सांख्यिकी का महत्व - importance of statistics
सांख्यिकी का महत्व - importance of statistics
सांख्यिकी के महत्व को निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर समझा जा सकता है -
• संख्यात्मक स्वरूप
समकालीन संदर्भ में अधिकतर गुणात्मक आंकड़ों का प्रयोग किया जा रहा है परंतु सांख्यिकी का प्रयोग आंकड़ों को संख्यात्मक अथवा मात्रात्मक रूप में प्रस्तुत करने में मदद करता है। निर्वचन और निष्कर्ष प्रतिपादित करने की दृष्टि से गुणात्मक आंकड़ों को मात्रात्मक आंकड़ों के रूप में रूपांतसि करना नितांत आवश्यक होता है।
• सरलता
सांख्यिकीय पद्धतियों की सहायता से जटिल तथ्यों को सरल स्वरूप प्रदान किया जाता है, जिससे उनकी व्याख्या कर पाना सरल हो जाता है।
• सह-संबंध
सांख्यिकी के प्रयोग से विभिन्न तथ्यों के मध्य पाए जाने वाले सह-सबन्धों को आसानी से विश्लेषित व समझा जा सकता है।
• तुलनात्मक अध्ययन
सांख्यिकीय पद्धतियों का प्रयोग न केवल तथ्यों के मध्य सह-संबंधों को उजागर करता है अपितु यह उनके मध्य तुलना भी करता है। तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर विविध प्रकार के तथ्यों के संबंध में प्रभावी और यथार्थ जानकारी प्राप्त हो पाती है।
• व्यक्तिगत ज्ञान एवं अनुभव का संवर्धन
इससे व्यक्तिगत ज्ञान और अनुभव में भी बढ़ोतरी होती है। इसके द्वारा किसी भी समस्या अथवा घटना अथवा परिस्थिति की विवेचना सूक्ष्म और सरल तरीके से की जाती है, जिसके कारण उन्हें समझना और भी सरल हो जाता है। सांख्यिकी व्यक्ति के बौद्धिक विकास में सहायक की भूमिका निभाती है।
• सिद्धांतों एवं परिकल्पनाओं का परीक्षण
सांख्यिकी द्वारा इसी घटना-परिघटना के विस्तार और घनत्व का पता लगाया जा सकता है। साथ ही बेहतर तरीके से समझ विकसित हो जाने के कारण सिद्धांतों, अवधारणाओं और परिकल्पनाओं का परीक्षण, पुनर्परीक्षण और सत्यापन कार्य किया जा सकता है।
• भविष्य का पूर्वानुमान
सांख्यिकी समाज के तथ्यों के बारे में निश्चित और सटीक व्याख्या प्रस्तुत करने में सहायक होती है। इसकी सहायता से शोधकर्ता भूतकालीन और वर्तमान के तथ्यों के आधार भविष्य का पूर्वानुमान कर पाने में सक्षम हो जाता है।
• नीति निर्माण में सहायक
समाज कार्य शोध में न केवल किसी भी समस्या के कारकों का पता लगाया जाता है अपितु उनके निवारण हेतु सुझाव और उपाय भी प्रस्तावित किए जाते हैं। सांख्यिकी नीतियों के निर्धारण में सहयोग और सरलता प्रदान करती है क्योंकि योजनाओं का क्रियान्वयन व निर्माण सांख्यिकीय तथ्यों को आधार मानकर किया जाता है।
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