गैर सरकारी संगठन में मुख्य लेखाकरण रिकॉर्ड - Main Accounting Record in NGO
मुख्य लेखाकरण रिकॉर्ड (Main Accounting Record)
हालांकि आम तौर पर सभी ट्रस्ट / एसोसिएशन अपने आकार प्रकार और क्रियाकलापों के आधार पर कैश बुक और लेजर रखते हैं, फिर भी, नीचे लिखी खाता पुस्तकें आवश्यक समझी जाती हैं:
1. पेटी कैश बुक
2. मुख्य कैश बुक(सामान्यता बैंक कॉलम के साथ )
3. जनरल लेजन
4. जर्नल
5. विनिवेश
6. विनिवेश रजिस्टर
7. स्थायी परिसम्पति रजिस्टर
8. स्टाक (माल खाता) रजिस्टर
ट्रस्ट / एसोसिएशन को विदे अंशदान सरकारी अनुदान, कुछ स्थानीय एजेंसियों से प्राप्त अनुदान और विदेशी एजेंसियों से प्राप्त अनुदान के संबंध में अलग-अलग खाता पुस्तकों के सेट रखने चाहिए। इस बारे में निम्नलिखित रजिस्टर रखे जा सकते हैं (1) कार्यपालक करने वाली एजेंसियों / अधिकारियों / वालंटीयरों को दिये जाने वाली 'अग्रिम राशि' का रजिस्टर
(2) ग्राट - इन एड अनुसार / योजना अनुसार रजिस्टर जिसमें योजना का विवरण, आरम्भ करने की तारीख समापन / अवधि समाप्ति की तारीख प्राप्त किए गए फंड, खर्च के स्वीकृत शीर्षों के अंतर्गत किए गए खर्च का ब्यौरा, तत्संबंधी बजट आबटन के साथ दिखाया गया हो।
(3) एक रजिस्टर जिसमें विभिन्न क्रियाकलापों / कार्यक्रमों / योजनाओं के लिए तत्संबंधित आवंटित ब पुनरीक्षण किया गया है । के प्रतिरूप किए गए खर्च आदि की प्रगति का
(4) स्थायी अग्रिम अकाउंट (पेटी कैश बुक और क्षतिपूर्ति वाउचर्स)
डबल एंट्री प्रणाली के अंतर्गत किसी लेन-देन को रिकॉर्ड करना सबसे पहले एक वाउचर से शुरू होता है। उसके बाद शिकर्ड की प्रमुख पुस्तकों में एक एंट्री की जाती है अर्थात् वह एंट्री जर्नल या कैश बुक में की जाती है। उसे लेजर में दर्ज किया जाता है और प्रत्येक खाते का शेष निकालकर वित्तीय विवरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इस प्रणाली के अंतर्गत जो मुख्य दस्तावेज और खाता पुस्तकें रखनी जरूरी है, उनके बारे में नीचे चर्चा की गई है'
वाउचर:-
यह बहुत जरूरी है कि खाता पुस्तकों में दर्ज किए गए हर एक लेन-देन के उचित समर्थन में लेनदेन को प्रमाणित करने वाला एक दस्तावेज होना चाहिए। इसे वाउचर का नाम दिया जाता है। अतः वाउचर उस लेन-देन को समर्थन देने वाला एक प्रमाणिक दस्तावेज है। ये दस्तावेज आंतरिक और बाहरी कोई भी हो सकता है। ट्रस्ट / सोसायटी के संबंध में यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि:
1. सभी खर्चों के प्राधिकृत किया गया हो और उन्हें जांच लिया गया है।
2. किसी भी धोखाधड़ी गलती या गलत प्रयोग से बचने के लिए आवश्यक बचाव के तरीके अपनाए जाने चाहिए
3. एक दक्ष लेखाकरण संचालन प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए।
इन सभी के लिए वाउचर प्रणाली के द्वारा उपयुक्त रिकॉर्ड रखे जाने चाहिए। एक वाउचर किसी लेन-देन का एक लिखित प्राधिकरण है, उसका लेखाकरण रिकॉर्ड है और उसकी अदायगी आदि का सबूत है।
अदायगी : इन वाउचरों का प्रयोग सभी अदायगियों और अन्य नकद भुगतान किये गए खर्चों के लिए किया जाता है। खर्चों के मामले में जहां तक हो सके, उन खर्चों के समर्थन में कैश मेमो या बिल आदि भी नत्थी कर दिये जाने चाहिए।
बैंक वाउचर कभी-कभी बैंक आदयगी का रिकॉर्ड रखने के लिए एक अलग वाउचर डाला जाता है। बैंक अदायगी के वाउचर का फार्म भी वैसा ही होता है। जैसा कि नकद अदायगी का वाउचर होता है। लेकिन जिस बैंक के माध्यम से भुगतान किया गया, उस बैंक का नाम, चेक नम्बर और तारीख संबंधी जानकारी भी उस वाउचर में दी जानी चाहिए।
रसीद :- यह वाउचर सभी तरह की रकम की प्राप्तियों का रिकॉर्ड रखने के लिए तैयार किया जाता है। चाहे वह नकद हो या चैक द्वारा प्राप्त हो, और वे चाहे किसी भी खाते के हों। कभी-कभी कैश बुक में दर्ज करने के लिए भुगतान कर्ता को दी गई रसीद की एक अतिरिक्त प्रतिलिपि वाउचर के तौर पर इस्तेमाल में लाई जाती है।

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