सामाजिक लेखा विधि : Social Accounting Method:
सामाजिक लेखा विधि : Social Accounting Method:
सामाजिक लेखा विधि : Social Accounting Method:
प्रोफेसर रिचर्ड स्ट्रोन के अनुसार देश की जनसंख्या को आय के आधार पर विभिन्न वर्गों मैं बाँट दिया जाता है, प्रत्येक वर्ग के कुछ लोगों की आकी ज्ञात कर एक औसत निकाल लिया जाती है. उस वर्ग की कुल जनसंख्या को इस अनुमानित औसत आय से गुणा कर देने पर उस वर्ग की सम्पूर्ण आय ज्ञात हो जाती है. इसी प्रकार विभिन्न वर्गों द्वारा प्राप्त कुल आय का योग राष्ट्रीय आय होता है.
इस विधि का प्रयोग तभी संभव है जब सभी वर्गों के लोग तथा संस्थाएँ आपनी आय का सही हिसाब-किताब रखें. अर्धविकसित देशों में जहाँ इस प्रकार के हिसाब-किताब ठीक प्रकार से नहीं रखे जाते इस रीति का प्रयोग सीमित रहना स्वाभाविक है.
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