उपकल्पना का अर्थ एवं परिभाषाएँ - Meaning and Definitions of Hypothesis

उपकल्पना का अर्थ एवं परिभाषाएँ - Meaning and Definitions of Hypothesis

उपकल्पना द्वारा एक वैज्ञानिक अथवा प्रयोगसिद्ध अध्ययन किया जाता है। यह एक ऐसा पूर्वानुमान है जो किसी भी सामाजिक घटना/समस्या के विषय में तलाश करने हेतु प्रोत्साहित करता है। उपकल्पना की अनुपस्थिति में अनुसंधान की न तो दिशा निर्धारित होती है और न ही विषय क्षेत्र का ज्ञान शोधकर्ता को होता है। इसलिए शोधकर्ता के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वह तथ्यों के संकलन, अवलोकन के लिए अपनी कल्पना, अनुभव या अन्य किसी स्त्रोत के आधार पर एक कार्यकारी तर्क-वाक्य की निर्मिति करे और बाद में शोध के दौरान इस तर्क-वाक्य का परीक्षण करे। सामान्यत: यही तर्क-वाक्य उपकल्पना कहा जाता है।

परिभाषा- 

1 श्रीमती पी. वी. यंग- 

"एक कार्यवाहक उपकल्पना एक कार्यवाहक केन्द्रीय विचार है जो उपयोगी अध्ययन का आधार बन जाता है। "


2. जॉर्ज लुण्डबर्ग- 

'उपकल्पना एक सामाजिक तथा काम चलाऊ सामान्यीकरण अथवा निष्कर्ष है जिसकी सत्यता की परीक्षा करना शेष है। अपने बिल्कुल प्रारम्भिक चरणों में उपकल्पना कोई मनगढ़ना अनुमान, कल्पनापूर्ण विचार अथवा सहज ज्ञान इत्यादि कुछ भी हो सकता है, जो क्रिया अथवा अनुसंधान का आधार बन जाता है।'


3. बोगार्डस- 

“उपकल्पना परीक्षित होने वाला प्रस्ताव है।" 


4. एफ. एन. कर्लिंगर- 

'एक उपकल्पना दो या दो से अधिक चरों/परिवत्यों के बीच सम्बन्ध प्रदर्शित करने वाला एक अनुमानात्मक कथन है।'


उपर्युक्त परिभाषाओं के आलोक में यह कहा जा सकता है कि उपकलमा एक ऐसी कल्पनात्मक धारणा या पूर्वानुमान है जिसे शोधकर्ता शोध की प्रकृति के आधार पर पूर्व से निर्मित कर लेता है एवं शोध के दौरान उसकी वैधता का परीक्षण करता है। शोध के दौरान यह उपकल्पना सत्य एवं असत्य दोनों हो सकती है। यदि शोध में संकलित एवं विश्लेषित किए गए तथ्यों के आधार पर उपकल्पना प्रमाणित हो जाती है और इसी प्रकार की उपकल्पनाएँ कई बार, कई स्थानों पर अर्थात समय व काल से परे प्रमाणित होती जाती हैं तो वे शनैः शनैः एक सिद्धांत के रूप में स्थापित हो जाती हैं।