इतिहास विज्ञान है या कला - History is Science or Art
इतिहास विज्ञान है या कला - History is Science or Art
इतिहास विज्ञान है या कला ? यह विवाद का विषय बन गया है। वास्तव में इतिहास विषयक वैज्ञानिक अवधारणा 1 9वीं शताब्दी की देन है। ई. एच. कार कहते हैं कि “18वीं शताब्दी के अंत में विज्ञान की उपलब्धियों ने विश्व के विषय में और स्वयं व्यक्ति की भौतिक विशेषताओं के विषय में उसके ज्ञान को बढ़ाने में एक बड़ी भूमिका अदा की थी। यह प्रश्न उठा कि क्या विज्ञान, समाज के विषय में व्यक्ति का ज्ञान नहीं बढ़ा सकता। 19वीं शताब्दी में धीरे-धीरे सामाजिक विज्ञानों और उनमें इतिहास को शामिल करने की धारणा विकसित हुई तभी से मानवीय व्यवहार का अध्ययन करने के लिए वह पद्धति अपनाई जाने लगी जिसे विज्ञान प्राकृतिक दुनिया का अध्ययन करने के लिए करता है।
सर्वविदित है कि विज्ञान शब्द, अंग्रेजी शब्द साइंस (Science) का हिंदी अनुवाद शब्द लैटिन भाषा साइन्टिया से बना है, जिसका अर्थ बोधगम्य नियमों से है। हिंदी शब्द विज्ञान = विज्ञान से बना है। इसमें 'वि' का अर्थ है विशेष तथा ज्ञान का अर्थ है जानकारी। अतः विज्ञान का अर्थ विशेष जानकारी माना जा सकता है। इसके अंतर्गत क्रमबद्ध ज्ञान और कला का सम्मिश्रण भी किया गया है। कार्ल पियर्सन का मत है कि ज्ञान के तथ्यों का वर्गीकरण, उनके क्रमों की स्वीकारोक्ति एवं उसके सापेक्षिक महत्व को आनना ही विज्ञान (Science) है।
विज्ञान के अर्थ एवं उसकी विशेषताओं को देखते हुए इतिहास को विज्ञान की श्रेणी में लाना उचित नहीं प्रतीत होता इतिहास के मात्र कुछ वैज्ञानिक तथ्यों से उसे विज्ञान नहीं माना जा सकता। विज्ञान में कुछ सामान्य नियम होते हैं, जिनमें विश्वास किया जाता है। किंतु इतिहास में न ही ऐसे सामान्य नियम होते हैं और न इतिहास का लेखक किसी नियम में विश्वास करता है। वैज्ञानिक विज्ञान के सामान्य नियमों में विश्वास किए बगैर एक क्षण भी कार्य नहीं कर सकता, जबकि इतिहासकार सामान्य नियमों एवं सिद्धांतों में आस्था नहीं रखता। अनेक भिन्नताओं के होते हुए भी कुछ विद्वानों ने इतिहास को विज्ञान की श्रेणी में रखने का प्रयास किया है।
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