इतिहास और मानवविज्ञान - History and Anthropology

इतिहास और मानवविज्ञान - History and Anthropology

इतिहास और मानवविज्ञान - History and Anthropology

एक विषय के रूप में मानवविज्ञान इतिहास का प्रमुख अंग है। यह कहना भी अतिशयोक्ति न होगी कि मानवविज्ञान इतिहास का एक ऐसा अंग है, जिसे पृथक नहीं किया जा सकता इतिहास एवं मानवविज्ञान दोनों के ही अध्ययन का प्रमुख केंद्र मानव है इतिहास में जहाँ हम मानव के क्रियाकलापों के अध्ययन पर जोर देते हैं, वहीं मानवविज्ञान के तहत हम मानव के उद्भव एवं विकास का अध्ययन करते है, परंतु मानव एवं उसकी संस्कृति का अध्ययन इतिहास तथा मानवविज्ञान दोनों की ही प्रमुख विषय वस्तु है।





एक स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन के रूप में मानवविज्ञान का विकास उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में हुआ, इससे पूर्व वह विषय सामान्यत: इतिहास का ही अंग माना जाता है। संभवतः मानवविज्ञान का एक स्वतंत्र विषय के रूप में उद्भव इतिहास संबंधी वैज्ञानिक अवधारणा 9वीं शताब्दी की देन है। डिल्बे (Dilthey) महोदय के अनुसार "मानवविज्ञान के तहत प्रकृति का अध्ययन किया जाता है तथा इतिहास में अध्ययन का प्रमुख केंद्र मानव होता है। सर जॉन मायर्स के अनुसार “प्रकृति तथा मनुष्य का संबंध इतना घनिष्ठ है कि एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। अतः इतिहास को वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान करने के पीछे एकमात्र निहित लक्ष्य समाज में मानवीय अवस्था एवं परिस्थितियों को नियंत्रित करने वाले कारकों का प्रकटीकरण था। विज्ञान प्रकृति का अध्ययन है, अतः अन्य परिस्थितियों के साथ-साथ प्राकृतिक परिवेश में भी मानवीय कार्यों एवं उपलब्धियों का अध्ययन इतिहास में किया जाता है"


उन्नीसवीं शताब्दी के पूर्वाद्ध में प्राकृतिक विज्ञाना का विकास आरंभ हुआ। प्राणी जगत के अन्य सदस्या के साथ मनुष्य जाति के भिन्न-भिन्न समूहों के वैज्ञानिक वर्गीकरण के प्रथम प्रयत्न इसी समय हुए। मनुष्य को प्रकृति का अंग मानकर उसका अध्ययन करने के इन प्रारंभिक प्रयत्नों में मानवविज्ञान का जन्म हुआ मानववैज्ञानिक (Anthropologist) शब्द अरस्तू द्वारा गढ़ा गया है। अठारहवीं शताब्दी के जर्मन आदर्शवादी कांट (Kant) ने 1789 ई. में एंथ्रोपोलॉजी' शीर्षक की एक पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने मनुष्य की पशु उत्पत्ति को प्रस्तावित किया। 1822 ई. में ब्रिटिश इनसाइक्लोपीडिया में इस शब्द का समावेश हुआ।






अंग्रेजी भाषा में एंथ्रोपोलॉजी (मानवविज्ञान) शब्द की उत्पत्ति दो मूल शब्दों एंथ्रोपॉस और लॉगॉस से हुई है, जिनके अर्थ क्रमशः मानव और विज्ञान है। एडवर्ड टाइलर ऐसे प्रथम व्यक्ति थे, जिन्हें आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में 1884 ई. में शिक्षक का स्तर मिला। एडवर्ड टाइलर मानवविज्ञान के महान प्रणेताओं में से एक थे। सामान्य मानवविज्ञान का पहला पाठ्यक्रम वर्माण्ट (Vermont ) यूनिवर्सिटी में सर्वप्रथम 1885 ई. में लागू किया गया।