द्विपक्षीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठन - bilateral and international organizations

bilateral and international organizations

द्विपक्षीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठन - bilateral and international organizations


द्विपक्षीय संगठन


द्विपक्षीय शब्द का अभिप्राय दो देशों के मध्य समझौता से है। दो देश जाति, रंग अथवा मूलवंश के भेदभाव के बिना, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद और पुनर्वास के लिए दान की गयी सामग्री के प्रवेश को शुल्क रहित प्रवेश समझौता करते हैं। इन समझौतों के अंतर्गत वस्तुएं जैसे खाद्यान्न, दुग्ध पाउडर पनीर, प्रसंस्कृति खाद्य सामग्री, दवाइयाँ, मल्टीविटामिन की गोलियाँ, अस्पताल, अस्पताल के उपकरण जैसे एंबुलेंस सचल औषधालय, कृषि औजार आदि अपने-अपने देशों में स्थिर संगठनों द्वारा स्वीकार किए जाते हैं। अधिकारिता मंत्रालय उपहार वितरण के द्विपक्षीय करार करता है, जिसे भारत सरकार, जर्मनी संघीय गणतंत्र स्वीडन, स्वीटज़रलैंड, यूनाइटिड किंगडम और संयुक्तराज्य अमेरिका के साथ करती है। भारतीय खाद्य निगम को उपहार के समझौते के अंतर्गत स्वीकृत दरों पर सेवाओं के लिए भुगतान पर उपहार परेषणके सम्बन्ध में बंदरगाह संचालन कार्य को संभालने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। स्वीकृत परेशितियों के स्थान के लिए उपहार वितरण की निकासी और अंतर्देशीय परिवहन पर होने वाला व्यय समझौते की शर्तों के अनुसार मंत्रालय द्वारा निर्वहन किया जाता है।






अंतर्राष्ट्रीय संगठन यद्यपि लोगों की भलाई राज्य की चिंता है, फिर भी यह वित्तीय संसाधनों, जनशक्ति और अन्य संसाधनों की कमी के कारण पूरा नहीं किया जा सकता। इसलिए राज्य अपने गरीबों और जरूरतमंदो के भाग्य को सुधारने के लिए अन्य राष्ट्रों और देशों की मदद पर आश्रित होता है। यह इस मान्यता पर आधारित है कि समाज कल्याण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की जरूरत सर्वत्र मानवों को सामाजिक और आर्थिक कल्याण पहुँचाने के लिए पड़ती है। 


अंतर्राष्ट्रीय समाज कल्याण संगठनों को पाँच समूहों में बांटा जा सकता है -


1. अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप की सरकारी संस्थाएं अर्थात संयुक्तराष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन।


2. निजी अंतर्राष्ट्रीय संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय समाज कार्य सम्मेलन विश्व मानसिक स्वास्थ्य परिसंघ अंतरराष्ट्रीय बाल कल्याण संघ।


3. प्रत्येक देश में निजी अंतरराष्ट्रीय संगठनों की स्वतंत्र संस्थाएं होती हैं, यथा- अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रांस वाइ.एम. सी. ए. और वाइ. डब्ल्यू. सी. ए.।


4. राष्ट्रीय सरकारी संस्थाएं अन्य देशों को अपनी मदद प्रदान करती हैं उदाहरणार्थ संयुक्तराज्य तकनीकी सहयोग कार्यक्रम अथवा चार सूत्री कार्यक्रम।


5. राष्ट्रीय निजी संस्थाएं दूसरे देशों को समाज सेवाएं प्रदान करती हैं यथा- फोर्ड फाउंडेशन और भारत में स्थित रॉकफैलर फाउंडेशन।







भारत में अंतरराष्ट्रीय संगठन


अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जिन्होंने भारत में अपने कार्यकलाप संचालित किए उनमें रेड क्रास, वाइ. एम. जी. ए. और वाई. डब्ल्यू. सी. ए. सम्मिलित हैं। ये संगठन अपने राष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से भारत में कार्य कर रहे हैं जो पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद राष्ट्र संघ ने कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठन शुरू किए जिन्होंने कुछ समय बाद भारत में कार्य करना प्रारम्भ किया। दूसरा विश्वयुद्ध समाप्त होने के बाद अन्य संस्थाओं समेत विश्वस्वास्थ्य संगठन और खाद्य एवं कृषि संगठन अस्तित्वमें आए जिन्होंने भारत में क्षेत्रीय कार्यालयों की स्थापना की।






उक्त वर्णित संस्थाओं के अलावा कुछऔर अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नाम प्रस्तुत किए गए हैं -


• एक्शनफॉर फूड प्रोडक्शन


• को-आपरेटिव फॉर अमेरिकन रीलीफ एवरीव्हेयर


• इंडो-जर्मन सोशल सर्विस सोसाइटी


• इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ लायन्स क्लब


• रोटरी इंटरनेशनल


• साल्वेशन आर्मी