आवास नियोजन - housing planning

housing planning

आवास नियोजन - housing planning

पहली, दूसरी, तीसरी तथा चौथी पंचवर्षीय योजना में छूट युक्त औद्योगिक आवास योजना निम्न आय समूह आवास योजना, मलिन बस्ती सफाई एवं सुधार योजना ग्रामीण आवास योजना, श्रम आवास योजना, प्रयोगात्मक आवास योजना, केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों के कार्यालयों एवं आवासों की योजना इत्यादि कई योजनाएं प्रारम्भ की गयीं।


पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में समाज के पिछड़े वर्गों की आवासीय स्थिति में सुधार लाने के लिए राज्य आवास परिषदों द्वारा आवासीय बस्तियाँ बनाने का प्रावधान किया गया। ग्रामीण अंचलों में भूमिहीन श्रमिकों के लिए आ स्थल प्रदान करने की व्यवस्था की गयी। छठीं पंचवर्षीय योजना में भूमिहीन श्रमिकों को आवासीय सुविधायें सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया गया।


इसके लिए आवास स्थल तथा मकान बनाने के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध कराने, पीने के पानी की व्यवस्था करने तथा सम्पर्क मार्गों का निर्माण करने का प्रावधान किया गया। न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम के माध्यम से आवासीय समस्या का समाधान करने पर बल दिया गया। आवास एवं नगर विकास निगम तथा सामान्य बीमा निगम ने ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में मकान बनाने के लिए ऋण देना प्रारम्भ किया। 








सातवीं पंचवर्षीय योजना में आत्म सहायता पर आधारित आवास निर्माण को प्रोत्साहित देने, आवास स्थल प्रदान किये जाने के लिए चयनित किये जाने के बावजूद इसे न प्राप्त कर पाने वाले ग्रामीण परिवारों को आवास स्थल उपलब्ध कराने तथा कम लागत के आवास बनाने से सम्बन्धित प्रावधान किये गये।


नौवीं पंचवर्षीय योजना में विशेषतया पिछड़े वर्ग के आवास पर विशेष बल दिया गया है जिनके अन्तत:  गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाले लोग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अपंग, श्रमिक वर्ग तथा बस्तियां थीं, इन वर्गों के लिए सरकार के द्वारा प्रावधान दिये गये तथा उनके लिए अलग से आवास खण्ड की व्यवस्था की गयी। सार्वजनिक क्षेत्र को गरीबों के आवास के कार्यभार को अपने कन्धों पर उठाने के लिए उन्हें प्रलोभन तथा छूट के माध्यम से आकर्षित किया गया। 


दसवीं पंचवर्षीय योजना में ग्रामीण तथा पिछड़े वर्ग के परिवारों को आवासों को कम लागत में उपलब्ध कराना तथा सार्वजनिक क्षेत्रों का ध्यान इस ओर पूर्णतया आकर्षित करना एवं पर्यावरण का ध्यान रखते हुए सभी के लिए आवास की सुविधा प्रदान करना।