विकलांगताओं से ग्रस्त व्यक्ति का विकास - Development of a person with disabilities

विकलांगताओं से ग्रस्त व्यक्ति का विकास - Development of a person with disabilities

विकलांगताओं से ग्रस्त व्यक्ति का विकास - Development of a person with disabilities


राष्ट्रीय नीति के अनुसार विकलांग देश के लिए मूल्मान मानव संसाधन हैं और यह ऐसा परिवेश सृजित करने का प्रयत्न करती है जो विकलांगों को समान अवसर उनके अधिकारों का संरक्षण और समाज में पूरी हिस्सेदारी प्रदान करती है। नीति के प्रमुख तव निम्न हैं -


• विकलांगताओं का निवारण जागरूकता और शीघ्र पहचान शिविर) और पुनर्वास समाधानों (भौतिक, शैक्षिक, व्यवसायिक आर्थिक पुनर्वास) पर विशेष ध्यान


• डी. डी. आर. सी. और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के प्रत्याधिक सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा)


• उपर्युक्त संसाधनों और उनके कार्य के माध्यम से जागरूकता शीघ्र पहचान और मध्यस्थता परामर्श और चिकित्सा पुनर्वास


• उपयुक्त और आधुनिक साधनों और यंत्रों पर फोकस 


इसके अलावा, इस नीति में, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायक नर्स मिडवाइफ, गैर-सरकारी संगठनों के कार्यक्रमों को प्रशिक्षण देकर तथा अध्यापकों, पंचायत सदस्यों और समुदाय के लोगों में जागरूकता का सृजन करके पुनर्वास व्यवसायिकों के बारे में वर्णन किया है। सर्वशिक्षा अभियान और विकलांग व्यक्ति समेकित शिक्षा योजना में विकलांग व्यक्तियों की शिक्षा पर जोर दिया गया है। इसके अलावा शैक्षिक संस्थाओं में 3 प्रतिशत आरक्षण और सरकारी संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपग्रमों में रोजगार उपलब्ध किया गया है। भारत सरकार ने विकलांग व्यक्तियों के लिए तीन कानून बनाए हैं- 









• विकलांगता से ग्रस्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्व सहभागिता) अधिनियम, 1995 जो शिक्षा, रोजगार बाधा स्वतंत्र वातावरण का सृजन, सामाजिक सुरक्षा आदि उपलब्ध करता हैं।


• आत्मविमोह से ग्रस्त प्रमस्तिष्क आघात, मानसिक मंदता और बहु विकलांगता अधिनिमय 1999 में चार श्रेणियों के कानूनी संरक्षण और अधिक से अधिकदक्ष बनाने वाले परिवेश के लिए उपबंध हैं।


• भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम 1992 पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध करने के लिए जनशक्ति विकास से संबन्धित है। 


इसके अलावा, निम्न संस्थाओं के रूप में व्यापक बुनियादी संरचना का विकसित किया गया है -


• शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति संस्थान, नई दिल्ली।


• राष्ट्रीय दृष्टि बाधित विकलांग व्यक्ति, संस्थान, देहरादून विकलांग व्यक्ति राष्ट्रीय संस्थान कोलकता।


• मानसिक विकलांग व्यक्ति राष्ट्रीय संस्थान, सिकंदाराबाद।


• राष्ट्रीय श्रवण विकलांग व्यक्ति संस्थान, मुंबई।


• राष्ट्रीय पुनर्वास प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्था कटक।


• राष्ट्रीय बहुविकलांगताग्रस्त व्यक्ति सशक्तिकरण संस्थान चैन्नई।


पाँच संयुक्त पुनर्वास केन्द्र, चार क्षेत्रीय पुनर्वास केन्द्र और 120 जिला विकलांगता पुनर्वास केन्द्र (डी.डी.आर.सी) हैं जो अनेक प्रकार की पुनर्वास सेवाएं प्रस्तुत करते हैं। स्वस्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अन्तर्गत विभिन्न अन्य संस्थाएं है


• राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तांत्रिक विज्ञान संस्थान, बैंगलौर 


• अखिल भारतीय भौतिक चिकित्सा और पुनर्वास संस्थान, मुंबई


• अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान, मैसूर


• केन्द्रीय मनोचिकित्सा संस्थान, रांची