राष्ट्रीय शिक्षा नीति - National Education Policy

राष्ट्रीय शिक्षा नीति - National Education Policy

राष्ट्रीय शिक्षा नीति - National Education Policy


राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अब तक प्रमुख रूप से दो विस्तृत फ़लक के वक्तत्व रहे हैं अर्थात 1968 का और 1986 का वक्तव्य और बाद में इस नीति की समीक्षा की गई और संशोधन 1992 किया गया। राष्ट्रीय में शिक्षा नीति का प्रयोजन, राष्ट्रीय प्रगति का संवर्धन करना है जिससे कि हमारे संविधान में वर्णित समाजवाद, धर्म-निरिपेक्षता और लोकतंत्र के लक्ष्यों को प्रेरित किया जा सके, साझी नागरिकता और संस्कृति की भावना उत्पन्न की जा सकें तथा शिक्षा पद्धति के मूलभूत पुनर्निर्माण की जरूरत पर जोर देते हुए राष्ट्रीय एकता सुदृढ़ की जा सके। सभी स्तरों पर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और विज्ञान व प्रौद्योगिकी, नैतिक मूल्यों, शिक्षा तथा लोगों के मध्य निकट सम्बन्धों को प्रेरित किया जाना चाहिए।









राष्ट्रीय शिक्षा नीति असमाताएं दूर करने उन लोगों की विशिष्ट जरूरतों का ध्यान देकर सामान रूप से शैक्षिक अवसर प्रदान करने परजोर देती है जिन्हें अब तक समानता से वंचित रखा गया है। नीति जन साक्षरता अभियानों, उत्तर- साक्षरता और सतत् शिक्षा के व्यापक कार्यक्रमों नियोक्ताओं के माध्यम से श्रमिकों की शिक्षा, पुस्तकों, पुस्तकालयों, पठन कक्षों के व्यापक संवर्धन और सूचना शिक्षा तथा संचार तथा दूर शिक्षा के इस्तेमाल के माध्यम से प्रौढ़ शिक्षा पर जोर देती है।






राष्ट्रीय शिक्षा पद्धति को आकार देने में जो संस्थम महत्वपूर्ण भूमिका वहन करने के लिए सुदृढ़ किये जाएंगे, वे हैं- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और भारतीय चिकित्सा परिषद (IMC)। इन निकायों के मध्य समेकित नियोजन स्थापित किया जाएगा जिससे कि कार्यात्मक संपर्क स्थापित किए जा सके और अनुसंधान तथा स्नातकोत्तर शिक्षा के कार्यक्रम नियोजित किए जा सकें। ये, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान (NIEPA), राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और राष्ट्रीय प्रौढ़ शिक्षा संस्थान (NIAE) के साथ शैक्षिक नीति का कार्यान्वयन करने में सम्मिलित होंगी। वर्ष 1985 में स्थापित मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत के नागरिकों को शैक्षिक अवसर देने के लिए जिम्मेदार है। इसके दो विभाग हैं-विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग के अंतर्गत प्रमुख कार्यक्रम निम्न हैं -