जनसंख्या स्थिरता कोष - population stability fund

जनसंख्या स्थिरता कोष - population stability fund

जनसंख्या स्थिरता कोष - population stability fund

राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग के अधीन गठित राष्ट्रीय जनसंख्या स्थिरीकरण कोष अप्रैल 2002 में परिवार कल्याण विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया तथा जून2003 में इसे जनसंख्या स्थिरता कोष नाम प्रदान किया गया। जून 2005 में इसे पुनर्गठित किया गया तथा स्वास्थ्य मंत्री को अध्यक्ष तथास्वास्थ्य सचिव को प्रबंधक समिति का प्रमुख बनाया गया। इसके कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति बाह्य क्षेत्र से करने का प्रावधान किया गया है जो सम कार्यों के प्रति जवाब देह होगा। 

जनसंख्या स्थिरता कोष के उद्देश्य हैं -







1. 2045 तक, धारणीय आर्थिक संवृद्धि सामाजिक विकास एवं पर्यावरण संरक्षणकी आवश्यकता के साथ जनसंख्या स्थिरीकरण के उद्देश्य को प्राप्त करना।


2. कॉन्ट्रासेप्टिव, और पुनर्उत्पादन और बाल स्वास्थ्य देखभाल की पूरी न हुई जरूरतों को पूरा करने के लिए योजनाओं, कार्यक्रमों, प्रोजेक्टों एवं नवोन्मेषों को प्रोत्साहित करना।


3. राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 के उद्देश्यों की प्राप्ति के दृष्टिगत् सरकार, निजी एवं स्वैच्छिक क्षेत्र में नवाचारी युक्तियों को प्रोत्साहित करना।


4. जनसंख्या स्थिरीकरण के राष्ट्रीय प्रयास के पक्ष में जोरदार जनआंदोलन के विकास में मदद करना।


5. राष्ट्रीय स्थिरीकरण के राष्ट्रीय कारणों को बढ़ावा देने के लिए वैयक्तिक, व्यापार संगठनों और देश के अंदर और बाहर अन्य लोगों के योगदान की प्रवाहित करने के लिए एक विंडो मुहैया कराना। 


कोष के उद्देश्यों को पूरा करने के दौरान धर्म जाति, समुदाय या वर्ग के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। नवीनतम व्यवस्था के तहत, जनसंख्या स्थिरता कोष की जनरल बॉडी की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा की जाती है।