सरकारी संगठन - government organization
सरकारी संगठन - government organization
देश में सरकारी संगठन सरकार के हैं और ये तीन स्तों पर हैं अर्थात स्थानीय, राज्य और केन्द्रीय स्तर। समाज कल्याण सेवाएं ग्रामीण और शहरी स्थानीय प्राधीकरणों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर हैं।
ग्रामीण स्थानीयों प्राधिकरणों में पंचायती राज व्यवस्थाएँ हैं जो देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय शासन के लिए शुरू की गई थीं। तीन-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली में ग्राम पंचायत पंचायत समिति, और जिला पंचायत होती हैं और ये अपने अपने संबन्धित क्षेत्रों के लिए कल्याणकारी कार्यकलाप शुरू करने के लिए जिम्मेदार हैं। शहरी स्थानीय प्राधिकरणों में नगर निगम हैं जिंका सृजन संबन्धित राज्यविधायिका के अधिनियमों द्वारा किया गया थे। इन नगर निगमों को समाज कल्याण के क्षेत्र में अनिवार्य और विवेकाधीन कार्य दिये जाते हैं। राज्य स्तर पर, राज्य सरकारें और संघ क्षेत्र के प्रशासन, समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में अनेक प्रकार की कल्याणकारी सेवा कार्यक्रमों का निर्माण करते हैं और उन्हें कार्यान्वित करते हैं। राज्य सरकार अथवा संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन प्रमुख रूप से समाज कल्याण विभागों और स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से कल्याण के प्रस्ताव और कार्यक्रम क्रियान्वित करते हैं। राज्य स्तर पर, समाज कल्याण विभाग, कल्याण कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है और विभाग का प्रशासनिक प्रधान सचिव होता है।
समाज कल्याण विभाग का प्रधान निदेशक होता है जिसकी मदद, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशकों, प्रशासनिक अधिकारी और सहायक स्टाफ द्वारा की जाती है। कार्यक्षेत्र में संभागीय और जिला समाज कल्याण अधिकारी जिला स्तर पर कार्य करते हैं तथा अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न कल्याण परियोजनाएं लागू करते हैं। सभी स्तरों पर प्रशासनिक और स्टाफिंग संरचना कमोबेश एक जैसा है और कुछ छोटे-मोटे परिवर्तनों को छोड़कर, प्रत्येक राज्य में इसी प्रकार की सेवाएं प्रस्तुत की जाती हैं।
राज्य समाज कल्याण बोर्ड के प्रमुख कार्य निम्न हैं-
i. विभिन्न क्षेत्रों में कल्याण सेवाओं के विकास के संदर्भ में स्वच्छिक समाज कल्याण संस्थाओं की वृद्धि का संवर्धन करना।
ii. सहायता अनुदान कार्यक्रम निम्न की ओर से नियोजित करना
• विकास और पूंजी अनुदानों के लिए केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड।
• अनुरक्षण अनुदानों के लिए राज्य कल्याण सरकार
iii. सहायता प्राप्त संस्थाओं के लिए कार्यक्षेत्र परामर्श सेवाओं की व्यस्था में केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड की मदद करना।
iv. ग्रामीण कल्याण परियोजनाओं के कार्यक्रमों कोनियोजित करना।
V. राज्या और स्थानीय स्तरों पर स्वैच्छिक कल्याण संस्थाओं केमध्य प्रभावी समन्वय को प्रेरित करना।
कल्याणकारी सेवाओं के भावी विकास में केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड और राज्य सरकार की मदद करना।
वार्तालाप में शामिल हों