इतिहास एवं मानवविज्ञान में समानताएँ - Similarities Between History and Anthropology
इतिहास एवं मानवविज्ञान में समानताएँ - Similarities Between History and Anthropology
इस प्रकार हम देखते हैं कि मानवविज्ञान वस्तुतः इतिहास की ही संतति है। अतः इतिहास से मानवविज्ञान को पूर्णतः पृथक करके नहीं देखा जा सकता। अब हम इतिहास एवं मानवविज्ञान की कुछ परिभाषाओं के परिप्रेक्ष्य में इनके सहसंबंध को देखने का प्रयास करेंगे।
ई.ए. होबल (E.A. Hoebel) ने अपनी कृति 'मैन इन प्रिमिटिव वर्ल्ड में मानवविज्ञान को परिभाषित करते हुए लिखा है- "मानवविज्ञान मानव एवं उसके संपूर्ण कार्यों का अध्ययन है।
राल्फ बील्स (Ralf Beals) के अनुसार “मानवविज्ञान मनुष्य के शारीरिक और सांस्कृतिक विकास के नियमों तथा सिद्धांतों का अनुसंधान करने वाला विज्ञान है।"
टी.के. पन्निमेन (Penniman) के अनुसार 'मानवविज्ञान मानव का विज्ञान है। एक दृष्टिकोण से यह प्राकृतिक इतिहास की एक शाखा है, जिनके अंतर्गत जीवन प्रकृति के क्षेत्र में मानव की उत्पत्ति और स्थान का अध्ययन आता है। दूसरे दृष्टिकोण से मानवविज्ञान इतिहास का विज्ञान है।"
फ्रेंज बोआस (Franz Bous) अनुसार "मानवविज्ञान मानव का अध्ययन एक सामाजिक के प्राणी के रूप में करता है।"
ई.ए. होबल (E.A. Hochel) के अनुसार- "सामाजिक मानवविज्ञान सामाजिक व्यवहार और सामाजिक समूहों के संगठन अथवा समाज रचना के अध्ययन पर अपना लक्ष्य केंद्रित करता है।"
अब हम इतिहास की कुछ परिभाषाओं का अध्ययन करेंगे।
सर चार्ल्स फर्थ के अनुसार इतिहास मानव समाज का लेखा जोखा है। यह बतलाता है, जिनसे समाज गुजरा है। यह उन विचारों को भी बतलाता है, जिसने समाज के क्रियाकलापों उन परिवर्तनों को तथा भौतिक दशाओं को प्रभावित किया है।" ए. एल. राउज (A. L. Rowse) के अनुसार "इतिहास प्रधानतः समाज में मानव का उसके भौगोलिक एवं भौतिक पर्यावरणों का लेखा-जोखा है। आर. जी. कॉलिंगवुड महोदय के अनुसार "इतिहास अतीत संबंधी मानवीय कार्यों का अध्ययन प्रो. गुस्तावन ने तो इतिहास को मानव ज्ञान की शिखर चोटी (Mountain Top Of Human Knowledge) की संज्ञा दी है।
मानवविज्ञान एवं इतिहास की उक्त परिभाषाओं का अध्ययन करें तो ये दोनों ही विषय एक दूसरे से पूरी तरह सहसंबंधित (Co-related) प्रतीत होते हैं। ई.ए. होबल की मानवविज्ञान की एवं कॉलिंगवुड की इतिहास की परिभाषाओं को देखें तो दोनों ही विषयों का संबंध मानवीय कार्यों के अध्ययन से है। होबल की सामाजिक मानवविज्ञान की परिभाषा एवं फ्रैंज बोआस की मानवविज्ञान की परिभाषा, चार्ल्स हार्डिंग फर्थ (Charles Harding Firth) एवं ए.एल. राउज की इतिहास की परिभाषाओं से मिलती जुलती हैं, जिनका प्रमुख केंद्र मानव समाज का अध्ययन है। इस प्रकार हम देखते हैं कि इतिहास एवं मानवविज्ञान की परिभाषाओं में स्थूल रूप से देखने पर समानताएँ दृष्टिगोचर होती हैं।
मानवविज्ञान के विस्तृत विषय क्षेत्र को देखते हुए सुविधा हेतु इसे चार भागों में विभाजित किया गया है। यह विभाजन निम्नानुसार हैं
1. सामाजिक सांस्कृतिक मानवविज्ञान
2. जैविक / शारीरिक मानवविज्ञान
3. प्रागैतिहासिक मानवविज्ञान
4. भाषा का मानवविज्ञान
मानवविज्ञान के उक्त विभाजन में जैविक शारीरिक मानवविज्ञान इतिहास से बहुत कुछ स्वतंत्र प्रतीत होता है, किंतु सामाजिक सांस्कृतिक मानवविज्ञान एवं प्रागैतिहासिक मानवविज्ञान इतिहास से घनिष्ठ रूप से संबद्ध दिखाई देता है। इतिहास की भाँति ही सामाजिक सांस्कृतिक मानवविज्ञान का विस्तार क्षेत्र भी व्यापक है, जिसमें समाज व्यवस्था, कला, साहित्य, धर्म एवं अर्थव्यवस्था का अध्ययन इतिहास की शाखा प्रागैतिहासिक एवं मानवविज्ञान की शाखा प्रागैतिहासिक मानवविज्ञान का किया जाता है। विषय क्षेत्र एक ही है। दोनों की समानता को देखते हुए उन्हें पृथक करना लगभग असंभव है।
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