इतिहास विज्ञान है - history is science

इतिहास विज्ञान है - history is science

 इतिहास विज्ञान है - history is science


विज्ञान का अर्थ है किसी विषय को सरल एवं बोधगम्य बनाना। इस प्रकार इतिहास भी विज्ञान की पंक्ति में आकर खड़ा हो गया। इसी क्रम में वॉल्श ने विज्ञान की वह परिभाषा दी कि किसी वस्तु के क्रमबद्ध ज्ञान को विज्ञान कहते हैं।


19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में इतिहास को वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान करने का एक आंदोलन चला उस समय और इंग्लैंड में इस आंदोलन का नेतृत्व जे बी. ब्यूरी ने किया। इसी क्रम में ब्यूरी ने अपना उपर्युक्त मत व्यक्त किया कि 'इतिहास विज्ञान है न कम न अधिका' समसामयिक इतिहास लेखन पर भी इसका प्रभाव पड़ा। वास्तव में वैज्ञानिक इतिहासकारों के प्रयास के कारण 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में इतिहास का स्वरूप परिवर्तित हो गया। इन इतिहासकारों ने इतिहास के अध्ययन में कुछ वैज्ञानिक नियमों का प्रतिपादन भी किया ब्यूरी ने तो इतिहास का वैज्ञानिक ढंग से तथ्यान्वेषण व सुक्ष्म निरीक्षण की पद्धति को इतिहास अध्ययन का अंग माना। रांके ने इतिहास अध्ययन की वैज्ञानिक अनिवार्यता पर बल दिया। अतः इन विद्वानों ने इतिहास को विज्ञान निरूपित किया है। 1.2.3.3 इतिहास कला है


इतिहासकार जहाँ सत्य का अनुशीलन करता है, वहीं वह उसकी प्रस्तुति में कला का भी समावेश होता है। कला की पाँच विधाएँ हैं, जिनमें एक प्रमुख विद्या साहित्य है। सत्य के अन्वेषण में इतिहास मात्र ठूंठ कंकाल रह जाता है। अतीत की संरचना निर्जीव हो जाती है। ऐसी ही स्थिति में इतिहास, साहित्यपरक होकर बोल उठता है।












इतिहास को वैज्ञानिक रूप देने वाले प्रो. जे. बी. ब्यूरी का कथन है कि जब तक इतिहास को कला माना जाएगा तब तक इसमें सत्यता तथा यथार्थता का प्रतिष्ठापन कठिन होगा और में स्मरण दिलाना चाहूंगा कि इतिहास साहित्य की शाखा नहीं है।" ब्यूरी ने इतिहास के साहित्यपरक प्रस्तुति का विरोध इसलिए किया, क्योंकि यह उनके वैज्ञानिक प्रस्तुति में बाधक थी। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि इतिहास को साहित्यपरक शैली से वंचित किया जाए और व्यक्तिगत भावनाओं के प्रभाव से मुक्त किया जाए।


स्पष्ट है कि इतिहास को पूर्णतया विज्ञान नहीं माना जा सकता। इस विषय में रेनियर ने लिखा है। कि यद्यपि इतिहास विज्ञान नहीं है, फिर भी एक अनुशासन है और विषयक वस्तु के प्रति इसकी पहुँच विज्ञान की तरह है, फिर भी अनेक इतिहासकारों की अवधारणा है कि इतिहास वैज्ञानिक विधियों से परिष्कृत होने के बावजूद कला अथवा साहित्य की शाखा है। क्रोचे के अनुसार कला न तो आनंद के आदान-प्रदान का साधन है और न प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण बल्कि यह व्यक्तिगत ज्ञान की दृष्टि की अभिव्यक्ति है। इस प्रकार कला भावनाओं की प्रक्रिया नहीं अपितु ज्ञान की अभिव्यक्ति है। क्रोचे का कथन है कि इतिहासकार का यह दायित्व है कि वह तथ्यों का कलात्मक प्रस्तुतीकरण करें। कॉलिवुड कहते हैं कि एक वैज्ञानिक प्राकृतिक तथ्यों का मात्र अवलोकन करता है, पर एक इतिहासकार कलाकार के रूप में उनका अनुभव करता है। इतिहासकार और कलाकार में जब सामंजस्य की स्थिति बनती है तब ऐतिहासिक तथ्य कलापरक ढंग से प्रस्तुत किए जा सकते हैं।










जी. आर एल्टन का विचार है कि इतिहास कला है। उनकी दृष्टि में इतिहास को वैज्ञानिक विधियों से परिष्कृत करने के बावजूद उसके प्रस्तुतीकरण एवं व्याख्या में कलात्मक शैली की नितांत आवश्यकता होती है। ऐतिहासिक तथ्य प्रायः नीरस एवं निर्जीव होते हैं। इतिहास के भग्नावशेष तथा पुरावशेष भी नीरस ही होते हैं, पर इतिहासकार अपने कलापरक प्रस्तुती से उसे सरस बना देता है। निर्जीव ऐतिहासिक तथ्यों को इतिहासकार कल्पना से जोड़ता है, जिससे वे सजीव हो बोलने लगते हैं अपना इतिहास बयाँ करने लगते हैं। इतिहास की संरचना में कल्पना का अपना महत्व है। कॉलिंगवुड उसके इस परिकल्पनात्मक प्रस्तुतीकरण को ऐतिहासिक कल्पना कहते हैं।