शोध रिपोर्ट तैयार करने के उद्देश्य - Objectives of research report preparation

शोध रिपोर्ट तैयार करने के उद्देश्य - Objectives of research report preparation

शोध रिपोर्ट तैयार करने के उद्देश्य - Objectives of research report preparation


सामाजिक शोध में रिपोर्ट तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण कार्य होता है। साथ ही इसे तैयार करने के लिए काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता रहती है। यदि रिपोर्ट तैयार करने में असावधानी हुई तो इससे पूरे शोध की विश्वसनीयता पर ही सवालिया निशान खड़ा हो सकता है। रिपोर्ट से ही समाज को नवीन ज्ञान की प्राप्ति हो पाती है। इसके प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं


1. दस्तावेजीकरण: 


जैसा कि ऊपर भी बताया जा चुका है कि रिपोर्ट तैयार करने में पूरे शोध की क्रियाविधि, कार्यप्रणाली, निष्कर्ष आदि का विवरण वैज्ञानिक तरीके से लिपिबद्ध किया जाता है। रिपोर्ट का उद्देश्य दस्तावेज़ अथवा प्रलेख को तैयार करना होता है, जिसकी सहायता से ज्ञान में बढ़ोतरी हो सके। शोधकर्ता द्वारा शोध के सभी चरणों में काफी मेहनत की जाती है तथा उसकी यह मेहनत रिपोर्ट तैयार करने पर ही पूरी होती है। यह रिपोर्ट ही तय करता है कि उसका काम किस कोटि का है। अतः शोध के लेखे-जोखे को तैयार करते समय पर्याप्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।


2. उपयोगितावादी: 


रिपोर्ट का उद्देश्य शोध की सहायता से प्राप्त ज्ञान को समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाने का होता है। इन अर्थों में रिपोर्ट तैयार करके संग्रहीत ज्ञान को दूसरों को दिया जाना उपयोगितावादी परिप्रेक्ष्य का सूचक है।










3. योजनाओं का मूल्यांकन :


रिपोर्ट तैयार कर देने से हमारे पास एक दस्तावेज़ संचित हो जाता है, जो वैज्ञानिक विधियों और तकनीकों से संग्रहीत तथ्यों के आधार पर निर्मित किया गया होता है। इस प्रकार से कई योजनाओं की सफलता अथवा असफलता की जांच करना संभव हो जाता है। 


4. तथ्यों का संज्ञान कराना: 


रिपोर्ट का उद्देश्य समाज को शोध के निष्कर्षों और तथ्यों की वास्तविकता का संज्ञान कराना होता है। इसे इस प्रकार से तैयार किया जाता है कि पढ़ने वाले व्यक्ति को इसमें निहित समस्त विवरण और व्याख्या सरलता से समझ में आ जाएँ। 


5. अग्रिम शोधों के लिए उपयोगी: 


रिपोर्ट का एक उद्देश्य यह भी होता है कि इसमें निहित तथ्यों, निष्कर्षों और सुझावों के आधार पर भविष्य में किए जाने वाले शोधों में सहायता हो सके। 


रिपोर्ट लेखन का कार्य बहुत ही सावधानी का कार्य होता है। रिपोर्ट की अंतर्वस्तु में निम्नलिखित तत्वों को शामिल किया जाता है -