योजना अथवा नियोजन - Schemes or Planning
योजना अथवा नियोजन - Schemes or Planning
योजना बनाना अथवा नियोजन उनके कार्यों की रूपरेखा तैयार करना है जिन्हें निष्पादित किया जाना है तथा उद्यम के लिए निर्धारित प्रयोजन की प्राप्ति हेतु पद्धति अथवा विधि को अपनाना है। नियोजन एक दृष्टिकोण, एक अभिवृत्ति और एक धारणा है जिसके अनुसार हमारे लिए अपने भाग्य का पहले से ही अनुमान करना, भविष्यवाणी करना, मार्गदर्शन करना और नियंत्रण करना सम्भव होता है। समाजिक नियोजन सक्षम, प्रभावी और जवाबदेह बनाने में मदद करता है। नियोजन हमारे वांछित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक है। कोई समाज कल्याण कार्यक्रम शुरू करने अथवा कोई अनुसंधान आरंभ करने से पहले रचनात्मक सूचना के साथ तथा जानकार व्यावसायिकों के साथ परामर्श करके उपयुक्त नियोजन बहुत जरूरी है। ‘क्या’, ‘कैसे’, और ‘क्यों' के उत्तर समाज कल्याण योजनाओं और कार्यक्रमों के सम्बन्ध में बेहतर विचार आवश्यक है।
नियोजन की प्रक्रिया में निम्नलिखित सोपानों का पालन करना जरूरी है -
1. उपयुक्त प्रयोजन तैयार करना
2. समस्या की पहचान करना
3. मौजूदा तथ्यों को इकट्ठा करना और समझना
4. उपलब्ध, तथ्यों का विश्लेषण करना शाति
5. उपयुक्त पद्धति तैयार करना
6. लक्ष्यों को संगठित करना और प्राथमिकताओं का पता लगाना
7. संसाधनों की खोज करना
8. अन्य विकल्प ढूंढना
9. सोचे गए अनेक विकल्पों के परिणामों की भविष्यवाणी करना
10. योजना तैयार करना
11. योजना की निष्पादित करना
12. परिणाम का मूल्यांकन करना और अधिक प्रभाविता के लिए पद्धतियाँ पुन: तैयार करना
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