समाज कल्याण प्रशासन के कार्य - Functions of Social Welfare Administration
समाज कल्याण प्रशासन के कार्य - Functions of Social Welfare Administration
संस्था द्वारा निर्धारित किए गए प्रयोजनों की प्राप्ति हेतु समाज कल्याण प्रशासन के निम्न कार्य प्रमुख हैं-
1. संस्था के उपयुक्त प्रयोजनों और कार्यक्रमों को तैयार करना।
2. इकट्ठा की गई सूचना का विश्लेषण करना ताकि सामाजिक समस्याओं का निवारण करने के लिए समुचित उपाय प्रस्तुत किए जा सकें।
3. समस्याओं पर नियंत्रण करने और समाज कल्या संस्था की पहलों को आरंभ करने के लिए उपयुक्त कार्य योजना की पहचान करना, जाँच परख करना और चयन करना।
4. समाज कल्याण संस्था के प्रयोजनों की प्राप्ति के लिए बेहतर तरीके से नीतियाँ, कार्यक्रम और योजनाएं बनाना।
5. समाज कल्याण संस्था के लिए उचित अभिविन्यास और पर्यवेक्षण के साथ उपयुक्त कार्मिकों की पहचान करना जिससे कि वे प्रयोजनों को समझ सकें और संस्था के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कार्यक्रमों का कार्यान्वयन कैसे किया जाता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकें।
6. उन स्वयंसेवियों को प्रोत्साहित करना जो समाज कल्याण संस्था के लक्ष्य और प्रयोजनों में स्वयं को लगा सकें।
7. पर्यवेक्षण के अंतर्गत प्रशासन विभिन्न विभागों को कार्य आबंटित करेगा जो विभिन्न विभागों में दिए गए उस कार्य के लिए जवाबदेह होंगे जिसका समन्वय करना है जिससे कि इष्टतम परिणाम पर्याप्त किए जा सके।
8. नियम, विनियम, व्यवहार और प्रक्रियाओं को निर्धारित किया जाए जिससे कि संस्था में पूरे कर्मचारियों के बीच एकरूपता और जवाबदेही हो और संस्था के प्रयोजनों को सरलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।
9. संस्था को उचित अभिलेख और रिपोर्ट रखनी चाहिए। संस्था की प्रगति का पता लगाने के लिए इन अभिलेखों और रिपोर्टों को विश्लेषित और व्याख्यायितकिया जाना चाहिए।
10. वित्तीय व्यवहार बहुत किफायती ढंग से और सख्ती से निर्धारित किए जाने चाहिए जिससे कि कोई दुरूपयोग न किया जा सके।
11. प्रत्येक संस्था को कार्य के कुछ मानदंड होते हैं और प्रत्येक समय उन मानदंडों को पूरा करने के काम का निर्धारण किया जाना चाहिए।
12. एक प्रमुख सूत्र जो संस्थाको संगठित रखता है, वह संप्रेषण है। संस्था के सभी क्षेत्रों से संप्रेषण स्पष्ट और सुचारू होना आवश्यक है, चाहे यह विभाग से विभाग तक क्षैतिज हो अथवा ऊपर नीचे अथवा नीचे से ऊपर की ओर हो। संस्था के पास समुदाय के लोगों के साथ खुला संचार माध्यम भी होना आवश्यक है।
13. समाज कल्याण प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि संस्था में संस्था के विभिन्न विभागों के भीतर और संस्था में विभिन्न स्तरों पर सही समन्वय हो। जब संस्था पूर्णरूप से कार्य करती है तो इसके प्रयोजनों को पूरा करना सबसे ज्यादा प्रभावी हो जाता है।
14. संस्था के कार्यक्रमों की जांच-पड़ताल करनेव मूल्यांकन करने तथा संपूर्ण कार्य का आकलन करने में समाज कल्याण प्रशासन की जरूरी भूमिका होती है
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