संचार के ढंग - Mode of Communication
संचार के ढंग - Mode of Communication
● वर्तमान समय में संचार की अनेक दंगों का उपयोग किया जा रहा है जो कि निम्नवत् है।
● जापन जापन विधि का प्रयोग अधिकतर आन्तरिक संचार के लिये किया जाता है जहाँ पर सदस्यों तथा सदस्यों से सम्बन्धित फर्म के मध्य संक्षिप्त रूप में सूचना का अदान-प्रदान होता है।
● पत्र वाहूय संचार के अधिकतर पत्रों के माध्यमों से सूचना अथवा सन्देश का आदान-प्रदान किया जाता है । यथा-आदेश, व्यापार से सम्बन्धित अभिलेख इत्यादि।
● फैक्स फैक्स भी संचार की विधि है जिसके द्वारा त्वरित सन्देश प्राप्तकर्ता तक पहुंचता है।
● ई-मेल: सूचनाओं प्रेषित किया जाता हस्तांतरित करके के लिये ई-मेल के द्वारा त्वरित एवं सुविधाजनक रूप में सन्देश को है।
सूचना सूचना भी संधार की एक प्रविधि है। उदाहरण के लिये किसी संगठन में कर्मचारियों को उनसे सम्बन्धित रोजगार, सुरक्षा, स्वास्थ्य, नियम, कानून तथा कल्याणकारी सुविधायें सूचनाओं द्वारा प्रदान की जाती है।
● सारांश: सारांश प्रविधिका प्रयोग संचार के लिये अधिकतर मीटिंग में किया गया जाता है।
● प्रतिवेदन प्रतिवेदन भी संचार की एक प्रविधि है यथा वित्तीय प्रतिवेदन समितियों की सिफारिशे, प्रौद्योगिकी प्रतिवेदन इत्यादि
● दूरभाष: मौखिक संचार के लिये दूरभाष का प्रयोग किया जाता है। दूरभाष प्रविधि का प्रयोग वहाँ पर अधिक किया जाता है जहाँ पर आमने सामने सम्पर्क स्थापित नहीं हो पाता है ।
● साक्षात्कार साक्षात्कार प्रविधि का प्रयोग कर्मचारियों के चयन उनकी प्रोन्नति तथा व्यक्तिगत विचार विमर्श के लिये किया जाता है।
● रेडियो एक निश्चित आवृत्ति पर रेडियो के द्वारा संचार को प्रेषित किया जाता है।
● टी. वी. का भी प्रयोग संचार के लिये किया जाता है। जिसे एक उचित नेटवर्क के द्वारा देखा व सुना जाता है।
● वीडियो कान्फ्रेन्सिंग: वर्तमान समय में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग एक महत्वपूर्ण विधि है। जिसमें फोन के तार के द्वारा वीडियो के साथ आवाज को सुना जा सकता है।
● इसके अतिरिक्त योजना, चित्र, नक्शा, चार्ट, ग्राफ आदि ऐसे ढंग है जिससे संचार को प्रेषित किया जाता है।
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