विज्ञापन के आधुनिक माध्यम - Modern Means of Advertising

विज्ञापन के आधुनिक माध्यम - Modern Means of Advertising


1840 में अमेरिकी में वॉलनी पामर ने मुद्रित विज्ञापन माध्यम के रूप में पत्र पत्रिकाओं का व्यावसायिक उपयोग प्रारम्भ कर दिया था। वह पत्र-पत्रिकाओं में स्थान खरीद लेता और विज्ञापनकर्ताओं से अधिक मूल्य लेकर उन्हें बेच देता था। यानी यह एक प्रकार से आधुनिक विज्ञापन एजेंसी का प्रारंभिक रूप था। 1873 तक अमेरिका में 'लेविस जींस मुद्रित माध्यमों में विज्ञापन के जरिए एक 'ब्रांड' बन चुकी थी। इसी तरह 1876 में कोका कोला को भी एक ब्रांड के रूप पहचान मिल गई थी।


मगर विज्ञापन के आधुनिक माध्यम के रूप में मुद्रित माध्यमों को व्यापक पहचान बीसवीं सदी में ही मिल पाई। प्रथम विश्व युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के दौर में जरूरी चीजों की मांग में बेतहाशा वृद्धि हो जाने से विज्ञापन की आवश्यकता और उपयोग में भी जबरदस्त इजाफा हुआ और इसी के साथ मुद्रित माध्यमों के विज्ञापनों में कला पक्ष और कॉपी लेखन पर भी अधिक ध्यान दिया जाने लगा। इसी दौर में डाक के जरिए विज्ञापन के एक और माध्यम का प्रचलन भी शुरू हुआ। डायरेक्ट मेल नामक यह माध्यम चुनींदा लोगों के पास सीधे उत्पाद भी जानकारी डाक द्वारा पहुंचाता था बड़े उत्पादों के प्रचार में यह माध्यम भी एक प्रभावशाली माध्यम साबित हुआ।


1928 में पहली बार रेडियो का उपयोग विज्ञापन के माध्यम रूप में किया गया और इसी के साथ श्रव्य माध्यम के रूप में विज्ञापन के लिए और माध्यम उपलब्ध हो गया । रेडियो के विज्ञापन जल्द ही लोकप्रिय हो गए। पचास के दशक में इंग्लैण्ड में सिनेमा घरों में दिखाए जाने के लिए 50 सेकेण्ड से 2 मिनट तक की अवधि की विज्ञापन फिल्में भी बनाई जाने लगी थीं जो दृश्य माध्यम के रूप में विज्ञापन के एक और माध्यम की शुरूआत थीं। इन फिल्मों ने अनेक उत्पादों को रातों रात लोकप्रिय बना दिया और इसी कारण यह माध्यम भी बेहद लोकप्रिय माध्यम बन गया । आज के टेलीविजन विज्ञापनों का जन्म भी इसी से हुआ है। इसी दौर में छोटे उत्पादकों ने सिनेमाघरों में स्लाइड के जरिए अपने उत्पादों के विज्ञापन की शुरुआत की, यह भी जल्द ही एक लोकप्रिय माध्यम बन गया


आज टीवी से भी अधिक नए विज्ञापन माध्यम विज्ञापन जगत में हलचल मचा रहे है। ऑनलाइन कंप्यूटर सेवा, होम शॉपिंग ब्रॉडकास्ट और मोबाइल तथा इंटरनेट ने नए विज्ञापन माध्यमों को जन्म दे दिया है और आज इंटरनेट या ईमेल के जरिए विज्ञापन को सारी दुनिया में भी पहुंचाया जाना संभव हो गया है। इन नए माध्यमों की लागत भी काफी कम है।