सामाजिक डार्विनवाद - social Darwinism
सामाजिक डार्विनवाद - social Darwinism
सामान्य बोलचाल में, संगठनों और सहकर्मियों के बीच गलाकाट प्रतियोगिता को सामाजिक डार्विनवाद कहा जाता है जिसमें टीम कार्य, समन्वय और सहयोग की गुंजाइश कम होती है। स्थूल स्तर पर निधिय की प्रणाली, प्रतियोगिता और सहयोग तथा संघर्ष स्थितियों का भी संवर्धन करती है जो स्वैच्छिक क्षेत्रों में पैदा होती हैं। संगठन के भीतर अहम-संघर्ष, विभिन्न व्यक्तित्व कारक, अनौपचारिक समूह संबंद्धता, कार्य करने की अनेक शैलियाँ ये सभी परस्पर निर्भरता और टीम कार्य तथा सेवा वितरण को भी बाधित करने का प्रयत्न करते हैं।
वार्तालाप में शामिल हों