रेस एक्ट के प्रावधानों द्वारा फ्रांस में प्रेस को काफी स्वतन्त्रता दी गयी। इस एक्ट के अनेक प्रावधान आज भी लागू हैं।
फांस में 1958 के संविधान द्वारा औपचारिक रूप से प्रेस को स्वतन्त्रता दी गयी। इसकी प्रस्तावना में 1789 के मानवीय अधिकारों के घोषणा पत्र का सन्दर्भ दिया गया है। इसकी एक धारा में कहा गया है कि विचार एवं चिन्तन का स्वतन्त्र संप्रेषण व्यक्ति का महत्वपूर्ण अधिकार है। प्रत्येक व्यक्ति स्वतंत्र बोल सकता है, लिख सकता है तथा सूचना दे सकता है, इसके अतिरिक्त स्वतन्त्रता के दुरूपयोग के लिए कानूनी रूप से वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
फांस के कुछ प्रमुख प्रकाशन गृह और उनके पत्रों का विवरण इस प्रकार है -
1. फ्रांस एडीशन्स एट पब्लिकेशन ग्रुप- इस पत्र समूह के नियन्त्रण में ये पत्र हैं फांस सोइर, पेरिस प्रेस, लॉ जर्नल ड्यू डिमेन्शे, फांस-डिमेन्शे, इल्ले इत्यादि ।
2. अमारी ग्रुप- इस समूह के पत्रों में ले पार्शियन लिबरे, करे फोर, पाइण्ट ड्यू व्यू इमेजेस ड्यू मंडे आदि हैं।
3. प्रोवोस्ट समूह पैरिस मेच, मेरी क्लेयर इत्यादि ।
4. डेलडूका ग्रुप नोस ड्यूडक्स इंटीमिटी लॉ आई एन फ्लेयर आदि।
इनके अतिरिक्त विशेष विषयों पर आधारित समाचार पत्रों का भी प्रकाशन फांस में हो रहा है। इनमे 'लास इकोस आर्थिक विषयों का, 'लों नो व्यू जर्नल आर्थिक तथा स्टॉक एक्सचेंज का तथा ल इक्व खेलकूद विषयों के प्रमुख पत्र है। एजेन्सी फ्रांस प्रेस यानी एफपी फांस की प्रमुख संवाद समिति है। इस सम का विश्वव्यापी नेटवर्क है।
4. चीन में पत्रकारिता
चीन में भी पत्रकारिता पर सरकार का प्रत्यक्ष तथा पूर्ण नियन्त्रण है। चीन के साम्यवादी दल का मुख पत्र 'पीपुल्स डेली' है। 'पीपुल्स डेली' की प्रसार संख्या चीन में सर्वाधिक है। समाचार संग्रह के कार्य के लिए वहां की प्रमुख समाचार समिति 'नव चीन' समाचार समिति हैं। 'लिबरेशन आर्मी डेली' तथा जिन्ह मिन्ह पाओ' भी चीन के अन्य प्रमुख दैनिक हैं। 1949 में साम्यवादी शासन की स्थापना के बाद विरोधी समाचार पत्रों को समाप्त कर दिया गया। अब भी चीनी समाचार जगत कड़े सरकारी नियंत्रण में हैं और पत्रकारिता पर कई तरह के नियंत्रण लागू हैं।
5. आस्ट्रेलिया में पत्रकारिता
आस्ट्रेलिया में अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता को महत्वपूर्ण स्थापित मूल्य के रूप में स्वीकार किया गया है। युद्ध तथा आपातकाल की अवधि में ही प्रेस को नियन्त्रित करने तथा सेन्सरशिप लागू करने की व्यवस्था इस देश में की गई है। समाचार पत्र प्रकाशन में सरकार किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करती है।
आस्ट्रेलिया में 600 से अधिक प्रमुख समाचार पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं। यहां प्रति हजार व्यक्तियों पर 500 से अधिक समाचार पत्रों की प्रतियों का अनुपात है। आस्ट्रेलिया के प्रमुख पत्र हैं- सन न्यूज - पिक्टोरियल मेलबर्न, हेरल्ड मेलबर्न, डेली टेलीग्राफ, सिडनी मार्निंग हेराल्ड, द सन, डेली मिरर आदि।
आस्ट्रेलिया में समाचार पत्रों का विधिवत प्रकाशन सन 1803 से शुरू हुआ। इसी वर्ष एक सरकारी प्रिन्टर ने चार पृष्ठीय सिडनी गजट का प्रकाशन किया था। 1824 में द आस्ट्रेलियन के रूप में पहले स्वतन्त्र समाचार पत्र का प्रकाशन हुआ। यह पत्र 26 वर्ष तक जीवित रहा। आस्ट्रेलिया में तीन प्रमुख समाचार पत्र प्रकाशन समूह हैं जो लगभग 17 दैनिक पत्रों का प्रकाशन राजधानियों से कर रहे हैं। प्रान्तीय पत्रों में न्यूकसेल से प्रकाशित न्यूकसेल मार्निंग हेराल्ड नामक पत्र का प्रसार सबसे अधिक है। आस्ट्रेलियन एसोसियेटेड प्रेस आस्ट्रेलिया की प्रमुख संवाद समिति है।
6. जर्मनी में पत्रकारिता
जर्मनी में पत्रकारिता का प्रारम्भ सत्रहवीं शताब्दी के अन्तिम चरण में हुआ। सरकारी नियन्त्रणों के कारण जर्मनी में पत्रकारिता के प्रारम्भिक प्रयासों को विशेष प्रोत्साहन नहीं मिल सका। जर्मनी के प्रारम्भिक पत्रों में जीटुंग था।
सन् 1729 में फ्रेडरिक विलियम प्रथम ने विज्ञापन को राजकीय एकाधिकार में करके विज्ञापन- समाचार पत्र के प्रकाशन का आदेश दिया। ये पत्र 'इंटेलिजुआंग" कहलाते थे। कालान्तर में ये 'इंटेलिजुआग' विज्ञापन के साथ-साथ सरकारी तथा कानूनी घोषणाओं के माध्यम भी बने।
19 वीं शताब्दी में राजनैतिक, मनोरंजक तथा अन्य सूचना प्रधान समाचार पत्रों के प्रकाशन में तेजी आई। इस शताब्दी के प्रारम्भिक चरण में कुछ पत्रिकाएं प्रकाशित हुई। ये सेन्सर के दायरे से बाहर थी क्योंकि इन्हें पुस्तकों की श्रेणी में माना गया। धीरे-धीरे अन्य विषयों की पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन का सिलसिला प्रारम्भ हुआ।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी में प्रेस का तेजी से विकास हुआ। वहां सबसे बड़ा समाचार पत्र एक्ल जीसर स्प्रिंगर है। बिल्ड-जीटुंग जर्मनी का सर्वाधिक प्रसार वाला पत्र है। जर्मनी में अधिकांश समाचार पत्र प्रातः कालीन हैं। बिल्डेम सेन्द्रग तथा वेल्ट एम सोनट्ग रविवार को विशेष रविवारीय संस्करण प्रकाशित करते हैं।
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