सामाजिक नियोजन को प्रभावित करने वाले कारक - Factors Affecting Social Planning
सामाजिक नियोजन को प्रभावित करने वाले कारक - Factors Affecting Social Planning
सामाजिक नियोजन निम्नलिखित कारकों से प्रभावित होता है-
1) राजनीतिक इच्छाशक्ति
सामाजिक नियोजन संपूर्ण तथा अंतिम रूप से राज्यद्वारा किया जाता है। इसलिए इसमें राजनीतिक इच्छा शक्ति होनी चाहिए क्योंकि भारत में राजनीतिक नेताओं के द्वारा ही विकास योजनाओं का निर्माण किया जाता है। राजनीतिक नेताओं तथा समाज के प्रबुद्ध वर्ग के बुद्धिजीवियों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय होना चाहिए। जिससे कि इसको प्रभावी तरीके से क्रियान्वित किया जा सके।
2) संस्थागत विकास
सामाजिक नियोजन के प्रभावपूर्ण प्रतिपादन एवं क्रियान्वयवन के लिए उपयुक्त सामाजिक संस्थाओं का होना आवश्यक होता है। सामाजिक विकास के अंग के रूप में सामाजिक संस्थानों को देखा जाना चाहिए। संस्थाओं का स्वथ विकास व्यक्तियों को विकास कार्यक्रमों में भाग लेनें तथा लाभ उठाने के अवसर प्रदान करता है।
3) स्थानीय संसाधनों का उपयोग
स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा स्थानीय संसाधनों को गतिशील बनाकर प्रभावपूर्ण सामाजिक योजना बनायी एवं क्रियान्वित की जा सकती है।
4) भूमिकाओं एवं प्रविधियों की स्पष्टता
सामाजिक नियोजन तभी प्रभावपूर्ण बन सकता है जब सामाजिक योजना के निर्माण एवं कार्यान्वयन से संबंधित भूमिका को स्पट कर दिया जाए कि किस व्यक्ति की भूमिका क्या होगी तथा इसमें प्रयोग की जाने वाली प्रविधियों को भी स्पष्ट कर देना चाहिए।
5) ऐच्छिक एवं सरकारी संस्थाओं में स्फ्ट विभेद
ऐच्छिक एवं सरकारी दोनों प्रकार की संस्थाएँ अपनी-अपनी भूमिका का प्रतिपादन योजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन में करती है। इसलिए जनता को इनके द्वारा प्रतिपादित भूमिकाओं एवं प्रविधियों की स्ष्ट जानकारी होनी चाहिए जिससे इनका उचित मूल्यांकन किया जा सके।
6) स्थानीय प्रबंध तथा आत्म निपुणताएँ
विभिन्न प्रकार की सामाजिक संस्थाओं का विकास एवं प्रबंध स्थानीय स्तर पर किया जाये जिससे सामाजिक योजनाओं को प्रभावपूर्ण तरीके से कार्यान्वित किया जा सके।साथ ही साथ ये सामाजिक संस्थाएँ स्थानीय स्तर पर ऐसी निपुणताओं का विकास कर सके जो इनकी प्रभाव पूर्ण क्रिया में सहायक सिद्ध हो सके।
7) जन संवेदनशीलता
जन संवेदनशीलता से तात्पर्य यह है कि समाज में रहने वाले लोग सामाजिक समस्याओं रहे। यदि वे जागरूक रहते हैं तो सामाजिक निय एवं महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक यदि वे नियोजन का प्रतिपादन एवं कार्यान्वयवन प्रभावपूर्ण होगा।
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