सामाजिक नीति के उद्देश्य - Social Policy Objectives
सामाजिक नीति के उद्देश्य - Social Policy Objectives
सामाजिक नीति का लक्ष्य निश्चित सामाजिक लक्ष्यों प्राप्त करना होता है। प्रो. तरलोक सिंह (1968) ने सामाजिक नीति के उद्देश्यों के संबंध में तीन दृष्टिकोण बताएं है -
1. इसे उन कार्यक्रमों और उपायों के रूप में देखा जाना चाहिए जो समाज के वंचित तबकों के कल्याण एवं विकास, सामाजिक बदलाव एवं सुधारों तथा सामाजिक सेवाओं के विस्ता से जुड़े हैं।
2. इसे समाज के विभिन्न वर्गों के नजरिए से देखा जाना चाहिए (उनकी आकांक्षाओं और आवश्कताओं के नजरिए से)।
3. इसे एक समाज के विशेष वर्ग के विकास से देखा जाना चाहिए जो आगे चलकर पूरे समाज के विकास से जुड़ा हो।
सामाजिक नीति का उद्देश्य दोहरा है, जहां एक ओर यह समाज के सर्भी वर्गों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर इसका बल सामाजिक बदलाव को बढ़ावा देना और कल्याण में बाधक समस्याओं का निदान भी है। इसका उद्देश्य लोगों के जीवन में गुणात्मक वृद्धि, समान अवसर, संसाधनों तक समान पहुँच सामाजिक सेवाओं की व्यापक पहुँच उपलब्ध कराना, सशक्तिकरण करना है। इसमें मूलभूत मानवीय आवश्यकताओं- शिक्षा, आवास, पोषण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि की पूर्ति का भी समावेश है।
सामाजिक नीति के उद्देश्यों को निम्नानुसार बताया जा सकता है -
• सामाजिक समानता
• सामाजिक एकीकरण
• जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि
• सामाजिक न्याय की प्राप्ति
• संसाधनों का न्यायपूर्ण एवं समतापूर्ण वितरण एवं पुनर्वितरण
• अवसरों की समानता
• सामाजिक बदलाव
• कल्याण सेवाओं की उपलब्धता एवं लागत में कटौती
• विकेंद्रीकरण एवं सहभागिता
• सशक्तिकरण
• सामाजिक समस्याओं का निवारण
• सकारात्मक मानवीय संबंधों का विकास
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