कुछ प्रमुख भारतीय प्रकाशन गृह और उनके प्रकाशन - Some of the Major Indian Publishing Houses and their Publications
कुछ प्रमुख भारतीय प्रकाशन गृह और उनके प्रकाशन - Some of the Major Indian Publishing Houses and their Publications
भारत में समाचार प्रकाशन का व्यवसाय अब काफी पुराना हो गया है। देश में 41 मीडिया संस्थान ऐसे हैं जो अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुके हैं। वर्तमान में द बॉम्बे समाचार प्राइवेट लिमिटेड देश का सबसे पुराना प्रकाशन समूह हैं जो अब भी सक्रिय है। 1822 में मुम्बई से बॉम्बे समाचार नामक गुजराती दैनिक के प्रकाशन से इसकी शुरुआत हुई थी। बॉम्बे समाचार इस समय देश का सबसे पुराना अखबार है। 1875 से ही अंग्रेजी दैनिक स्टेटसमैन का प्रकाशन कर रहा द स्टेटसमैन पब्लिक लिमिटेड देश का एक दूसरा सबसे पुराना प्रकाशन समूह है जो अब भी स्टुटेसमैन का प्रकाशन कर रहा है। गुजराती दैनिक गुजरात समाचार को 1932 से प्रकाशित कर रहा लोक प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड देश का एक अन्य पुराना प्रकाशन समूह है।
देश में दैनिक समाचार पत्र के साथ पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन से जुड़े कुछ प्रमुख प्रकाशन समूह निम्नलिखित हैं-
1. बेनट कॉलमेन एण्ड कम्पनी
टाइम्स ऑफ इंडिया (अंग्रेजी दैनिक, 1838) इकोनोमिक टाइम्स ( अंग्रेजी दैनिक, 1961) नवभारत टाइम्स (हिन्दी दैनिक 1950), महाराष्ट्र टाइम्स ( मराठी दैनिक, 1972), सांध्य टाइम्स (हिन्दी दैनिक, 1970), टाइम्स ऑफ इंडिया (गुजराती दैनिक, 1989), फेमिना (अंग्रेजी - हिन्दी महिला पत्रिका), टाइम्स नाऊ (अंग्रेजी न्यूज चैनल)।
2. इंडियन एक्सप्रेस समूह
लोकसत्ता (मराठी दैनिक, 1948), इंडियन एक्सप्रेस (अंग्रेजी दैनिक, 1953 ) फाइनेंशियल एक्सप्रेस (अंग्रेजी दैनिक, 1977), लोक प्रभा ( मराठी साप्ताहिक, 1974), जनसत्ता (हिन्दी दैनिक, 1983), समकालीन (गुजराती दैनिक, 1983), स्क्रीन ( अंग्रेजी साप्ताहिक, 1950), दिनामनि (तमिल दैनिक, 1957)
3. आनन्द बाजार पत्रिका समूह
आनन्द बाजार पत्रिका (बांग्ला दैनिक 1920), बिजनेस स्टैण्डर्ड ( अंग्रेजी दैनिक 1976), टेलीग्राफ (अंग्रेजी दैनिक, 1980), संडे (अंग्रेजी साप्ताहिक 1979). आनन्द मेला (बांग्ला पाक्षिक, 1975) आनन्द कोष (बांग्ला पाक्षिक, 1985), स्पोर्ट्स वर्ल्ड (अंग्रेजी साप्ताहिक, 1978), बिजनेस वर्ल्ड (अंग्रेजी पाक्षिक 1951)
4. मलयालम मनोरमा समूह
मलयालम मनोरमा (दैनिक, 1957) द वीक (अंग्रेजी दैनिक, 1982), मलयालम मनोरमा (मलयालम साप्ताहिक, 1951), मलयालम मनोरमा (वार्षिक) हिन्दी, अंग्रेजी और मलयालम।
5. अमृत बाजार पत्रिका समूह
अमृत बाजार पत्रिका (अंग्रेजी दैनिक, 1868), जुगान्तर (बांग्ला दैनिक, 1937 ), नारदन इंडिया पत्रिका (अंग्रेजी दैनिक, 1959), (हिन्दी दैनिक, 1978) ।
6. हिन्दुस्तान टाइम्स एण्ड एलाइड प्रकाशन
हिन्दुस्तान टाइम्स (अंग्रेजी दैनिक, 1924) हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक, 1936 ), नंदन (हिन्दी मासिक 1964), कादम्बिनी (हिन्दी मासिक, 1960)
7. हिन्द समाचार समूह
हिन्द समाचार (उर्दू दैनिक, 1940), पंजाब केसरी (हिन्दी दैनिक, 1965 ) तथा पंजाबी दिब्यून।
8. मातृभूमि प्रिंटिंग एण्ड पब्लिशिंग कम्पनी
मातृभूमि डेली( मलयालम दैनिक, 1962) चित्रभूमि (मलयालम साप्ताहिक, 1982), गृहलक्ष्मी (मलयालम मासिक, 1979)।
9. कस्तूरी एण्ड संस लिमिटेड
द हिन्दू (अंग्रेजी दैनिक, 1878), स्पोर्ट्स स्टार (अंग्रेजी साप्ताहिक, 1978), फ्रंटलाइन (अंग्रेजी पाक्षिक), इण्डियन क्रिकेट (क्रिकेट वार्षिकी)।
10. द ट्रिब्यून ट्रस्ट
द ट्रिब्यून (अंग्रेजी दैनिक 1957) ट्रिब्यून (हिन्दी दैनिक, 1978), ट्रिब्यून (पंजाबी दैनिक 1978)।
11. सौराष्ट्र ट्रस्ट
जन्म भूमि (गुजराती दैनिक, 1934) जन्मभूमि प्रवासी (गुजराती दैनिक, 1939), फुलछाव (गुजराती दैनिक 1952), कच्छमित्र (गुजराती साप्ताहिक 1957), व्यापार (सप्ताह में दो बार गुजराती, 1948)।
12. संदेश लिमिटेड
संदेश (गुजराती दैनिक, 1923) श्री (गुजाराती साप्ताहिक, 1962), धर्म संदेश (गुजराती पाक्षिक, 1965)
13. राजस्थान पत्रिका समूह
राजस्थान पत्रिका (हिन्दी दैनिक, 1956) इतवारी पत्रिका (हिन्दी साप्ताहिक, 1974), राजस्थान पत्रिका (अंग्रेजी दैनिक, 1984), बालहंस (हिन्दी पाक्षिक, 1980)
14. द न्यूज पेपर्स एण्ड पब्लिकेशन पब्लिक लिमिटेड
इंडिया नेशन (अंग्रेजी दैनिक, 1930) ) आर्यावर्त (हिन्दी दैनिक, 1940)
15. लिविंग मीडिया इण्डिया लिमिटे इण्डिया टुडे (बहुभाषी समाचार पत्रिका)
( अंग्रेजी, हिन्दी, तमिल, तेलगू और मलयालम समाचार पत्रिका) मेल टुडे (अंग्रेजी दैनिक) कास्मोपालिटन अंग्रेजी फैशन और लाइफ स्टाइल पत्र गुडहाउस कीपिंग (अंग्रेजी पत्रिका) मैन्स हल्थ (अंग्रेजी स्वास्थ्य पत्रिका)
16. जागरण समूह
दैनिक जागरण सर्वाधिक प्रसार संख्या वाला हिन्दी दैनिक, आर्य नेक्स्ट (हिग्लिश टेबुलाइट दैनिक) सखी (हिन्दी महिला पत्रिका), जागरण वार्षिकी (हिन्दी वार्षिकी)।
17. डी बी कार्प लिमिटेड
दैनिक भाष्कर (हिन्दी दैनिक), दिव्य भाष्कर (गुजराती दैनिक). अहा जिन्दगी (मासिक हिन्दी पत्रिका). डी एन ए (अंग्रेजी दैनिक)
इस प्रकार समूहों के अतिरिक्त देश में एक दर्जन से अधिक ऐसे बड़े प्रकाशन समूह हैं जो किसी दैनिक का प्रकाशन तो नहीं कर रहे लेकिन उनकी पत्रिकाओं का नाम और लोकप्रियता किसी से कम नहीं है। इनमें सरिता, मुक्ता, सरस सलिल, चम्पक और गृह शोभा आदि का प्रकाशन करने वाली दिल्ली बुक कम्पनी प्रमुख हैं।
देश के विभिन्न राज्यों से प्रकाशित प्रमुख हिन्दी दैनिक इस प्रकार हैं -
1. बिहार- आर्यावर्त, हिन्दुस्तान आज, रांची एक्सप्रेस, प्रभात खबर।
2. मध्य प्रदेश - नई दुनिया, नवभारत टाइम्स, चौथा संसार, दैनिक भास्कर, देशबन्धु।
3. हरियाणा - आज, समाज, पंजाब केसरी।
4. महाराष्ट्र - नवभारत टाइम्स, जनसत्ता आज का आनन्द।
5. पंजाब- पंजाब केसरी, दैनिक ट्रिब्यून।
6. राजस्थान - राजस्थान पत्रिका दैनिक भास्कर, दैनिक नवज्योति, जय राजस्थान।
7. उत्तर प्रदेश- जागरण, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, आज राष्ट्रीय सहारा, स्वतन्त्र भारत।
8. पश्चिम बंगाल विश्वमित्र, सन्मार्ग, जनसत्ता
9. दिल्ली- नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, पंजाब केसरी,सहारा, जनसत्ता, राष्ट्रीय आज, समाज, वीर अर्जुन, जागरण।
10. हिमाचल प्रदेश- उदय भारत।
11. उत्तराखण्ड अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान, राष्ट्रीय सहारा, शाह टाइम्स, उत्तर उजाला।
स्वतन्त्रता के बाद हिन्दी पत्रकारिता का व्यापक प्रसार हुआ है। राजनैतिक समाचारों के विवरण मात्र से हटकर साहित्य संस्कृति तथा ज्ञान-विज्ञान के विविध विषयों की व्यापकता को हिन्दी पत्रकारिता ने समेटने का प्रयास किया हैं। तकनीकी विषयों पर अवश्य ही हिन्दी पत्रकारिता अभी प्रारम्भिक अवस्था में हैं, किन्तु अन्य सभी क्षेत्रों में उसने अंग्रेजी सहित सभी भाषाओं को पीछे छोड़ दिया हैं।
स्वतंत्र भारत में हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं की सिर्फ संख्यात्मक वृद्धि ही नहीं हुई। वरन् हिन्दी पत्रकारिता ने समाज निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण के लिए भी आधार भूमि तैयार करने में पहल की हैं। जन-जन की भावनाओं को हिन्दी पत्रकारिता ने मुखरित किया हैं, सुधारवादी प्रवृत्तियों को प्रोत्साहित किया हैं, हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार के दायित्व का निर्वाह किया हैं, साहित्यिक सांस्कृतिक अभिरूचि का विकास किया है तथा राष्ट्रीयता की भावनाओं का विकास किया है।
31 मार्च, 2007 तक देश में पंजीकृत पत्र पत्रिकाओं की कुल संख्य 6,54,032 थी। जिसमें 7131 दैनिक, 22,116 साप्ताहिक, 8,547 पाक्षिक, 19,456 मासिक और 4,470 त्रैमासिक थे पंजीकरण के आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 123 भाषाओं और बोलियों में पत्र-पत्रिकाएं प्रकाशित होती हैं जिनमे सबसे अधिक 9885 पत्र-पत्रिकाएं उत्तर प्रदेश से निकलती हैं।
2010 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार दैनिक जागरण देश का सबसे अधिक प्रसार संख्या वाला अखबार था और इसकी प्रसार संख्या सभी संस्करणों को मिलाकर एक करोड उनसठ लाख पच्चीस हजार थी। दूसरे स्थान पर दैनिक भास्कर था जिसकी प्रसार संख्या एक करोड़, तैंतीस लाख तीन हजार थी । हिन्दुस्तान की प्रसार संख्या एक करोड़, एक लाख, तितालीस हजार थी और यह तीसरे स्थान पर था। चौथे स्थान पर मलयालयी मनोरमा था और इसकी प्रसार संख्या अठानबे लाख इकतालीस हजार थी। अमर उजाला दैनिक के सभी संस्करणों की प्रसार संख्या चौरासी लाख, सत्रह हजार थी और यह पांचवें स्थान पर था। छठे स्थान पर रहे लोकमत की प्रसार संख्या चौहतर लाख दो हजार थी। प्रसार संख्या के लिहाज से सातवें स्थान पर दैनिक तांथी था और इसके सभी संस्करणों की प्रसार संख्या भी चोहत्तर लाख दो हजार थी। द टाइम्स ऑफ इंडिया के सभी संस्करणों की प्रसार संख्या सत्तर लाख अठासी हजार थी और यह आ स्थान पर था राजस्थान पत्रिका के सभी संस्करणों की प्रसार संख्या उनहतर लाख थी और यह नवें स्थान पर था। मातृभूमि की प्रसार संख्या पैंसठ लाख छियासठ हजार थी और यह दसवें स्थान पर था। आनंद बाजार पत्रिका की प्रसार संख्या पैंसठ लाख उनतालीस हजार थी और यह ग्यारहवें स्थान पर थी इनाडु की प्रसार संख्या इकसठ लाख चौवन हजार थी और यह बारहवें स्थान पर था। गुजरात समाचार की प्रसार संख्या बावन लाख अठारह हजार थी और यह तेरहवें स्थान पर था। दिनाकरन चौदहवें स्थान पर था और इसकी प्रसार संख्या पचास लाख इकतालीस हजार थी। साक्षी की प्रसार संख्या छियालीस लाख अड़तीस हजार थी और यह पंद्रहवें स्थान पर था। सोलहवें स्थान पर डेली सकाल था और इसकी प्रसार संख्या बयालीस लाख दो हजार थी। पंजाब केसरी सत्रहवें स्थान पर था और इसकी प्रसार संख्या पैंतीस लाख इकसठ हजार थी। चौतीस लाख तिरपन हजार की प्रसार संख्या के साथ हिन्दुस्तान इम्स अठारहवें स्थान पर था। दिव्य भास्कर की प्रसार संख्या तैंतीस लाख अठासी हजार थी तथा इसका स्थान उनीसवां था। बीसवें स्थान पर विजय कर्नाटक था और इसकी प्रसार संख्या बत्तीस लाख तिहतर हजार थी।
2010 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार वनीता मलयालयी पत्रिका पहले स्थान पर थी और इसकी प्रसार संख्या सताईस लाख इक्यावन हजार थी सरस सलिल की प्रसार संख्या बीस लाख पैंतालीस हजार थी और यह दूसरे स्थान पर थी। तीसरे स्थान पर रही प्रतियोगिता दर्पण की प्रसार संख्या अठारह लाख तीन हजार थी। इंडिया टुडे अंग्रेजीद्ध की प्रसार संख्या सत्रह लाख इकहतर हजार थी और यह चौथे स्थान पर थी। पांचवें स्थान पर इंडिया टुडे हिन्दीद्ध थी, जिसकी प्रसार संख्या तेरह लाख एक हजार थी। कुमुदम छठे स्थान पर थी और इसकी प्रसार संख्या बारह लाख तिहतर हजार थी। मेरी सहेली की प्रसार संख्या बारह लाख पैंसठ हजार थी और यह सातवें स्थान पर थी। बलराम पत्रिका आठवें स्थान पर थी और इसकी प्रसार संख्या बारह लाख इक्कीस हजार थी। साप्ताहिक मलयालया मनोरमा की प्रसार संख्या बारह लाख सत्रह हजार थी और यह नवें स्थान पर थी। गृहशोभा दसवें स्थान पर थी और इसकी प्रसार संख्या ग्यारह लाख इक्यासी हजार थी। गृहलक्ष्मी की प्रसार संख्या ग्यारह लाख साठ हजार थी और यह ग्यारहवें स्थान पर थी। रीडर्स डाइजेस्ट की प्रसार संख्या ग्यारह लाख इक्वायन हजार थी और यह बारहवें स्थान पर थी। दस लाख सत्तासी हजार की प्रसार संख्या के साथ क्रिकेट सम्राट तेरहवें स्थान पर और मातृभूमि आरोग्य मासिक की प्रसार संख्या ग्यारह लाख पैंसठ हजार थी और यह चौदहवें स्थान पर थी। पंद्रहवें स्थान पर आनन्द विकतन थी और इसकी प्रसार संख्या दस लाख तेतालीस हजार थी। जनरल नॉलेज टुडे सोलहवें स्थान पर थी और इसकी प्रसार संख्या नौ लाख तिरसठ हजार थी। कुंगुमम की प्रसार संख्या नौ लाख छह हजार थी और यह सत्रहवें स्थान पर थी। चंपक हिन्दी आठ लाख अड़तालीस हजार की प्रसार संख्या के साथ अठाहरवें स्थान पर थी। मातृभूमि वार्ता की प्रसार संख्या आठ लाख पैंतालीस हजार थी और यह उनीसवें स्थान पर थी। बीसवें स्थान पर निरोगधाम पत्रिका थी जिसकी प्रसार संख्या आठ लाख तिरालीस हजार थी।
हिन्दी के दस प्रमुख समाचार पत्रों की जून, 2010 तक प्रसार की स्थिति पर के साथ अठारवें स्थान पर थी। मातृभूमि वार्ता की प्रसार संख्या आठ लाख पैंतालीस हजार थी और यह उनीसवें स्थान पर थी। बीसवें स्थान पर निरोगधाम पत्रिका थी जिसकी प्रसार संख्या आठ लाख तिरालीस हजार थी।
नाम - सभी संस्करणों की कुल प्रसारण संख्या
दैनिक जागरण - एक करोड़ उनसठ लाख पच्चीस हजार
दैनिक भास्कर - एक करोड़ तैंतीस लाख तीन हजार
हिन्दुस्तान - एक करोड़ एक लाख तैंतालीस हजार
अमर उजाला - चौरासी लाख सत्तर हजार
राजस्थान पत्रिका - उनहतर लाख
पंजाब केसरी - पैंतीस लाख इकसठ हजार
नवभारत टाइम्स - चौबीस लाख पिचहत्तर हजार
नई दुनिया - चौदह लाख आठ हजार
प्रभात खबर - तेरह लाख छियालीस हजार
हरिभूमि - तेरह लाख चौदह हजार
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