विज्ञापन के अन्य माध्यम - Other means of Advertising

विज्ञापन के अन्य माध्यम - Other means of Advertising


प्रकाशन और प्रसारण माध्यमों के अलावा भी विज्ञापन के कई अन्य माध्यम हैं। डाक माध्यम एक प्रकार का मुद्रित माध्यम हैं तो पोस्टर, होर्डिंग आदि बाह्य माध्यम। इसी तरह डायरी फाइल की चेन आदि उपहार माध्यम हैं। इसी तरह सचल माध्यम व विंडो डिस्प्ले आदि माध्यम भी हैं। विज्ञापन के ये सभी माध्यम अपनी सीमित खूबियों के बावजूद अलग-अलग वजहों से महत्वपूर्ण हैं।


डाक माध्यम:-  डाक माध्यम वैसे तो एक प्रकार के मुद्रित माध्यम ही हैं लेकिन डाक द्वारा उपभोक्ता तक पहुंचने के कारण इन्हें डाक माध्यम भी कहा जाता है। डाक माध्यम द्वारा उत्पादक अथवा विज्ञापनकर्ता अपने उत्पाद या सेवाओं का विज्ञापन पैम्फलेट, सूचीपत्र, गृह पत्रिका अथवा फोल्डर या विशेष अनुरोध पत्र द्वारा उपभोक्ता तक पहुंचाता है। इसके अलावा कभी-कभी डाक सामग्री पर ही सीधे-सीधे विज्ञापन मुद्रित करके उसे भी उपभोक्ता तक पहुंचाया जाता है।


जे.डब्लयू सेल्स ने डाक द्वारा विज्ञापन की व्याख्या इस प्रकार की है। Direct mail advertising is using the letter box to tell the right people about the right goods at the right time in the right way यानी डाक माध्यम में लैटरबक्स का इस्तेमाल प्रत्यक्ष विज्ञापन को सही व्यक्तियों तक पहुंचाने में किया जाता है। डाक सामग्री पर मुद्रित विज्ञापन में पोस्टकार्ड अंतर्देशीय आदि पर किसी विशेष उत्पाद का विज्ञापन संदेश कुछ पंक्तियों के जरिए मुद्रित कर दिया जाता है। फिर यह पोस्टकार्ड या अंतर्देशीय पत्र जो व्यक्ति भी प्रयोग करता है उसके द्वारा भेजे गये पत्र के जरिए यह मुद्रित संदेश भी दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाता है।







बाह्य माध्यम : बाह्य विज्ञापन माध्यम की परम्परा भी बहुत पुरानी है। दीवारों, सार्वजनिक स्थानों और सड़क के किनारे प्रदर्शित किए जाने वाले विज्ञापन वाय माध्यम के अंतर्गत आते हैं। बाह्य या आउटडोर विज्ञापन सस्ते होते हैं अधिक प्रभावशाली भी होर्डिंग्स, कियोस्क मैट्रीज, डिजिटल साइनेज आदि रूप में बाह्य विज्ञापन माध्यम आज भी अपनी उपयोगिता साबित कर रहे है। इस तरह के विज्ञापन अपने शब्द चित्र आकार आदि के कारण सहज रूप में लोगों का ध्यान खींचते हैं।


पोस्टर और होर्डिंग:-  पोस्टर और होर्डिंग्स स्थान विशेष में रहने वाले लोगों तक किसी उत्पाद या सेवा का विज्ञापन पहुंचाने के सबसे सुगम और सस्ते माध्यम हैं। पोस्टर भी स्थानीय स्तर पर विज्ञापन का अच्छा साधन है। प्रारम्भिक पोस्टरों श्वेत श्याम होते थे, फिर रंगीन पोस्टरों ने इनकी जगह ली और अब तो फ्लैक्स पोस्टरों ने कमाल ही कर दिया है। हिन्दुस्तानी सिनेमा को जन-जन तक पहुंचाने में भी पोस्टरों का अहम योगदान है। चुनाव प्रचार आदि में भी पोस्टर की बहुत उपयोगिता होती है।


होर्डिंग भी स्थानीय स्तर पर विज्ञापन का एक आदर्श माध्यम हैं। राजनीतिक दलों से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक सभी अपने उत्पादों, सेवाओं और वादों का विज्ञापन इन होर्डिंग के जरिए करते हैं। पहले होर्डिंग्स बनाने में समय बहुत लगता था लेकिन अब तकनीक के विकास के साथ कुछ ही समय में होर्डिंग्स तैयार हो जाती हैं। होर्डिंग्स के लिए स्थान का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि ही जगह पर लगी होर्डिंग ही लोगों का ध्यान खींचने में सफल होती है। 

स्टीकर एक प्रकार के पोस्टर हैं, जो छोटे आकार के कारण छोटी जगह पर भी लगाए जा सकते हैं। स्टीकर में संक्षिप्त ढंग से किसी खास उत्पाद का विज्ञापन किया जा सकता है और इन्हें आसानी से कहीं भी चिपकाया जा सकता है।


बैनर : इस विज्ञापन का माध्यम का प्रयोग सीमित अवधि के किसी आयोजन अथवा अन्य संदर्भ में स्थान विशेष की जनता तक किसी खास विज्ञापन संदेश को पहुंचाने के लिए किया जाता है। पहले बैनर सिर्फ कपड़े के बने होते थे लेकिन अब फ्लेक्स बैनर ही अधिक इस्तेमाल होने लगे हैं। बैनर का सामान्य आकार एक मीटर चौड़ा और 2 से 3 मीटर लम्बा होता है जिसे सुविधानुसार बढ़ाया-घटाया जा सकता है। बैनर के कपड़े सफेद अथवा रंगीन दोनों ही तरह के हो सकते हैं और पृष्ठभूमि के रंग के कॉन्ट्रास्ट रंगों से उस पर विज्ञापन संदेश लिख दिया जाता है। धूप, वर्षा, हवा आदि से जल्दी खराब हो जाने के कारण बैनर का इस्तेमाल अल्प के अवधि के विज्ञापनों के लिए ही किया जाता है।







वाल पेंन्टिंग:-  बाह्य विज्ञापनों का यह बहुत पुराना रूप है। इसमें किसी दीवार पर सीधे-सीधे विज्ञापन संदेश लिख दिया जाता है। यह भी विज्ञापन का स्थानीय माध्यम है। वैद्य हकीमों, शिक्षा संस्थानों, सर्कस आदि के विज्ञापन हो या बड़ी सीमेंट कंपनियों, पेंट या अन्य उत्पादों के विज्ञापन, वाल पेंटिंग के जरिए ऐसे हर तरह के उत्पादों की जानकारी आम आदमी को आसानी से मिल जाती है।


नियोन साईन व विद्युत डिस्प्ले:-  नियोन साईन भी एक तरह की होर्डिग्स ही हैं। इनमें बिजली के बल्बों, ट्यूब लाईट या अन्य प्रकाश स्त्रोतों से रंग बिरंगी रौशनी की मदद से विज्ञापन को प्रदर्शित किया जाता है। कुछ नियोन साईन स्थिर चित्र दिखाते हैं तो कुछ के चित्रों में गति भी होती है। अपने आकर्षक रूप के कारण नियोन साईन लोगों को बरबस अपनी ओर आकृष्ट कर लेते हैं।


कियोस्क:- सड़कों के बीच में बिजली के खम्भों आदि पर लगे धातु के बने दो फुट चौड़े और तीन फुट लम्बे कियोस्क विज्ञापन का एक और स्थानीय माध्यम है। कियोस्क में विज्ञापित उत्पाद के बारे में संक्षिप्त जानकारी होती है और इन्हें एक निश्चित अवधि के बाद बदल दिया जाता है। इसी तरह अब सड़क के किनारे ट्री गार्ड आदि में भी टीन की चादरों के छोटे-छोटे बोर्ड लगाकर उनके जरिए भी विज्ञापन किए जाते हैं। स्थानीय विज्ञापन के लिए यह भी एक सस्ता माध्यम है।


सचल विज्ञापन :- सचल विज्ञापन भी एक तरह के बाह्य विज्ञापन माध्यम है। जिनका उपयोग मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में परिवहन साधनों के जरिए होता है। सचल माध्यम के अर्न्तगत सार्वजनिक परिवहन की बसों, टैक्सियों, रेलों आदि परिवहन साधनों के अन्दर या बाहर, बस स्टेशनों, बस स्टापों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों आदि में लगे विज्ञापन इसी श्रेणी में आते हैं। परिवहन के साधनों से जुड़े होने के कारण इन्हें परिवहन माध्यम भी कहा जाता है। इस माध्यम में साईन बोर्ड, होर्डिंग्स या कियोस्क आदि का इस्तेमाल कर विज्ञापनकर्ता अपना संदेश प्रसारित करता है। कभी-कभी किसी विशेष उत्पाद के विज्ञापन के लिए किसी वाहन को ही पूरी तरह से विज्ञापित उत्पाद के रंग अनुरूप रंग कर या नया आकार देकर या उन पर उत्पाद का प्रदर्शन करके भी विज्ञापन किया जाता है। इसी माध्यम का एक और विस्तार बस, रेल या हवाई टिकटों में होने वाले विज्ञापनों के रूप में भी विकसित हो गया है। इन टिकटों के जरिए विज्ञापनकर्ता अपनी बात अधिक लोगों तक पहुंचा सकता है। मगर सस्ते होने के बावजूद सचल या परिवहन माध्यम एक सीमित क्षेत्र में ही उत्पाद का प्रचार कर सकते हैं जो इनकी एक बड़ी कमजोरी है।


उपभोक्ता को सीधे प्रभावित करने वाले माध्यम :- उपभोक्ता को सीधे प्रभावित करने वाले माध्यम यानी उपभोक्ता को उत्पाद खरीदते समय Point of Purchase प्रभावित करने वाले माध्यम यानी पीओपी बेहद स्थानीय माध्यम हैं इनके जरिए किसी एक संस्थान, स्टोर या दुकान में आने वाले ग्राहक को प्रभावित किया जाता है। इस माध्यम का उपयोग ग्राहक या उपभोक्ता के असमंजस को दूर करना है और उसे जरूरत की चीजों के साथ कुछ अन्य चीजें भी खरीदने के लिए प्रेरित करना है। पीओपी के अंतर्गत विंडो डिस्प्ले हैंगिंग, शो कार्ड, शॉपिंग बैग आदि आते हैं।

   विण्डो डिस्प्ले विज्ञापन का ऐसा माध्यम है जिसके जरिए उपभोक्ता के मन में उत्पाद के प्रति जिज्ञासा पैदा की जाती है। किसी भी बड़े स्टोर के बाहर शो केस में सजी चीजें उपभोक्ता को बरबस आकृष्ट कर लेती हैं। विंडो डिस्प्ले में इस बात का ध्यान रखा जाता है कि इसके जरिए विशिष्ट उत्पाद का आकर्षक प्रदर्शन हो सके।







हैंगिंग में उत्पाद का प्रदर्शन तो नहीं होता मगर उत्पाद के बारे बताया जाता है। किसी बड़े स्टोर के अन्दर लटकी हैगिंग उपभोक्ता को विज्ञापित उत्पाद को खरीदने के लिए प्रेरित करती है।


श्योकार्ड एक प्रकार का छोटा पोस्टर है जिसमें किसी उत्पाद का चित्र, उत्पाद के बारे में किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की राय और प्रतीक चिन्ह आदि का प्रयोग किया जाता है। श्यो कार्ड का प्रयोग काउंटर टेबल या विंडो डिस्प्ले में भी किया जाता है।


शॉपिंग बैग उपभोक्ता द्वारा खरीदे गए सामान को ले जाने के लिए इस्तेमाल होता है लेकिन यह भी पीओपी विज्ञापन माध्यम का ही एक स्वरूप है क्योंकि शॉपिंग बैग में उत्पाद या विक्रेता का नाम पता उसका ब्रांड आदि लिखा होता है। जो उत्पाद का प्रचार करता है। शॉपिंग बैग हमारे देश में बार-बार इस्तेमाल किए जाते हैं जिससे उत्पाद या विक्रेता का लगातार प्रचार होता रहता है।


उपहार माध्यम:- उपहार माध्यम उपभोक्ता का उपहार के जरिए सेवा या उत्पाद की जानकारी देते हैं। कैलेंडर फाइल की रिंग, डायरी आदि अनेक ऐसे उपहार हैं जो एक माध्यम के रूप में विज्ञापन और प्रचार का काम करते हैं। कैलेंडर पूरे वर्ष प्रयोग में आता है तो की रिंग हर वक्त प्रयोग में आती हैं। इसी तरह स्कूटर और कारों में लगे रंगीन स्टीकर भी विज्ञापन के उपहार माध्यम हैं। इन सभी उपहारों में उत्पाद, संस्थान या फर्म का परिचय और विज्ञापन होता है। डायरी में तो भीतरी पृष्ठों में भी विज्ञापनकर्ता के विज्ञापन छपे होते हैं। इसी तरह से पैन, कोस्टर, टेबल मैट और पेपरवेट आदि उपहार भी विज्ञापन के लिए काम आते हैं। येलो पेज, मैट्रीज, डिजिटल साइनेज ऑनलाइन प्रचार और टेलीफोन तथा मोबाइल द्वारा प्रचार भी विज्ञापन के नए माध्यम हैं ऑनलाइन और इंटरनेट प्रचार के बारे में तो यह कहा जाने लगा है कि वे ही भविष्य के विज्ञापन माध्यम होंगे।