सामाजिक नीति के क्षेत्र - Fields of social policy

सामाजिक नीति के क्षेत्र - Fields of social policy

सामाजिक नीति के क्षेत्र - Fields of social policy


प्रो. सुरेन्द्र सिंह, प्रो. पी. डी. मिश्र एवं डॉ. ए. एन सिंह (2006 4-5) के अनुसार सामाजिक नीति के क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान समाज में विद्यमान सामाजिक समस्याओं का दायरा प्रवृत्ति, व्यापकता का विश्लेषण और विभिन्न नीतियों के माध्यम से इनका निवारण शामिल है। 

सामान्यत:सामाजिक नीति के तीन प्रमुख क्षेत्र हैं जिनके कार्यों का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण माना जाता है -


1. सामाजिक कार्यक्रम तथा उससे संबंधित कार्य


इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, आवास, पोषण, श्रम, पेंशन आदि कार्यक्रम आते हैं। सामाजिक बदलाव, सामाजिक सुरक्षा, असमानता में कमी आदि भी इसमें समाहित हैं।


2. समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित सामाजिक नीति


सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव समाज में विभिन्न वर्गों को जन्म देता है मसलन औद्योगीकरण ने कृषि जगत एवं उससे जुड़े समस्तवर्ग को हाशिए पर ला दिया है। कृषक हाशिए की स्थिति में और उद्योगपति एवं उद्यमी समाज के श्रेष्ठि वर्ग हैं। सामाजिक नीति द्वारा हाशिए के वर्गों का सशक्तिकरण किया जाता है। 


3. समाज में महत्वपूर्ण वर्गों से संबंधित सामाजिक नीति


समाज में ऐसे वर्ग होते हैं जिन्हें व्यापक सुरक्षा और कल्याण की आवश्यकता होती है। मसलन- बच्चे / बच्चियां, विधवा औरतें, वृद्धजन, विकलांग, भयंकर बीमारी से पीडित लोग विस्थापित, निर्धन लोग इत्यादि। सामाजिक नीति इन पर अपना ध्यान केंद्रित रखती है।


डेवरेक्स और कुक (2000: 63-74) ने सामाजिक नीति हस्तक्षेप के पाँच क्षेत्र बताएं हैं 


1. सामाजिक क्षेत्र (Social Sector) स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, आवास आदि


2. सामाजिक बीमा (Social Insurance): पेंशन, बेरोजगारी भत्ता, विकलांग  भत्ता आदि


3. सामाजिक सुरक्षा (Social Protection): खाद्य अनुदान


4. सामाजिक सेवाएं (Social Services): वंचित एवं कमजोर वर्गों की देखभाल 


5. सामाजिक अधिकार (Social Rights): बच्चे/बच्चियां, श्रमिक, स्त्रियां आदि