प्रश्नावली के प्रकार - Types of Questionnaires

प्रश्नावली के प्रकार - Types of Questionnaires

 प्रश्नावली के प्रकार - Types of Questionnaires

प्रश्नावली

प्रश्नावली प्रश्नों या कथनों का समूह हैं, जिसके माध्यम से व्यक्ति से पूछकर सूचनाएं एकत्रित की जाती हैं। यह निर्माण में एक आत्मनिष्ठ तथा प्रयोग में वस्तुनिष्ठ विधि है तथा इसका प्रयोग तब किया जाता है जब तथ्यात्मक सूचनाओं की आवश्यकता होती है। प्रश्नावली का निर्माण इस प्रकार किया जाता है जिससे व्यक्ति के वांछित गुणों का मापन हो सके। प्रश्नावली का प्रयोग व्यक्तिगत तथा सामूहिक दोनों रूपों में किया जा सकता है। यदि प्रश्नावली का प्रयोग समूह के लिए किया जाता है तो यह समय, धन और श्रम की बचत करने मे सहयोगी होता है।

 

प्रश्नावली के प्रकार

1. संरचना के आधार पर प्रश्नावली दो प्रकार की होती है।

(अ) बन्द या संरचित प्रश्नावली 

इस प्रकार की प्रश्नावली के प्रश्नों का स्वरूप ऐसा होता है जिनके सम्भावित उत्तर दे दिये जाते हैं तथा व्यक्ति को इन उत्तरों में से एक उत्तर को चुनकर प्रश्न का उत्तर देना होता है, इस प्रकार की प्रश्नावली को प्रतिबन्धित संरचित या बन्द प्रकार की प्रश्नावली कहा जाता है क्योंकि व्यक्ति को इस बात के लिए बाध्य किया जाता है कि वह दिये गये वैकल्पिक उत्तरों में से किसी एक विकल्प को चुने दिये गये वैकल्पिक उत्तर हो या नहीं में हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए आपको घर में पढ़ाई में कौन सहायता देता है ?

1. माँ

2. पिता

3. भाई

4. बहन

5. अन्य

 

इस प्रकार की प्रश्नावली को छात्रों पर प्रशासित करना सुविधाजनक होता है, इसको भरना या उत्तर प्राप्त करना सरल है तथा इसमें कम समय लगता है। यह एक वस्तुनिष्ठ विधि है। इसका अंकन, सारणीयन और परिणामों का विश्लेषण अपेक्षाकृत सरल होता है।

इस प्रश्नावली की कमी यह है कि इसमें उत्तर का चुनाव प्रतिबन्धित होता है यह भी हो सकता है कि दिये गये वैकल्पिक उत्तरों में वह उत्तर सम्मिलित न हो जो छात्र देना चाहता हो। इसी दोष को दूर करने के लिए विकल्पों के साथ एक विकल्प अन्य श्रेणी का होना चाहिए।

 

आंकड़ों के संग्रह की तकनीकियाँ

(ब) खुली या असंरचित प्रश्नावली 

इस प्रकार की प्रश्नावली में छात्रों को दिए गए प्रश्नों का उत्तर अपने शब्दों में देना होता है। यहां पर प्रश्नों के कोई भी सम्भावित उत्तर नहीं दिये जाते हैं। यद्यपि इन प्रश्नावलियों के द्वारा व्यक्ति स्वतन्त्र विचार एवं भावनाएं व्यक्त करता है लेकिन इस प्रकार से प्राप्त उत्तरों का 

अंकन एवं परिणामों का विश्लेषण करना असुविधाजनक एवं कठिन होता है।

उदाहरण के लिए आपको घर में पढ़ाई में कौन सहायता करता है ?

बहुत सी प्रश्नावलियों में खुले तथा बन्द दोनों प्रकार के प्रश्न होते हैं। सूचना संकलन के लिए कौन सी प्रश्नावली उपयुक्त है इसका निर्णय प्रश्नावली का निर्माणकर्ता अपने उद्देश्य एवं जीवसंख्या के ध्यान में रख कर करता है। 2. प्रशासन के आधार पर प्रश्नावली दो प्रकार की होती है

(अ) डाक प्रश्नावली जब प्रयोज्य दूर रहता है तो उसे डाक द्वारा प्रश्नावली भेजकर भी आवश्यक सूचनाएं प्राप्त की जा सकती हैं। इस प्रश्नावली को डाक प्रश्नावली कहा जाता है। प्रश्नावली के साथ प्रश्नावली के प्रश्नों का उत्तर देने सम्बन्धी निर्देश तथा एक लिफाफा भी भेज दिया जाता है। इस प्रकार की प्रश्नावली के प्रशासन में समय का व्यय अधिक होता है परन्तु व्यक्ति को प्रत्यक्ष रूप से प्रयोज्य के सम्मुख उपस्थित होने की बाध्यता नहीं रहती। इस विधि के प्रशासन करने पर भरी हुयी प्रश्नावलियां प्राप्त करने में अधिक समय लगता है क्योंकि सूचना संकलनकर्ता के प्रत्यक्ष न होने पर लोग प्रश्नावली भरने में रुचि कम लेते हैं और समय पर वापस नहीं करते हैं। इसलिए इस प्रकार की प्रश्नावली का प्रयोग करते समय सूचना संकलनकर्ता को बार-बार स्मरण पत्र भेजना चाहिए तथा सम्पर्क में रहना चाहिए।

(ब) प्रत्यक्ष प्रश्नावली इस प्रकार की प्रश्नावली का प्रशासन शोधकर्ता अपनी उपस्थिति में करता है। इस ढंग की प्रश्नावली के क्रियान्वयन करने में शोधकर्ता स्वयं समूह में खड़ा होकर निर्देश देता है तथा आने वाली समस्याओं का समाधान भी करता है। इस प्रकार की प्रश्नावली को प्रत्यक्ष प्रश्नावली कहते हैं। इस प्रकार की प्रश्नावली के प्रशासन में श्रम अधिक लगता है परन्तु सूचनाओं का संकलन ठीक प्रकार से हो जाता है और भरी हुयी प्रश्नावली समय से प्राप्त हो जाती है।