जनहित याचिका (पी० आई० एल०) Public Interest Litigation (PIL)



जनहित याचिका (पी० आई० एल०) Public Interest Litigation (PIL)


पी० आई० एल० का अर्थ है जनहित या सामान्य हित को लागू कराने के लिए किसी न्यायिक अदालत में दायर की गई कानूनी कार्यवाही जनहित या सामान्य हित में जन सामान्य या समुदाय के एक वर्ग का धन सम्बंधी हित या ऐसे हित, जिससे उनके कानूनी हक या जिम्मेदारियों पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो, आते हैं। ऐसे व्यक्ति जो अकेले कानूनी अदालत में जाने की स्थिति में न हो, उनको न्याय दिलवाने के लिए यह एक मार्ग है।


जनहित याचिका के उद्देश्य :-  पी० आई० एल० लोगों को न्याय दिलाने की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जनता की तकलीफों की आवाज उठाई जाती है। पी० आई० एल० का उद्देश्य यह है कि जन सामान्य अदालत जाकर कानूनी तरीके से सुधार करा सकें।

पी० आई० एल० विरोध की भावना से कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सरकार और उसके कर्मचारियों के लिए एक चुनौती है और एक अवसर है कि वे समुदाय के उपेक्षित और पीड़ित वर्ग के लिए मूल मानवाधिकारों को सार्थक बनाएं और उन्हें सामाजिक और आर्थिक न्याय प्रदान करना सुनिश्चित करें, जो हमारे संविधान का अभिप्राय है।


जनहित याचिका दाखिला करने के आयोग्य व्यक्ति - 


(i) जिस व्यक्ति की सामाजिक हितों में पर्याप्त रूचि न हो, 


(ii) जो व्यक्ति अपने फायदे या अपने हित के लिए काम करता हैं,


(iii) राजनितिक ग्रस्तता वाला व्यक्ति,


(iv) बुरे इरादे रखने वाला व्यक्ति,


एक तीसरा पक्ष जो अभियोग पक्ष के लिए अंजान हो, और जिनमें अपराधी को सजा सुनाई गई हो ।






जनहित याचिका में उठाए जा सकने वाले मामले निम्नलिखित से संबंधित मामले:- 


1. मूल सुविधाएं, जैसे कि सडके, पानी दवाइयां, बिजली, प्राथमिक पाठशालाएं, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, बस सेवाएं आदि।


2. शरणार्थियों का पुनर्वास। 


3. बंधुआ और बाल मजदूरों की पहचान और उनका पुनर्वास।


4. गिरफ्तार लोगों की गैर कानूनी नजरबन्दी। 


5. पुलिस हिरासत में लोगों के साथ दुर्व्यवहार /उत्पीड़न।


6. हिरासत में मृत्य


7. कैदियों के अधिकारों की रक्षा


8. जेल सुधार ।


9. मुकदमों की तेजी की सुनवाई।


10. कालेजों में रैगिंग ।


11. पुलिस द्वारा नृशंसता का व्यवहार। 


12. अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध नृशंसता का व्यवहार ।


13. सरकारी कल्याण गृहों में रहने वालों के प्रति लापरवाही ।


14. हिरासत में बच्चे।


15. बच्चों को गोद लेना।


16. सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामले ।


17. कानून और आदेशों का पालन ।


18. न्यूनतम वेतन का भुगतान


19. गरीबों के लिए कानूनी सहायता।


20. भुखमरी के कारण मृत्यु


21. टेलीविजन पर अश्लील कार्यक्रम


22. मद्य निषेध।


23. पर्यावरण प्रदूषण।


24. अप्राधिकृत तौर पर घर से निकलना।


25. पटरी और गन्दी बस्तियों में रहने वालों की रक्षा


26. दहेज के कारण मृत्यु।


27. कल्याणकारी कानूनों का पालन।


28. गैर कानूनी सामाजिक प्राथाओं का सुधार, जैसे कि सती, बाल विवाह देववासी प्रणाली आदि।